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ऐसे कैसे मिलेगी कोरोना से मुक्ति, लोग उड़ा रहे सेफ्टी गाइड लाइन की धज्जियां

Fri, 31 Jul 2020 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 02:15 AM IST
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How to get rid of Corona in this way, people are flying the safety guide line
मोहाली। जिला सेहत विभाग ने लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक करने में पूरी ताकत झोंक रखी है। लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही करके खुद ही सोशल डिस्टेंस के नियम को तोड़ रहे हैं। जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।
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जी हां, सिविल अस्पताल फेज-6 में आलम यह है कि सेहत विभाग की ओर से कोरोना से बचने के लिए जगह-जगह जागरूकता पोस्टर और बोर्ड लगाए हुए हैं, और अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से लोगों को बार-बार सोशल डिस्टेंस बनाए रखने और मास्क पहनने की हिदायत दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद लोग सोशल डिस्टेंस नहीं बना रहे हैं।
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भला ऐसे में हम कोरोना को कैसे हरा पाएंगे। ऐसी स्थिति मुख्य अस्पताल से लेकर मदर चाइल्ड केयर तक आसानी से देखी जा सकती है। यहां अस्पताल में आने वाले लोग एक दूसरे से तकरीबन सट कर खड़े होते हैं और कई तो मास्क भी नहीं पहने होते।
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इस बारे में फेज-6 निवासी रूपिंदर कौर ने कहा कि अस्पताल का स्टाफ बढ़िया है। ऐसे में लोग दवाई लेने के लिए यहां आते हैं। ज्यादातर लोग मोहाली शहर के पास के गांवों और कॉलोनियों के होते हैं। जो कि डॉक्टरों के कहने के बावजूद भी सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन नहीं करते।
फेज-6 निवासी लाल सिंह ने बताया मैं फेज-6 में लंबे समय से रह रहा हूं। मेरे परिवार के लोग सरकारी अस्पताल से ही इलाज करवाते हैं। लॉकडाउन के दौरान भी अस्पताल में आने वाले लोगों की भीड़ कम नहीं हुई, बल्कि ओर बढ़ी है। मोहाली प्रशासन को चाहिए कि इस इकलौते सरकारी अस्पताल में बहुत संख्या में आने वाले मोहाली के आस-पास के इलाकों के मरीजों का बोझ कम किया जाए।

सरकारी अस्पताल की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरीत कौर से जब लोगोें की ओर से अस्पताल में कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की शुरूआत से ही अस्पताल की पूरी टीम मिलकर लाखों लोगों को इलाज और टेस्टिंग कर चुकी है। 24 मार्च से ही अस्पताल के बाहर एक बोर्ड लगा दिया गया था। जिसमें लोगों को ज्यादा इमरजेंसी होने पर ही अस्पताल आने को कहा गया है। वहीं लोगों को आम बीमारी के लिए भी फेजों में बनी डिस्पेंसरी जहां डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद है, वहां जाने के लिए कहा गया है। लेकिन लोग वहां न जाकर मोहाली अस्पताल की और भागे आते हैं। ऐसे में अगर मरीजों को कुछ दिन ठहर कर इलाज करवाने को बोला जाता है तो लोग डॉक्टरों से झगड़ा और बुरा व्यवहार तक करते हैं।
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