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फर्नीचर मार्केट : दिनभर जाम, पीक टाइम में बिगड़ जाते हैं हालात

Wed, 11 Feb 2026 01:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:43 AM IST
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Furniture Market: Jams throughout the day, worsening during peak hours
जीरकपुर। बलटाना फर्नीचर मार्केट में दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। कहा जाए कि जाम का दूसरा नाम फर्नीचर मार्केट है। सुबह-शाम पीक टाइम में यह समस्या गहरा जाती है। इस रास्ते से दिनभर में हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इनमें बाइक, ऑटो, कार से लेकर सिटी बस और स्कूल बस भी शामिल हैं। वाहन चालकों के मुताबिक फर्नीचर मार्केट में दुकानों के आगे पार्क वाहन, दुकानों के बाहर रखा सामान और सड़क पर वाहनों में सामान लोड करने के कारण ही जाम के हालात पैदा होते हैं।
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स्थानीय लोगों के अनुसार के-एरिया लाइट पॉइंट से लेकर गुरुद्वारा मोड़ तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में सबसे अधिक जाम लगता है। कई बार वाहन चालकों को लंबी कतार में फंसना पड़ता है, इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण एंबुलेंस और दमकल वाहनों के लिए भी रास्ता निकालना मुश्किल हो जाता है।
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सुबह ऑफिस जाने के समय यहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार तो 10-15 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। ऐसा नहीं है कि नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस को यहां के हालात पता नहीं है। दोनों विभाग बलटाना के हालात जानते हैं। -रविंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
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फर्नीचर मार्केट में भारी सामान आता है, इसलिए लोडिंग जरूरी है, लेकिन इसके लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। सड़क पर वाहन खड़े होने से ग्राहकों और राहगीरों दोनों को परेशानी होती है। यह रास्ता जीरकपुर से सीधा जोड़ता है। इस कारण वाहनों का आवागमन भी अधिक होता है। - अमित शर्मा, स्थानीय निवासी




जाम के कारण हमें सवारी छोड़ने में देरी होती है। कई बार लोग किराया कम देने लगते हैं, क्योंकि उन्हें देर हो जाती है। जाम में फंसे रहने से डीजल की खपत अधिक होती है। समय भी बर्बाद होता है। यहां के हालात नहीं सुधर रहे। -राजेश कुमार, ऑटो चालक



बच्चों की बस को निकालना मुश्किल हो जाता है। अगर अचानक ब्रेक लगानी पड़े तो हादसे का खतरा रहता है। बस में बच्चे रहते हैं। दो पहिया वाहन चालकों को थोड़ी जगह मिलते ही घुस जाते हैं। मजबूरी यह है कि बच्चों को स्कूल से लेने भी जाना है और घर छोड़ने भी। -संजय, बस चालक


नगर परिषद की पूरी कोशिश रहती है कि बलटाना में जाम न लगे। हमारी एनक्रॉचमेंट की टीम लगातार जाकर रोड पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाती है। फिर भी लोग सड़क पर अतिक्रमण कर रहे हैं तो जल्द ही हटवा दिया जाएगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर
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