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Mohali News: डेराबस्सी किडनी कांड की जांच अब डीसी के हवाले

Wed, 05 Apr 2023 01:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 01:49 AM IST
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Investigation of kidney transplant case in private hospital of Derabassi now handed over to DC
डेराबस्सी के निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कांड की जांच अब डीसी के हवाले
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स्वास्थ्य मंत्री ने तय समय में रिपोर्ट बनाकर देने के निर्देश दिए, अस्पताल के खिलाफ तीन जांच कमेटी गठित
गिरफ्तार आरोपी राम नारायण तीन महीने पहले पैसे के लालच में आया था किडनी दान करने

संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। शहर के निजी इंडस इंटरनेशनल अस्पताल में एक व्यक्ति का नकली बेटा बनाकर किडनी देने का मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अब अस्पताल के खिलाफ तीन जांच कमेटी गठित करके जांच की जा रही है। इनमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने डीसी आशिका जैन को मामले की जांच करके निर्धारित समय में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के डीएमआरई विभाग ने एक कमेटी बनाई है, जो इस मामले में अस्पताल की मिलीभगत की जांच करेगी। इसके अलावा पुलिस इस मामले में पहले ही तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर चुकी है। जांच आगे जारी रखने के लिए मंगलवार को मोहाली में एसआईटी की पहली बैठक नवरीत सिंह विर्क एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में हुई। इसमें जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा हुई। बैठक में एसआईटी के अन्य दो सदस्य डेराबस्सी एएसपी डॉ. दर्पण कौर आहलूवालिया और थानाध्यक्ष जसकंवल सिंह सेखों भी मौजूद थे।
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पुलिस के मुताबिक तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें अस्पताल के किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के कोऑर्डिनेटर अभिषेक और यूपी निवासी राम नारायण शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि तीन महीने पहले राम नारायण खुद पैसे के लालच में अस्पताल में किडनी दान करने आया था। यहां वह अभिषेक के संपर्क में आया। इसके बाद वह अपनी किडनी दान करने के बजाय उनके गिरोह में शामिल हो गया। अस्पताल में किडनी के लिए आने वाले जरूरतमंद मरीजों से संपर्क कर राम नारायण खुद ही अस्पताल में सारी व्यवस्था करता था। इसके बाद वह सभी फर्जी दस्तावेज तैयार कर अस्पताल लाता था। दूसरा आरोपी अभिषेक पंचकूला के एक निजी अस्पताल में काम करता था, जहां उसके गलत कामों को देखकर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। अभिषेक ने कुछ दिन पहले डेराबस्सी की एक पॉश सोसायटी में नई कार और लाखों रुपये का फ्लैट खरीदा है। अभिषेक इस अस्पताल में दो साल से 45 हजार रुपये हर महीने पर नौकरी कर रहा था।
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इस संबंधी एएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने कहा कि मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अस्पताल की भूमिका की जांच की जा रही है। इसका जल्द खुलासा किया जाएगा।


यह है मामला
जानकारी के मुताबिक कपिल (28) पुत्र प्रेम कुमार निवासी सिरसा, हरियाणा ने पैसों के लालच में 53 वर्षीय सतीश तायल निवासी सोनीपत, हरियाणा का नकली बेटा अमन तायल (33) बनकर किडनी दी थी। किडनी 6 मार्च को इंडस इंटरनेशनल अस्पताल में ट्रांसप्लांट की गई थी। कपिल के मुताबिक नकली बेटा बनाने के दस्तावेज अस्पताल में कार्यरत कोऑर्डिनेटर अभिषेक ने तैयार किए थे। अभिषेक ने उसे किडनी के बदले 10 लाख रुपये देने की बात कही थी। कपिल का आरोप है कि किडनी निकलवाने के बाद उन्हें घर भेजने के बजाय सिर्फ साढ़े चार लाख रुपये देकर एक कमरे में बंद कर दिया गया था। साढ़े चार लाख रुपये में से उसने चार लाख रुपये अपने दोस्त की सलाह पर दोगुना करने के लालच में कहीं लगाकर गंवा दिए थे। इसके बाद कपिल ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर-112 पर शिकायत की और पुलिस ने उसे वहां से छुड़वाया और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
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