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तब्लीगी जमात की तरह कोरोना फैलाने की तैयारी में ढकोली का हेल्थ कम्युनिटी सेंटर
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जीरकपुर। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में इस्लामिक धार्मिक आयोजन में शामिल तब्लीगी जमात की तरह स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में दाखिल लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित करने की तैयारी कर ली है। क्योंकि एक अप्रैल से कोरोना संदिग्ध मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
अब तक कुल संदिग्ध मरीजों की संख्या 12 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के दायरे में ढकोली में तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी आ सकते हैं। अगर समय रहते ढकोली हेल्थ कम्युनिटी के कोविड क्वारंटाइन सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो इसमें दाखिल दूसरे संदिग्ध मरीज भी संक्रमित हो सकते हैं। क्योंकि यहां सभी मरीज सिर्फ एक शौचालय का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी भनक जैसे ही जीरकपुर, ढकोली के लोगों को लगी तो यहां के स्थानीय आरडब्लूए ने शुक्रवार की सुबह देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के सीएम व जिला मोहाली के डीसी को ट्वीट कर दूसरी जगह कोविड क्वारंटाइन सेंटर को शिफ्ट करने की मांग की है। ताकि आसपास के लोग कोरोना से संक्रमित न हों।
गंभीर हो सकती है स्थिति
बलटाना निवासी प्रताप सिंह राणा ने सीएम, स्वास्थ्य मंत्री व डीसी मोहाली को ट्वीट कर लिखा है कि ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में तैनात मुलाजिम कोरोना संदिग्धों को उनके घर से लाते समय प्रॉपर किट में नहीं होते। इसके अलावा ट्वीट में लिखा है कि सभी मरीज अगर एक शौचालय इस्तेमाल करेंगे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं ढकोली के स्थानीय निवासी केआर शर्मा और राजेश पठानिया ने ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में बनाए गए कोविड क्वारंटाइन सेंटर को दूसरी जगर शिफ्ट करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पीएम, सीएम व डीसी मोहाली को लिखा है कि ये लोगों की जिंदगी का सवाल है। यहां आसपास 25 कालोनियां हैं और पास में पुलिस थाना भी है, अगर कोई संक्रमित होता है तो सभी इसकी चपेट में आ जाएंगे।
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मैरिज पैलेसों को क्यों नहीं बनाया क्वारंटाइन सेंटर
जीरकपुर के जिन मैरिज पैलेसों में अब तक शादियां होती थीं उन्हें कोविड क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए नगर काउंसिल ने आर्डर जारी किया है। लेकिन यह फैसला अगर पहले लिया गया होता तो कोरोना के 12 संदिग्ध मरीजों को एक कॉमन शौचालय इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता। अब एक गलत फैसले ने कई लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।
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अब तक कुल संदिग्ध मरीजों की संख्या 12 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के दायरे में ढकोली में तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी आ सकते हैं। अगर समय रहते ढकोली हेल्थ कम्युनिटी के कोविड क्वारंटाइन सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो इसमें दाखिल दूसरे संदिग्ध मरीज भी संक्रमित हो सकते हैं। क्योंकि यहां सभी मरीज सिर्फ एक शौचालय का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी भनक जैसे ही जीरकपुर, ढकोली के लोगों को लगी तो यहां के स्थानीय आरडब्लूए ने शुक्रवार की सुबह देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के सीएम व जिला मोहाली के डीसी को ट्वीट कर दूसरी जगह कोविड क्वारंटाइन सेंटर को शिफ्ट करने की मांग की है। ताकि आसपास के लोग कोरोना से संक्रमित न हों।
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गंभीर हो सकती है स्थिति
बलटाना निवासी प्रताप सिंह राणा ने सीएम, स्वास्थ्य मंत्री व डीसी मोहाली को ट्वीट कर लिखा है कि ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में तैनात मुलाजिम कोरोना संदिग्धों को उनके घर से लाते समय प्रॉपर किट में नहीं होते। इसके अलावा ट्वीट में लिखा है कि सभी मरीज अगर एक शौचालय इस्तेमाल करेंगे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं ढकोली के स्थानीय निवासी केआर शर्मा और राजेश पठानिया ने ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में बनाए गए कोविड क्वारंटाइन सेंटर को दूसरी जगर शिफ्ट करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पीएम, सीएम व डीसी मोहाली को लिखा है कि ये लोगों की जिंदगी का सवाल है। यहां आसपास 25 कालोनियां हैं और पास में पुलिस थाना भी है, अगर कोई संक्रमित होता है तो सभी इसकी चपेट में आ जाएंगे।
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मैरिज पैलेसों को क्यों नहीं बनाया क्वारंटाइन सेंटर
जीरकपुर के जिन मैरिज पैलेसों में अब तक शादियां होती थीं उन्हें कोविड क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए नगर काउंसिल ने आर्डर जारी किया है। लेकिन यह फैसला अगर पहले लिया गया होता तो कोरोना के 12 संदिग्ध मरीजों को एक कॉमन शौचालय इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता। अब एक गलत फैसले ने कई लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।