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पूर्व सांसद के गोद लिए गांव समेत कई सड़कों का बुरा हाल
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मोहाली। मोहाली शहर से सटे सारे गांवों की लिंक सड़कें जवाब दे गई हैं। इसमें पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा द्वारा गोद लिए गए गांव दाऊं से लेकर अन्य गांव शामिल हैं। गांवों की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। जहां गाड़ी तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। रात के समय तो स्थिति और भी खराब हो जाती है और हादसों का डर भी रहता है। कई बार इलाके के लोग इस संबंधी प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन सड़कों की कोई सुध नहीं ले रहा है।
अमर उजाला की टीम ने गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान देखा कि मोहाली-खरड़ नेशनल हाईवे पर पड़ते ऐतिहासिक गांव दाऊं की हालत खस्ता है। गांव के गुरुद्वारा साहिब में हर रविवार को हजारों की गिनती में संगत माथा टेकने आती हैं। गांव तक जाने के लिए बेशक दो रास्ते हैं पर दोनों रास्तों से लेकर गांव की फिरनी की सड़क खस्ता हाल हो चुकी है। एक सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं तो पर कुछ दिन पहले पत्थर और मिट्टी डालकर बाकी काम बीच में छोड़ दिया गया है। गांव की पंचायत अंदरूनी गलियों पर जरूर पेवर ब्लॉक लगवा रही है लेकिन फिरनी की सड़क का ध्यान कई सालों से नहीं दिया जा रहा है।
रायपुर में बस रही हैं कालोनियां, लेकिन घर तक पहुंचना नहीं आसान
गांव दाऊं से गांव रायपुर जाने वाली लिंक सड़क पर काफी खराब है। यहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखते हैं। वहीं गांव रायपुर की सड़क का भी बुरा हाल है। गांव की फिरनी की सड़क तो इससे भी ज्यादा खस्ता हाल है। बारिश के दिनों में पानी की निकासी न होने से सड़कों पर पानी भरा रहता है जिससे हादसे होने का डर रहता है। वहीं कई साल से सड़कों का निर्माण न होने के कारण गांववासियों में काफी रोष है। गांव रायपुर के साथ ही प्राइवेट कालोनियों विकसित हो रही है और वहां रहते लोगभी अपने घर आने-जाने के लिए टूटी सड़कों से निकल रहे हैं।
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गांव बड़माजरा समेत कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क में गड्ढे ही गड्ढे
नेशनल हाईवे से गांव बड़माजरा से होकर जुझार नगर, बेहलोलपर, झामपुर आदि गांवों को जाने वाले सड़क का भी बुरा हाल हो चुका है। बारिश के बाद कई दिन तक सड़क पर बने गड्ढों में कई दिन तक पानी भरा रहता है। यह एक ऐसी सड़क है जो कई गांवों को जोड़ती है, इसलिए लोग इसे बनाने की मांग कर रहे हैं। हाईवे से लेकर करीब एक किलोमीटर तक पेवर ब्लॉक वाली सड़क बनाने केे बाद आगे की सड़क नहीं बनाई गई है। बता दें कि कुछ माह पहले गांव बड़माजरा में सड़क बनाने का काम शुरू किया गया था परंतु ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म का माल इस्तेमाल करने पर लोगों ने काम बंद करवा दिया था जो आज तक शुरू नहीं हो सका है। सड़क नहीं बनने से गांववासी काफी परेशान हैं।
गांव जुझार नगर में हालत खराब
सरकारी स्कूल से जुझार नगर, बहलोलपुर, सेक्टर 39 वेस्ट कालोनी समेत कई गांवों को जाने वाली सड़क भी सिर्फ नाम की सड़क बनकर रह गई है। इस रास्ते में सड़क में भी गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। यह एक ऐसी सड़क है जो सीधे सेक्टर 39 वेस्ट से होकर मलोआ चंडीगढ़ जाती है। आबादी ज्यादा होने के बावजूद प्रशासन का ध्यान गांवों के विकास की ओर बिल्कुल भी नहीं है। गांव के लोग हर सरकार से गांव की स्थिति सुधारने की गुहार लगा चुके हैं परंतु किसी भी सरकार ने लोगों की नहीं सुनी।
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अमर उजाला की टीम ने गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान देखा कि मोहाली-खरड़ नेशनल हाईवे पर पड़ते ऐतिहासिक गांव दाऊं की हालत खस्ता है। गांव के गुरुद्वारा साहिब में हर रविवार को हजारों की गिनती में संगत माथा टेकने आती हैं। गांव तक जाने के लिए बेशक दो रास्ते हैं पर दोनों रास्तों से लेकर गांव की फिरनी की सड़क खस्ता हाल हो चुकी है। एक सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं तो पर कुछ दिन पहले पत्थर और मिट्टी डालकर बाकी काम बीच में छोड़ दिया गया है। गांव की पंचायत अंदरूनी गलियों पर जरूर पेवर ब्लॉक लगवा रही है लेकिन फिरनी की सड़क का ध्यान कई सालों से नहीं दिया जा रहा है।
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रायपुर में बस रही हैं कालोनियां, लेकिन घर तक पहुंचना नहीं आसान
गांव दाऊं से गांव रायपुर जाने वाली लिंक सड़क पर काफी खराब है। यहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखते हैं। वहीं गांव रायपुर की सड़क का भी बुरा हाल है। गांव की फिरनी की सड़क तो इससे भी ज्यादा खस्ता हाल है। बारिश के दिनों में पानी की निकासी न होने से सड़कों पर पानी भरा रहता है जिससे हादसे होने का डर रहता है। वहीं कई साल से सड़कों का निर्माण न होने के कारण गांववासियों में काफी रोष है। गांव रायपुर के साथ ही प्राइवेट कालोनियों विकसित हो रही है और वहां रहते लोगभी अपने घर आने-जाने के लिए टूटी सड़कों से निकल रहे हैं।
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गांव बड़माजरा समेत कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क में गड्ढे ही गड्ढे
नेशनल हाईवे से गांव बड़माजरा से होकर जुझार नगर, बेहलोलपर, झामपुर आदि गांवों को जाने वाले सड़क का भी बुरा हाल हो चुका है। बारिश के बाद कई दिन तक सड़क पर बने गड्ढों में कई दिन तक पानी भरा रहता है। यह एक ऐसी सड़क है जो कई गांवों को जोड़ती है, इसलिए लोग इसे बनाने की मांग कर रहे हैं। हाईवे से लेकर करीब एक किलोमीटर तक पेवर ब्लॉक वाली सड़क बनाने केे बाद आगे की सड़क नहीं बनाई गई है। बता दें कि कुछ माह पहले गांव बड़माजरा में सड़क बनाने का काम शुरू किया गया था परंतु ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म का माल इस्तेमाल करने पर लोगों ने काम बंद करवा दिया था जो आज तक शुरू नहीं हो सका है। सड़क नहीं बनने से गांववासी काफी परेशान हैं।
गांव जुझार नगर में हालत खराब
सरकारी स्कूल से जुझार नगर, बहलोलपुर, सेक्टर 39 वेस्ट कालोनी समेत कई गांवों को जाने वाली सड़क भी सिर्फ नाम की सड़क बनकर रह गई है। इस रास्ते में सड़क में भी गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। यह एक ऐसी सड़क है जो सीधे सेक्टर 39 वेस्ट से होकर मलोआ चंडीगढ़ जाती है। आबादी ज्यादा होने के बावजूद प्रशासन का ध्यान गांवों के विकास की ओर बिल्कुल भी नहीं है। गांव के लोग हर सरकार से गांव की स्थिति सुधारने की गुहार लगा चुके हैं परंतु किसी भी सरकार ने लोगों की नहीं सुनी।