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आठ दिन में 1000 से ज्यादा ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 700 मामले दर्ज : अमन अरोड़ा
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मोहाली। पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने शनिवार को बताया कि ड्रग्स पर युद्ध अभियान के दौरान 1000 से अधिक नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है तथा राज्य भर में लगभग 700 मामले दर्ज किए हैं।
इस अभियान के अंतर्गत की गई प्रगति और कार्रवाई की समीक्षा के लिए एसएएस नगर के जिला अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अरोड़ा ने राज्य में अब तक प्राप्त सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला, जिसमें केवल आठ दिनों में 50 किलोग्राम हेरोइन, 5 क्विंटल से अधिक चूरापोस्त, 30 किलोग्राम अफीम और 22 लाख रुपये से अधिक की ड्रग मनी की बरामदगी शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा तस्करों के पास केवल दो विकल्प हैं, या तो वे अपनी अवैध गतिविधियां बंद कर दें या पंजाब छोड़ दें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अमन अरोड़ा ने सभी सामाजिक-धार्मिक संगठनों, राजनीतिक दलों और गैर सरकारी संगठनों से इस अभियान में शामिल होने और गुरुओं, पीरों, संतों और योद्धाओं की भूमि पंजाब को बचाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है और एकजुट प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण लड़ाई को जीता जा सकता है।
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कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशा करने वालों के पुनर्वास के लिए भी कार्य योजना तैयार की है, ताकि उन्हें मरीजों की तरह माना जा सके। नशा मुक्ति केंद्रों और ओओएटी क्लीनिकों में आवश्यक व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने निजी हितों के लिए युवाओं को नशे की दलदल में धकेला है और मौजूदा सरकार नशे के पैसे से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस बैठक के दौरान अरोड़ा ने नशे के उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की गहन समीक्षा की।
इस बैठक में सांसद आनंदपुर साहिब मलविंदर सिंह कंग, विधायक कुलवंत सिंह और कुलजीत सिंह रंधावा, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सनी सिंह आहलूवालिया, पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल, पंजाब युवा विकास बोर्ड के चेयरमैन परमिंदर सिंह गोल्डी, जिला योजना समिति की चेयरपर्सन प्रभजोत कौर, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, एसएसपी दीपक पारीक और विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अरोड़ा ने डीसी मोहाली को बैठक के दौरान प्राप्त सभी सुझावों को लिखित रूप में उन्हें भेजने के निर्देश भी दिए ताकि सरकार के स्तर पर आगे नीतिगत निर्णयों पर विचार किया जा सके।
बाक्स
नशा कारोबारी का पंचायती जमीन से अवैध कब्जा गिराया।
गांव जंडपुर की नगर पंचायत की जमीन में नशा तस्कर पाल खान और उसके परिवार ने कई सालों से कब्जा किया हुआ था। शुरू में पाल खान ने सरकारी स्कूल के साथ लगती खाली जमीन में अपने पशु बांधने शुरू किए थे और धीरे-धीरे कब्जा करते हुए नगर पंचायत की लगभग 500 गज जमीन पर अवैध कब्जा करके पक्का मकान बना लिया था। उसके आगे सड़क के साथ जानवरों के बांधने के लिए शैड बना लिए थे। गांव जंडपुर नगर परिषद की सीमा में आने के बाद सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू हुआ तो नगर परिषद खरड़ ने पाल खान को कई नोटिस भेज कर सरकारी जमीन को खाली करने के लिए कहा, लेकिन पाल खान ने नगर परिषद द्वारा भेजे गए नोटिसों को नजरअंदाज कर दिया। खरड़ के डीएसपी कर्ण संधू ने बताया कि पाल खान व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आखिरी मुकदमा 2015 में खरड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।
गलत कार्रवाई की गई: पाल खान
पाल खान के परिवार के सदस्यों ने इस कार्यवाही को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ आज की गई कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है। गांव में चल रही पार्टीबाजी के कारण उनके मकान ढहाने की यह कार्यवाही खरड़ नगर परिषद ने की है। उनका परिवार इस गांव में लगभग 50 साल से रह रहा है। उनके बुजुर्ग पाल खान व उनकी पत्नी को पुलिस सुबह ही उठाकर खरड़ सदर पुलिस स्टेशन ले गई थी। बजुर्ग पाल खान की उमर 93 साल है।
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इस अभियान के अंतर्गत की गई प्रगति और कार्रवाई की समीक्षा के लिए एसएएस नगर के जिला अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अरोड़ा ने राज्य में अब तक प्राप्त सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला, जिसमें केवल आठ दिनों में 50 किलोग्राम हेरोइन, 5 क्विंटल से अधिक चूरापोस्त, 30 किलोग्राम अफीम और 22 लाख रुपये से अधिक की ड्रग मनी की बरामदगी शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा तस्करों के पास केवल दो विकल्प हैं, या तो वे अपनी अवैध गतिविधियां बंद कर दें या पंजाब छोड़ दें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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अमन अरोड़ा ने सभी सामाजिक-धार्मिक संगठनों, राजनीतिक दलों और गैर सरकारी संगठनों से इस अभियान में शामिल होने और गुरुओं, पीरों, संतों और योद्धाओं की भूमि पंजाब को बचाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है और एकजुट प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण लड़ाई को जीता जा सकता है।
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कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशा करने वालों के पुनर्वास के लिए भी कार्य योजना तैयार की है, ताकि उन्हें मरीजों की तरह माना जा सके। नशा मुक्ति केंद्रों और ओओएटी क्लीनिकों में आवश्यक व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने निजी हितों के लिए युवाओं को नशे की दलदल में धकेला है और मौजूदा सरकार नशे के पैसे से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस बैठक के दौरान अरोड़ा ने नशे के उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की गहन समीक्षा की।
इस बैठक में सांसद आनंदपुर साहिब मलविंदर सिंह कंग, विधायक कुलवंत सिंह और कुलजीत सिंह रंधावा, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सनी सिंह आहलूवालिया, पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल, पंजाब युवा विकास बोर्ड के चेयरमैन परमिंदर सिंह गोल्डी, जिला योजना समिति की चेयरपर्सन प्रभजोत कौर, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, एसएसपी दीपक पारीक और विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अरोड़ा ने डीसी मोहाली को बैठक के दौरान प्राप्त सभी सुझावों को लिखित रूप में उन्हें भेजने के निर्देश भी दिए ताकि सरकार के स्तर पर आगे नीतिगत निर्णयों पर विचार किया जा सके।
बाक्स
नशा कारोबारी का पंचायती जमीन से अवैध कब्जा गिराया।
गांव जंडपुर की नगर पंचायत की जमीन में नशा तस्कर पाल खान और उसके परिवार ने कई सालों से कब्जा किया हुआ था। शुरू में पाल खान ने सरकारी स्कूल के साथ लगती खाली जमीन में अपने पशु बांधने शुरू किए थे और धीरे-धीरे कब्जा करते हुए नगर पंचायत की लगभग 500 गज जमीन पर अवैध कब्जा करके पक्का मकान बना लिया था। उसके आगे सड़क के साथ जानवरों के बांधने के लिए शैड बना लिए थे। गांव जंडपुर नगर परिषद की सीमा में आने के बाद सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू हुआ तो नगर परिषद खरड़ ने पाल खान को कई नोटिस भेज कर सरकारी जमीन को खाली करने के लिए कहा, लेकिन पाल खान ने नगर परिषद द्वारा भेजे गए नोटिसों को नजरअंदाज कर दिया। खरड़ के डीएसपी कर्ण संधू ने बताया कि पाल खान व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आखिरी मुकदमा 2015 में खरड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।
गलत कार्रवाई की गई: पाल खान
पाल खान के परिवार के सदस्यों ने इस कार्यवाही को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ आज की गई कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है। गांव में चल रही पार्टीबाजी के कारण उनके मकान ढहाने की यह कार्यवाही खरड़ नगर परिषद ने की है। उनका परिवार इस गांव में लगभग 50 साल से रह रहा है। उनके बुजुर्ग पाल खान व उनकी पत्नी को पुलिस सुबह ही उठाकर खरड़ सदर पुलिस स्टेशन ले गई थी। बजुर्ग पाल खान की उमर 93 साल है।