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Mohali News: बिजली, पानी, जर्जर रोड, जाम और आपराधिक घटनाओं ने जीना किया दुश्वार
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जीरकपुर। बलटाना क्षेत्र में कई कॉलोनियां हैं। यहां की वोट 35 हजार है। सरकार को विभिन्न टैक्स देने के बाद भी यहां के हजारों लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। पेयजल, बिजली, सड़क और रेलवे फाटक पर जाम के अलावा आए दिन होने वाली आपराधिक घटनाएं इसमें मुख्य हैं। शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। लोगों ने अपनी समस्याओं को अमर उजाला के पंचकूला कार्यालय में आयोजित संवाद में प्रमुखता से उठाया। लोगों का कहना था कि बलटाना की जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए हमेशा सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है। सहयोग सेवा फाउंडेशन बलटाना के प्रवक्ता गुरबिंदर सिंह संधू समेत अन्य सदस्यों ने बलटाना रेलवे फाटक पर अंडरब्रिज बनाने, बिजली, पानी से लेकर लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
संस्था के प्रवक्ता ने कहा कि 2022 के आकलन के अनुसार बलटाना रेलवे फाटक से दिनभर में एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इनमें एंबुलेंस, दमकल विभाग की गाड़ी और पुलिस वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों को आपातकालीन स्थिति में घटनास्थल पर पहुंचना होता है, लेकिन फाटक बंद रहने पर अकसर जाम में फंस जाते हैं। इससे घटनास्थल पर समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। स्कूली वाहनों, दफ्तर जाने वाले लोगों को ट्रेन आने पर फाटक पर रुकना पड़ता है। इस कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है। यह सिलसिला सालों से लगातार चल रहा है। नियमित रूप से इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ट्रेनों के आवागमन की वजह से फाटक 30 से 35 मिनट तक बंद रहता है। इसलिए बलटाना की जनता जल्द से जल्द अंडरब्रिज बनाने की मांग करती है।
सीसीटीवी कैमरे शुरू करवाए जाएं
बलटाना में मौजूद तीन प्रमुख निकासी केंद्र हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इनमें से प्रमुख हरमिलाप नगर रेलवे फाटक, रविंद्रा एनक्लेव का मोड़ और ट्रिब्यून कॉलोनी से आगे सुखना चो की तरफ जाने वाला मोड़ है। इन तीनों मुख्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो
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अपराधिक घटना को अंजाम देने वालों को आसानी से पहचान कर काबू किया जा सकता है। फर्नीचर मार्केट की तरफ जाने वाले रास्ते पर पंकज मशाले के आगे लगा सीसीटीवी कैमरा बंद है उसे भी चालू कराया जाए। -आरके हांडा, निवासी बलटाना
किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराएं
शहर में कानून व्यवस्था खराब हो चुकी है। अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बलटाना क्षेत्र में भारी संख्या में किराएदार रहते हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत से अधिक किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराई गई है। पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाकर हर घर में पहुंचकर जहां पर भी कोई किराएदार रहता है, उसकी पुलिस वेरिफिकेशन कराई जाए। -मुकेश कुमार एडवोकेट
शिकायत पर नहीं होती सुनवाई
बलटाना फाटक से लेकर के-एरिया मोड़ तक जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसका मुख्य कारण दुकानदारों का सड़कों पर किया अतिक्रमण है। दिनभर जाम में वाहन रेंगते हैं। कई बार गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। पैदल चालकों का भी निकला मुश्किल हो जाता है। नगर परिषद का इस गंभीर अव्यवस्था की तरफ कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए कई बार शिकायत भी की गई है। हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है। दुकानदार अपनी मनमानी करके सड़क पर कब्जा किए हुए हैं। -जसवंत सिंह नंबरदार
पशु और कुत्ते कर रहे परेशान
सड़कों पर घूमते पशु और कुत्तों का कहर लोगों को घरों में बंद रहने को मजबूर कर रहा है। कुत्ते खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुसीबत बने हैं। बलटाना फेज-2 में तीन सौ अधिक की संख्या में आवारा कुत्ते हैं, जो कई बार राह चलते लोगों को काट चुके हैं। नगर परिषद को शिकायतें भी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। नगर परिषद को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी होती है, वहीं पैदल चालकों को हमला करने का डर लगा रहता है। यह चिंताजनक विषय है। नगर परिषद को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। विजय कुमार गुप्ता, बलटाना
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संस्था के प्रवक्ता ने कहा कि 2022 के आकलन के अनुसार बलटाना रेलवे फाटक से दिनभर में एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इनमें एंबुलेंस, दमकल विभाग की गाड़ी और पुलिस वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों को आपातकालीन स्थिति में घटनास्थल पर पहुंचना होता है, लेकिन फाटक बंद रहने पर अकसर जाम में फंस जाते हैं। इससे घटनास्थल पर समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। स्कूली वाहनों, दफ्तर जाने वाले लोगों को ट्रेन आने पर फाटक पर रुकना पड़ता है। इस कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है। यह सिलसिला सालों से लगातार चल रहा है। नियमित रूप से इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ट्रेनों के आवागमन की वजह से फाटक 30 से 35 मिनट तक बंद रहता है। इसलिए बलटाना की जनता जल्द से जल्द अंडरब्रिज बनाने की मांग करती है।
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सीसीटीवी कैमरे शुरू करवाए जाएं
बलटाना में मौजूद तीन प्रमुख निकासी केंद्र हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इनमें से प्रमुख हरमिलाप नगर रेलवे फाटक, रविंद्रा एनक्लेव का मोड़ और ट्रिब्यून कॉलोनी से आगे सुखना चो की तरफ जाने वाला मोड़ है। इन तीनों मुख्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो
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अपराधिक घटना को अंजाम देने वालों को आसानी से पहचान कर काबू किया जा सकता है। फर्नीचर मार्केट की तरफ जाने वाले रास्ते पर पंकज मशाले के आगे लगा सीसीटीवी कैमरा बंद है उसे भी चालू कराया जाए। -आरके हांडा, निवासी बलटाना
किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराएं
शहर में कानून व्यवस्था खराब हो चुकी है। अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बलटाना क्षेत्र में भारी संख्या में किराएदार रहते हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत से अधिक किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराई गई है। पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाकर हर घर में पहुंचकर जहां पर भी कोई किराएदार रहता है, उसकी पुलिस वेरिफिकेशन कराई जाए। -मुकेश कुमार एडवोकेट
शिकायत पर नहीं होती सुनवाई
बलटाना फाटक से लेकर के-एरिया मोड़ तक जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसका मुख्य कारण दुकानदारों का सड़कों पर किया अतिक्रमण है। दिनभर जाम में वाहन रेंगते हैं। कई बार गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। पैदल चालकों का भी निकला मुश्किल हो जाता है। नगर परिषद का इस गंभीर अव्यवस्था की तरफ कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए कई बार शिकायत भी की गई है। हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है। दुकानदार अपनी मनमानी करके सड़क पर कब्जा किए हुए हैं। -जसवंत सिंह नंबरदार
पशु और कुत्ते कर रहे परेशान
सड़कों पर घूमते पशु और कुत्तों का कहर लोगों को घरों में बंद रहने को मजबूर कर रहा है। कुत्ते खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुसीबत बने हैं। बलटाना फेज-2 में तीन सौ अधिक की संख्या में आवारा कुत्ते हैं, जो कई बार राह चलते लोगों को काट चुके हैं। नगर परिषद को शिकायतें भी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। नगर परिषद को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी होती है, वहीं पैदल चालकों को हमला करने का डर लगा रहता है। यह चिंताजनक विषय है। नगर परिषद को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। विजय कुमार गुप्ता, बलटाना