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डीसी आफिस के बाहर संघर्ष पर चल रहे किसानों ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
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मोहाली। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से एनएच-205 ए के लिए एक्वायर की जा रही जमीन का मामला गर्माया हुआ है। किसान सरकार द्वारा दिए जा रहे जमीन के दाम को कम बताकर सोलह दिन से संघर्ष की राह पर है।
उनका आरोप है कि सरकार और विधायक किसानों की सुध नहीं ले रहे हैं। विधायक एसी वाले कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जबकि अन्नदाता सड़कों पर धक्के खा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन को एक हफ्ते में सीएम से मुलाकात करवाने का अल्टीमेटम दिया है। वरना संयुक्त किसान मोर्चे के तहत बड़ा एक्शन लिया जाएगा।
किसान नेता रणबीर सिंह गरेवाल, पूर्व सरपंच गुरमुख सिंह लांडरां, जसपाल सिंह नियामिया, जसवंत सिंह माणकमाजरा ने बताया कि जिला पेरीफेरी एक्ट के अधीन आता है। ऐसे में अधिगृहीत की जाने वाली जमीन का एक सामान ही दाम होना चाहिए। किसानो को प्रति एकड़ सात से नौ करोड़ मुआवजा मिलना चाहिए। प्रशासन जमीन का कम अवार्ड सुनकार धक्का कर रहा है। किसानों ने जब तीस मई को डीसी आफिस के गेट बंद किए तो उस समय प्रशासन ने एक हफ्ते में सीएम से बैठक करवाने का भरोसा दिया था लेकिन फिर भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। किसान भीषण गर्मी, बारिश, तूफान व अपने हकों के लिए लड़ रहे हैं। इस मौके पर सुरिंदर सिह दुसारना, जसविंदर सिंह ढेलपुर, परमवीर सिंह फतेहगढ़, राणा झंजेड़ी, नाजर सिंह, जसवीर सिंह व बेअंत सिंह ढेलपुर हाजिर थे।
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उनका आरोप है कि सरकार और विधायक किसानों की सुध नहीं ले रहे हैं। विधायक एसी वाले कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जबकि अन्नदाता सड़कों पर धक्के खा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन को एक हफ्ते में सीएम से मुलाकात करवाने का अल्टीमेटम दिया है। वरना संयुक्त किसान मोर्चे के तहत बड़ा एक्शन लिया जाएगा।
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किसान नेता रणबीर सिंह गरेवाल, पूर्व सरपंच गुरमुख सिंह लांडरां, जसपाल सिंह नियामिया, जसवंत सिंह माणकमाजरा ने बताया कि जिला पेरीफेरी एक्ट के अधीन आता है। ऐसे में अधिगृहीत की जाने वाली जमीन का एक सामान ही दाम होना चाहिए। किसानो को प्रति एकड़ सात से नौ करोड़ मुआवजा मिलना चाहिए। प्रशासन जमीन का कम अवार्ड सुनकार धक्का कर रहा है। किसानों ने जब तीस मई को डीसी आफिस के गेट बंद किए तो उस समय प्रशासन ने एक हफ्ते में सीएम से बैठक करवाने का भरोसा दिया था लेकिन फिर भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। किसान भीषण गर्मी, बारिश, तूफान व अपने हकों के लिए लड़ रहे हैं। इस मौके पर सुरिंदर सिह दुसारना, जसविंदर सिंह ढेलपुर, परमवीर सिंह फतेहगढ़, राणा झंजेड़ी, नाजर सिंह, जसवीर सिंह व बेअंत सिंह ढेलपुर हाजिर थे।
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