{"_id":"5e0ba6af8ebc3e87b75cacc0","slug":"if-you-do-not-separate-wet-and-dry-waste-you-will-be-fined-five-thousand-mohali-news-pkl361690056","type":"story","status":"publish","title_hn":"गीला-सूखा कूड़ा अलग न किया तो लगेगा पांच हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गीला-सूखा कूड़ा अलग न किया तो लगेगा पांच हजार का जुर्माना
विज्ञापन
मोहाली। स्वच्छ भारत सर्वे 2020 में मोहाली शहर की रैंकिंग बढ़िया आए, इसे लेकर नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। निगम ने तय किया है कि अब गीला-सूूखा कूड़ा लोगों को अलग करके ही कूड़े ले जाने वाले को या डंपिंग साइट पर डालना होगा। वहीं ऐसा नहीं करने पर नगर निगम उन लोगों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाएगा। इस मुहिम संबंधी नगर निगम के मुलाजिम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश यही है कि मोहाली को देश का सबसे सुंदर शहर बनाया जाए। इसके तहत ही सारे प्रयास किए जा रहे हैं।
मोहाली पूरे पंजाब का मॉडल शहर है। यहां मशीनों द्वारा सफाई करवाई जाती है। इस पर निगम हर माह लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन स्वच्छ भारत में मोहाली की रैंकिंग में लगातार गिरावट आ रही है। टॉप 100 शहरों में मोहाली कभी अपना स्थान नहीं बना पाया है। इतना ही नहीं, 2019 में तो मोहाली की रैंकिंग पंजाब में भी गिर गई थी। स्वच्छ भारत में शहर की रैंकिंग कैसे सुधरे, यह मोहाली नगर निगम के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी है। ऐसे में मोहाली की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूखे-गीले कूड़े को अलग करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था जो कामयाब रहा था। अब इस प्रोजेक्ट को पूरे शहर में लागू किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत घरों से कूड़ा उठाने वाले भी अलग-अलग कूड़ा लेंगे। इसके लिए स्पेशल रेहड़ियां बनाई गई हैं।
पालतू जानवरों की गंदगी भी खुद उठानी होगी
अब शहर में अपने साथ पार्कों और मार्केटों में पालतू जानवरों को ले जाने वाले लोगों को उनकी गंदगी भी उठानी होगी, नहीं तो नगर निगम की तरफ से उन पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने लोगों को जागरूक करने के लिए बाकायदा ओडियो मैसेज तैयार किए हैं जो विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यमों से लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली पूरे पंजाब का मॉडल शहर है। यहां मशीनों द्वारा सफाई करवाई जाती है। इस पर निगम हर माह लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन स्वच्छ भारत में मोहाली की रैंकिंग में लगातार गिरावट आ रही है। टॉप 100 शहरों में मोहाली कभी अपना स्थान नहीं बना पाया है। इतना ही नहीं, 2019 में तो मोहाली की रैंकिंग पंजाब में भी गिर गई थी। स्वच्छ भारत में शहर की रैंकिंग कैसे सुधरे, यह मोहाली नगर निगम के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी है। ऐसे में मोहाली की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूखे-गीले कूड़े को अलग करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था जो कामयाब रहा था। अब इस प्रोजेक्ट को पूरे शहर में लागू किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत घरों से कूड़ा उठाने वाले भी अलग-अलग कूड़ा लेंगे। इसके लिए स्पेशल रेहड़ियां बनाई गई हैं।
विज्ञापन
पालतू जानवरों की गंदगी भी खुद उठानी होगी
अब शहर में अपने साथ पार्कों और मार्केटों में पालतू जानवरों को ले जाने वाले लोगों को उनकी गंदगी भी उठानी होगी, नहीं तो नगर निगम की तरफ से उन पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने लोगों को जागरूक करने के लिए बाकायदा ओडियो मैसेज तैयार किए हैं जो विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यमों से लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील की है।
विज्ञापन