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विधानसभा में गूंजा नीड बेस्ड पॉलिसी का मुद्दा: विधायक ने सरकार से किया सवाल, लोगों को मकान की नहीं मिल रही NOC
Tue, 04 Aug 2026 04:21 PM IST
शाहिल शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर, मोहाली
माई सिटी रिपोर्टर, मोहाली
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:21 PM IST
सार
विधायक कुलवंत सिंह ने सदन में कहा कि जब नीति पहले ही बन चुकी है तो उसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि फेज-1 से 11 तथा सेक्टर-66 से 73 तक कमर्शियल बूथों पर पहली मंजिल निर्माण की अनुमति देने संबंधी नीति भी जल्द लागू की जाए।
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कुलवंत सिंह, मोहाली विधायक
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मोहाली शहर के हजारों एलआईजी और एमआईजी फ्लैट मालिकों से जुड़ा नीड बेस्ड पॉलिसी का वर्षों पुराना मुद्दा मंगलवार को एक बार फिर पंजाब विधानसभा में गूंजा। मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से सवाल किया कि आखिर यह मामला कब तक सुलझेगा और लोगों को राहत कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से नीति बनने और संशोधन होने के बावजूद आज तक इसे लागू नहीं किया जा सका है, जिससे हजारों परिवार परेशान हैं।
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विधायक कुलवंत सिंह ने सदन में बताया कि करीब 50 वर्ष पहले हाउसिंग विभाग ने एलआईजी और एमआईजी फ्लैट बनाए थे। समय के साथ अधिकांश लोगों ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निर्माण कर लिया। इसी कारण उन्हें मकानों की एनओसी नहीं मिल रही है। न तो वे अपने मकान बेच पा रहे हैं, न ही बैंक में गिरवी रखकर ऋण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में चंडीगढ़ की तर्ज पर नीति बनाई गई थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण वह लागू नहीं हो सकी।
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इसके बाद 2015 में संशोधित नीड बेस्ड पॉलिसी लाई गई, जिसमें अतिरिक्त निर्माण को निर्धारित शुल्क लेकर नियमित करने का प्रावधान था, लेकिन बाद में वह भी वापस ले ली गई। अब संबंधित विभाग केवल समिति बनाकर विचार करने की बात कह रहा है।
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कुलवंत सिंह ने सदन में कहा कि जब नीति पहले ही बन चुकी है तो उसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि फेज-1 से 11 तथा सेक्टर-66 से 73 तक कमर्शियल बूथों पर पहली मंजिल निर्माण की अनुमति देने संबंधी नीति भी जल्द लागू की जाए।
आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने सदन को आश्वस्त किया कि नीड बेस्ड पॉलिसी को जल्द लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है और इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मंत्री के आश्वासन के बाद वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हजारों फ्लैट मालिकों में एक बार फिर उम्मीद जगी है।
अमर उजाला भी कई बार उठा चुका है यह मुद्दा
मोहाली के एलआईजी और एमआईजी फ्लैटों से जुड़ी नीड बेस्ड पॉलिसी का मुद्दा अमर उजाला भी समय-समय पर प्रमुखता से उठाता रहा है। अखबार ने हजारों फ्लैट मालिकों को एनओसी न मिलने, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और बैंक ऋण में आ रही दिक्कतों को लगातार प्रकाशित किया है। विधानसभा में मामला उठने और सरकार के आश्वासन के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह नीति जल्द लागू होगी और हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।