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Mohali News: कागजों में हो रहा विकास, वार्डों में कूड़ा, जलभराव, टूटी सड़कें बयां कर रहीं कहानी

Sun, 24 May 2026 02:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 02:18 AM IST
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Development is happening on paper, garbage, waterlogging and broken roads in the wards tell the story
मोहाली। निकाय चुनाव के दौरान वार्ड-16 से 30 तक का क्षेत्र कई बुनियादी समस्याओं को लेकर चर्चा में है। फेज-10, 11, आईटी सिटी, एयरोसिटी, सेक्टर-66 से 69, सेक्टर-76 से 80 और हाल ही में नगर निगम में शामिल आसपास के गांवों के लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। 15 वार्डों में चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन पर अब भी कई समस्याएं जस की तस हैं। फेज-11 में बरसाती पानी की निकासी सबसे बड़ी परेशानी है। बारिश के दौरान कई सड़कें पानी से भर जाती हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इलाके के कई लोगों ने पीने के पानी की समस्या भी उठाई है। उनका कहना है कि कई सेक्टरों और गांवों में पानी की सप्लाई पर्याप्त नहीं है, जबकि कुछ जगह गंदे पानी की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। टूटी सड़कें और अधूरी गलियां भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। मतदाताओं का कहना है कि इस बार चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बुनियादी सुविधाएं हैं। लोग अब केवल घोषणाएं नहीं बल्कि धरातल पर काम देखना चाहते हैं। वहीं हाल ही में निगम में शामिल हुए गांवों में भी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। गांव कुंभड़ा के आसपास रहने वाले लोगों ने गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताया। स्थानीय निवासी बलविंदर सिंह का कहना है कि कई जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नियमित सफाई नहीं होती। इससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
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इलाके में बरसाती पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। पाइप लाइन डालने के बाद मार्केट की पार्किंग तक नहीं बनाई गई है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -पवन जगदंबा, फेज-11 निवासी
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इलाके में कुत्तों के अलावा पशुओं की समस्या सबसे गंभीर परेशानी है। वहीं तेजी से विकसित हो रहे इस इलाके में अब भी धार्मिक स्थलों की कमी महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि एयरोसिटी में अभी तक न कोई मंदिर है और न ही गुरुद्वारा, जिससे लोगों को धार्मिक कार्यक्रमों के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ता है। -अशोक कुमार, एरोसिटी



इलाके में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनाए गए पार्कों की नियमित देखभाल नहीं हो रही। कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं, इससे शाम के समय दिक्कत बढ़ जाती है। -संजीव शर्मा, आईटी निवासी


लंबे समय से सीधे रास्ते की मांग कर रहे हैं। सेक्टर में आने-जाने के लिए अब भी लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला। -सतवीर सिंह धनोआ, सेक्टर-69

इलाके में सफाई और कुत्तों की समस्या से काफी परेशानी हो रही है। गमाडा भी इलाके में घास और पार्कों की देखरेख की ओर भी ध्यान नहीं दे रहा है। -प्रीति, सेक्टर-66बी निवासी
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