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मंत्री साहब! कर्मचारी मात्र एक, कैसे होगी सफाई
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जीरकपुर। पांच लाख आबादी वाले इलाके के इकलौते अस्पताल सरकारी सीएचसी ढकोली में हर तरफ गंदगी है। अस्पताल में मात्र एक सफाईकर्मी है। इस कारण सफाई व्यवस्था सही नहीं है। डॉक्टर नहीं होने के कारण ऑपरेशन थिएटर बंद पड़ा है।
अस्पताल में शौचालय गंदे हैं और बदबू आ रही है। चेकिंग के दौरान पहली मंजिल पर बने बाथरूम ग्राउंड फ्लोर के मुकाबले कुछ ठीक दिखे। केवल गायनी वार्ड ही ऐसा वार्ड है जो 24 घंटे चलता है। वहां गद्दे फटे हुए हैं और बेडशीट बिखरी पड़ी है, ऐसे में मरीजों को समय बिताना मुश्किल हो जाता है। ऑपरेशन थिएटर अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन छत टपकने से पूरे फर्श पर पानी फैला हुआ है। अस्पताल में फर्श पर मिट्टी ही मिट्टी है, जैसे हफ्ते से झाड़ू लगा ही न हो। अस्पताल की पार्किंग पर पुलिस द्वारा जब्त किए वाहन खड़े हैं।
अस्पताल में केवल एक ही सफाई कर्मी कैसे होगी सफाई
नाम न छापने की शर्त पर अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में केवल एक ही सफाई कर्मी है। दो पद और हैं जो काफी समय से खाली पड़े हैं। एक सफाई कर्मचारी इतने बड़े अस्पताल की अकेला सफाई कैसे कर सकता है। हालंकि अस्पताल के स्टाफ ने अपने दम पर प्राइवेट तौर पर तीन सफाईकर्मी रखे हैं लेकिन वे भी ज्यादा देर टिकते नहीं क्योंकि इतने कम वेतन में कोई काम नहीं करना चाहता। अगर सफाई देखनी है तो स्टाफ पूरा करने के बाद सरकार चेक करे, हमें कोई समस्या नहीं है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हमारे गद्दे नए हैं। जो फटा है, उस पर हम चादर बिछाकर रखते हैं। जिस शौचालय की फोटो अपने खींची है, वह स्टोर रूम है जिसमें न तो स्टाफ और न ही मरीज जाते हैं। आप लोग अमृतसर वाली खबर से हमारे अस्पताल को क्यों जोड़ रहे हैं। डॉक्टरों को सॉफ्ट टारगेट समझकर निशाना बनाया जा रहा है। -डॉ. हरलीन कौर, एमओ (कार्यकारी एसएमओ), सीएचसी ढकोली
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अस्पताल में शौचालय गंदे हैं और बदबू आ रही है। चेकिंग के दौरान पहली मंजिल पर बने बाथरूम ग्राउंड फ्लोर के मुकाबले कुछ ठीक दिखे। केवल गायनी वार्ड ही ऐसा वार्ड है जो 24 घंटे चलता है। वहां गद्दे फटे हुए हैं और बेडशीट बिखरी पड़ी है, ऐसे में मरीजों को समय बिताना मुश्किल हो जाता है। ऑपरेशन थिएटर अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन छत टपकने से पूरे फर्श पर पानी फैला हुआ है। अस्पताल में फर्श पर मिट्टी ही मिट्टी है, जैसे हफ्ते से झाड़ू लगा ही न हो। अस्पताल की पार्किंग पर पुलिस द्वारा जब्त किए वाहन खड़े हैं।
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अस्पताल में केवल एक ही सफाई कर्मी कैसे होगी सफाई
नाम न छापने की शर्त पर अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में केवल एक ही सफाई कर्मी है। दो पद और हैं जो काफी समय से खाली पड़े हैं। एक सफाई कर्मचारी इतने बड़े अस्पताल की अकेला सफाई कैसे कर सकता है। हालंकि अस्पताल के स्टाफ ने अपने दम पर प्राइवेट तौर पर तीन सफाईकर्मी रखे हैं लेकिन वे भी ज्यादा देर टिकते नहीं क्योंकि इतने कम वेतन में कोई काम नहीं करना चाहता। अगर सफाई देखनी है तो स्टाफ पूरा करने के बाद सरकार चेक करे, हमें कोई समस्या नहीं है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हमारे गद्दे नए हैं। जो फटा है, उस पर हम चादर बिछाकर रखते हैं। जिस शौचालय की फोटो अपने खींची है, वह स्टोर रूम है जिसमें न तो स्टाफ और न ही मरीज जाते हैं। आप लोग अमृतसर वाली खबर से हमारे अस्पताल को क्यों जोड़ रहे हैं। डॉक्टरों को सॉफ्ट टारगेट समझकर निशाना बनाया जा रहा है। -डॉ. हरलीन कौर, एमओ (कार्यकारी एसएमओ), सीएचसी ढकोली