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मोहाली नगर निगम अब गावों के मकान और दुकान मालिकों से भी वसूलेगा प्रॉपर्टी टैक्स
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मोहाली। नगर निगम के अधीन आने वाले गांव के लोग अब प्रॉपर्टी टैक्स देने से नहीं बच पाएंगे। नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की तैयारी कर ली है और इसके तहत अब गांव में सभी तरह की प्रॉपर्टी मकानों आदि की नगर निगम की तरफ से नंबरिंग की जाएंगी। इसके साथ ही उनको एक पहचान दी जाएगी और इसके बाद नगर निगम के पास जब पूरा रिकॉर्ड आ जाएगा तो प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की प्रक्रिया होगी। उम्मीद है कि छह गांवों से ही नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से करोड़ों रुपये की कमाई होगी। नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने गांव के मकानों पर नंबर देने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से अपना सारा रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। ताकि पता चल सके कि अपने गांवों में कितनी प्रॉपर्टी है।
जानकारी के मुुताबिक नगर निगम के अधीन कुछ साल पहले छह गांव आए थे। इनमें मोहाली गांव, मदनपुर, शाहीमाजरा, कुंभड़ा, मटौर और सोहाना शामिल हैं। उक्त गांवों में नगर निगम की तरफ से लोगों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। बाकायदा रोड नेटवर्क से लेकर पेवर तक लगाए जा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट से लेकर सफाई तक का काम करवाया जा रहा है। लेकिन उक्त एरिया से नगर निगम को उस हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली नहीं हो रही है, जिससे विकास के कामों पर भी असर पड़ता है।
इसके बाद यह मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया गया। जिसमें सामने आया कि घरों, दुकानों और शोरूमों आदि के नंबर आदि नहीं हैं। ऐसे में पहले हर गांव में प्रॉपर्टी को एक नंबर दिया जाएगा और इसके लिए बाकायदा मार्किंग करवाई जाएगी, ताकि निगम यह आंकलन कर सके कि उसके पास कितना प्रॉपर्टी टैक्स आएगा। इसी टैक्स के हिसाब से नगर निगम द्वारा उक्त इलाके के विकास की योजनाएं बनाई जाएगी। हालांकि प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर पूरे शहर वाले विरोध करते हैं।
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इस बारे में समाजसेवी हरदेव सिंह कहते हैं कि सरकार की योजनाओं के चलते आज हम खुद अपने मकान में किराएदार बनकर रह गए हैं। उनके मुताबिक जब उन्होंने मोहाली शहर की प्रॉपर्टी खरीदी थी, उस समय भी सबसे टैक्स दिया था। वहीं, अब प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर अन्य कई तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस दिशा में सोचना चाहिए।
शहर की 52 हजार प्रॉपर्टी का है निगम के पास रिकॉर्ड
जानकारी के मुुताबिक मोहाली नगर निगम के अधीन अभी तक 52,678 प्रॉपर्टीज आती हैं। जिनका पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के पास है। इनमें से 41,082 रिहायशी और 4,929 कॉमर्शियल हैं। वहीं, 1 683 इंडस्ट्रियल और 4,984 खाली प्लॉट हैं। इनमें से 24,406 प्रॉपर्टी से नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। निगम को सबसे ज्यादा प्रापर्टी टैक्स इंडस्ट्रियल एरिया से आता है। इसके बाद कॉमर्शियल एरिया शामिल है। हालांकि सरकारी विभागों से वसूली में कई तरह की दिक्कत आती है।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों विकल्प
जानकारी के मुुताबिक लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने में दिक्कत न आए। इसके लिए निगम की तरफ से ऑनलाइन और ऑफ्रलाइन दोनों विकल्प लोगों को दिए गए हैं। जिसका लोग खुद फायदा उठा सकते हैं।
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जानकारी के मुुताबिक नगर निगम के अधीन कुछ साल पहले छह गांव आए थे। इनमें मोहाली गांव, मदनपुर, शाहीमाजरा, कुंभड़ा, मटौर और सोहाना शामिल हैं। उक्त गांवों में नगर निगम की तरफ से लोगों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। बाकायदा रोड नेटवर्क से लेकर पेवर तक लगाए जा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट से लेकर सफाई तक का काम करवाया जा रहा है। लेकिन उक्त एरिया से नगर निगम को उस हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली नहीं हो रही है, जिससे विकास के कामों पर भी असर पड़ता है।
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इसके बाद यह मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया गया। जिसमें सामने आया कि घरों, दुकानों और शोरूमों आदि के नंबर आदि नहीं हैं। ऐसे में पहले हर गांव में प्रॉपर्टी को एक नंबर दिया जाएगा और इसके लिए बाकायदा मार्किंग करवाई जाएगी, ताकि निगम यह आंकलन कर सके कि उसके पास कितना प्रॉपर्टी टैक्स आएगा। इसी टैक्स के हिसाब से नगर निगम द्वारा उक्त इलाके के विकास की योजनाएं बनाई जाएगी। हालांकि प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर पूरे शहर वाले विरोध करते हैं।
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इस बारे में समाजसेवी हरदेव सिंह कहते हैं कि सरकार की योजनाओं के चलते आज हम खुद अपने मकान में किराएदार बनकर रह गए हैं। उनके मुताबिक जब उन्होंने मोहाली शहर की प्रॉपर्टी खरीदी थी, उस समय भी सबसे टैक्स दिया था। वहीं, अब प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर अन्य कई तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस दिशा में सोचना चाहिए।
शहर की 52 हजार प्रॉपर्टी का है निगम के पास रिकॉर्ड
जानकारी के मुुताबिक मोहाली नगर निगम के अधीन अभी तक 52,678 प्रॉपर्टीज आती हैं। जिनका पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के पास है। इनमें से 41,082 रिहायशी और 4,929 कॉमर्शियल हैं। वहीं, 1 683 इंडस्ट्रियल और 4,984 खाली प्लॉट हैं। इनमें से 24,406 प्रॉपर्टी से नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। निगम को सबसे ज्यादा प्रापर्टी टैक्स इंडस्ट्रियल एरिया से आता है। इसके बाद कॉमर्शियल एरिया शामिल है। हालांकि सरकारी विभागों से वसूली में कई तरह की दिक्कत आती है।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों विकल्प
जानकारी के मुुताबिक लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने में दिक्कत न आए। इसके लिए निगम की तरफ से ऑनलाइन और ऑफ्रलाइन दोनों विकल्प लोगों को दिए गए हैं। जिसका लोग खुद फायदा उठा सकते हैं।