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Mohali News: ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में चल रही रेड चौथे दिन समाप्त
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नोट- इस खबर जुड़ी एक और खबर खरड़ से आनी है वह भी भेजी जाएगी।
सभी केंद्रों के ध्यानार्थ...
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ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में चार दिन चली आयकर विभाग की छापेमारी, पूरा रिकॉर्ड साथ ले गए
प्रोजेक्ट के डायरेक्टरों ने आयकर विभाग के कर्मचारियों पर लगाए धक्केशाही के आरोप
डायरेक्टर बोले - दफ्तर की महिला कर्मचारियों समेत किसी को बाहर नहीं जाने दिया
लगाया आरोप - स्टाफ के साथ की गई मारपीट, जबरन केस दर्ज करने की दीं धमकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर मौजूद ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट कमर्शियल प्रोजेक्ट पर आयकर विभाग की छापेमारी चौथे दिन रविवार को दिन में डेढ़ बजे समाप्त हुई। यह छापेमारी एक दिसंबर को सुबह पांच बजे ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने शुरू की थी जो लगातार चार दिन तक चली। इस दौरान जो भी स्टाफ अंदर था, वह अंदर ही रहा, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। किसी को भी न तो अंदर जाने दिया गया और न ही बाहर आने दिया। यहां तक कि प्रोजेक्ट के डायरेक्टर और वकीलों तक को अंदर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारी ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट प्रोजेक्ट के जरूरी दस्तावेज और शुरू से लेकर अब तक का पूरा रिकार्ड साथ ले गए हैं।
ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट से संबंधित पांच प्रोजेक्टों पर एकसाथ की थी छापेमारी
ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में जितने भी डायरेक्टर हैं, उन सभी के प्रोजेक्टों और घर पर एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। करीब 82 घंटे तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर उस शख्स से सख्ती से पूछताछ की गई और जो जहां था, उसे वहीं नजरबंद कर लिया गया। ऑक्सफोर्ड प्रोजेक्ट के डायरेक्टर नीरज कांसल ने बताया कि दफ्तर में मौजूद हर दस्तावेज को बारीकी से चेक किया गया और वे काफी दस्तावेज साथ भी ले गए हैं। इसके अलावा ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट प्रोजेक्ट के डायरेक्टर आशीष मित्तल और नीरज कांसल ने आयकर विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं कि उनके और उनके स्टफ के साथ बुरा व्यवहार किया गया है। नीरज कांसल ने यह भी आरोप लगाया कि आयकर विभाग ने उन्हें उनके वकीलों तक से नहीं मिलने दिया। वह घर में नजरबंद थे और उनका स्टाफ दफ्तर में। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी ने उनके और उनके स्टाफ के साथ जबरदस्ती की और उनके कर्मचारियों को धमकाया गया। साथ ही उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की धमकी भी दी गई। हमने उन्हें पूरा सहयोग किया लेकिन फिर भी हमारे साथ भद्दा व्यवहार किया गया है। डायरेक्टर नीरज कांसल ने बताया कि आयकर विभाग ने उनके पंचकूला, चंडीगढ़, जीरकपुर स्थित पांच प्रोजेक्टों पर एक साथ छापेमारी की थी। ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर कुल 8 से 10 टीमें जांच कर रही थीं और एक टीम में 15 से 20 अधिकारी और सीआरपीएफ मुलाजिम शामिल थे, जो दफ्तर के बाहर और अंदर मौजूद रहे।
परिजन भी किए नजरबंद
डायरेक्टर नीरज कांसल ने आरोप लगाया कि 82 घंटे तक उन्हें और उनके स्टाफ सहित परिजनों को नजरबंद रखा। साथ ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया है। मारपीट कर दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए और धमकाया कि अगर हस्ताक्षर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह घर पर नजरबंद थे। वहां छापेमारी रविवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे खत्म हुई तो वह दफ्तर पहुंचे तो उन्हें उनके ही दफ्तर में घुसने नहीं दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह छापेमारी किसी राजनीतिक दबाव के कारण की गई है तो इस पर डायरेक्टर नीरज कांसल ने जवाब देने से मना कर दिया।
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ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में चार दिन चली आयकर विभाग की छापेमारी, पूरा रिकॉर्ड साथ ले गए
प्रोजेक्ट के डायरेक्टरों ने आयकर विभाग के कर्मचारियों पर लगाए धक्केशाही के आरोप
डायरेक्टर बोले - दफ्तर की महिला कर्मचारियों समेत किसी को बाहर नहीं जाने दिया
लगाया आरोप - स्टाफ के साथ की गई मारपीट, जबरन केस दर्ज करने की दीं धमकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर मौजूद ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट कमर्शियल प्रोजेक्ट पर आयकर विभाग की छापेमारी चौथे दिन रविवार को दिन में डेढ़ बजे समाप्त हुई। यह छापेमारी एक दिसंबर को सुबह पांच बजे ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने शुरू की थी जो लगातार चार दिन तक चली। इस दौरान जो भी स्टाफ अंदर था, वह अंदर ही रहा, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। किसी को भी न तो अंदर जाने दिया गया और न ही बाहर आने दिया। यहां तक कि प्रोजेक्ट के डायरेक्टर और वकीलों तक को अंदर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारी ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट प्रोजेक्ट के जरूरी दस्तावेज और शुरू से लेकर अब तक का पूरा रिकार्ड साथ ले गए हैं।
ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट से संबंधित पांच प्रोजेक्टों पर एकसाथ की थी छापेमारी
ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में जितने भी डायरेक्टर हैं, उन सभी के प्रोजेक्टों और घर पर एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। करीब 82 घंटे तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर उस शख्स से सख्ती से पूछताछ की गई और जो जहां था, उसे वहीं नजरबंद कर लिया गया। ऑक्सफोर्ड प्रोजेक्ट के डायरेक्टर नीरज कांसल ने बताया कि दफ्तर में मौजूद हर दस्तावेज को बारीकी से चेक किया गया और वे काफी दस्तावेज साथ भी ले गए हैं। इसके अलावा ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट प्रोजेक्ट के डायरेक्टर आशीष मित्तल और नीरज कांसल ने आयकर विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं कि उनके और उनके स्टफ के साथ बुरा व्यवहार किया गया है। नीरज कांसल ने यह भी आरोप लगाया कि आयकर विभाग ने उन्हें उनके वकीलों तक से नहीं मिलने दिया। वह घर में नजरबंद थे और उनका स्टाफ दफ्तर में। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी ने उनके और उनके स्टाफ के साथ जबरदस्ती की और उनके कर्मचारियों को धमकाया गया। साथ ही उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की धमकी भी दी गई। हमने उन्हें पूरा सहयोग किया लेकिन फिर भी हमारे साथ भद्दा व्यवहार किया गया है। डायरेक्टर नीरज कांसल ने बताया कि आयकर विभाग ने उनके पंचकूला, चंडीगढ़, जीरकपुर स्थित पांच प्रोजेक्टों पर एक साथ छापेमारी की थी। ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर कुल 8 से 10 टीमें जांच कर रही थीं और एक टीम में 15 से 20 अधिकारी और सीआरपीएफ मुलाजिम शामिल थे, जो दफ्तर के बाहर और अंदर मौजूद रहे।
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परिजन भी किए नजरबंद
डायरेक्टर नीरज कांसल ने आरोप लगाया कि 82 घंटे तक उन्हें और उनके स्टाफ सहित परिजनों को नजरबंद रखा। साथ ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया है। मारपीट कर दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए और धमकाया कि अगर हस्ताक्षर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह घर पर नजरबंद थे। वहां छापेमारी रविवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे खत्म हुई तो वह दफ्तर पहुंचे तो उन्हें उनके ही दफ्तर में घुसने नहीं दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह छापेमारी किसी राजनीतिक दबाव के कारण की गई है तो इस पर डायरेक्टर नीरज कांसल ने जवाब देने से मना कर दिया।
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