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सड़क हादसे में चली गई थी टांगें तो व्हील चेयर पर ही पहुंचे किसान संघर्ष में
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खरड़। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के तीन नए कानूनों को रद्द करवाने के लिए किसान रात-दिन डटे हुए हैं। इसके मद्देनजर किसानों को सहयोग देने के लिए एक सड़क हादसे में अपनी दोनों टांगें गंवाने वाले गांव घडुआं निवासी 34 वर्षीय अमनदीप सिंह भी अपना किसानी के लिए अपना जज्बा दिखाने से पीछे नहीं रहे। अमनदीप सिंह अपनी व्हील चेयर पर सुबह 6 बजे ही खरड़ बस स्टैंड चौक पर पहुंच गए और अंत तक किसानों के रोष प्रदर्शन में बैठे रहे।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ और किसानों के पक्ष में नारेबाजी भी की। उनके साथ हुए हादसे के बारे में पूछने पर अमनदीप सिंह ने बताया कि वह गांव घडुआं के नजदीक एक ढाबा चलाते हैं। इसी 2 जनवरी को सुबह वह अपनी जीप से मोरिंडा बाईपास पर जा रहे थे। तभी अचानक धुंध होने के कारण उनकी जीप एक कार से टकरा गई। उन्होंने जीप से नीचे उतर कर देखा तो दोनों ही वाहनों को कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। इसलिए वह कार वाले से समझौता करके वापस अपनी जीप के पास आ रहे थे कि अचानक पीछे से आ रही एक अन्य जीप वाले ने उनको टक्कर मार दी। जीप की टक्कर से वह सड़क पर नीचे गिर गए। लेकिन आरोपी जीप चालक ने उन्हें उठाने की बजाए कुछ क्षण वहीं रुक कर दोबारा जीप भगा ली और उनकी टांगों के ऊपर से उतार कर ले गया। इससे उनकी दोनों टांगे बुरी तरह कुचली गईं, इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी एक टांग घुटने से नीचे तक काट दी गई ओर दूसरी कुचली गई टांग के कई ऑपरेशन करने के बाद उसे कटने से बचा लिया गया। लेकिन इस दौरान टांग में पड़ी लोहे की कई राड के कारण उसकी पूरी टांग में पैरों तक सूजन है।
अमनदीप सिंह किसान आंदोलन के इस प्रदर्शन में अपने एक रिश्तेदार और एक सहयोगी की मदद से कार में खरड़ बस स्टैंड पहुंचे थे और फिर कार से उतर कर दिन भर व्हील चेयर पर संघर्ष में ही बैठे रहे। किसानी के प्रति अमनदीप सिंह का यह रुझान देखकर यहां प्रदर्शनकारी किसान उनके हौसले की तारीफ करते रहे और किसानों के प्रति उनके सहयोग की बेहद प्रशंसा की।
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इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ और किसानों के पक्ष में नारेबाजी भी की। उनके साथ हुए हादसे के बारे में पूछने पर अमनदीप सिंह ने बताया कि वह गांव घडुआं के नजदीक एक ढाबा चलाते हैं। इसी 2 जनवरी को सुबह वह अपनी जीप से मोरिंडा बाईपास पर जा रहे थे। तभी अचानक धुंध होने के कारण उनकी जीप एक कार से टकरा गई। उन्होंने जीप से नीचे उतर कर देखा तो दोनों ही वाहनों को कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। इसलिए वह कार वाले से समझौता करके वापस अपनी जीप के पास आ रहे थे कि अचानक पीछे से आ रही एक अन्य जीप वाले ने उनको टक्कर मार दी। जीप की टक्कर से वह सड़क पर नीचे गिर गए। लेकिन आरोपी जीप चालक ने उन्हें उठाने की बजाए कुछ क्षण वहीं रुक कर दोबारा जीप भगा ली और उनकी टांगों के ऊपर से उतार कर ले गया। इससे उनकी दोनों टांगे बुरी तरह कुचली गईं, इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी एक टांग घुटने से नीचे तक काट दी गई ओर दूसरी कुचली गई टांग के कई ऑपरेशन करने के बाद उसे कटने से बचा लिया गया। लेकिन इस दौरान टांग में पड़ी लोहे की कई राड के कारण उसकी पूरी टांग में पैरों तक सूजन है।
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अमनदीप सिंह किसान आंदोलन के इस प्रदर्शन में अपने एक रिश्तेदार और एक सहयोगी की मदद से कार में खरड़ बस स्टैंड पहुंचे थे और फिर कार से उतर कर दिन भर व्हील चेयर पर संघर्ष में ही बैठे रहे। किसानी के प्रति अमनदीप सिंह का यह रुझान देखकर यहां प्रदर्शनकारी किसान उनके हौसले की तारीफ करते रहे और किसानों के प्रति उनके सहयोग की बेहद प्रशंसा की।
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