फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Despite the closure of registries of illegal colonies, Naib Tehsildars are doing registries

अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां बंद होने के बावजूद नायब तहसीलदार कर रहे रजिस्ट्रियां

Sat, 28 Aug 2021 01:51 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 01:51 AM IST
विज्ञापन
Despite the closure of registries of illegal colonies, Naib Tehsildars are doing registries
जीरकपुर। हाईकोर्ट की ओर से अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां बैन करने के बावजूद नायब तहसीलदार रजिस्ट्रियां कर रहे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जीरकपुर वेलफेयर एसोसिएशन (जैक) पूरे सुबूतों सहित इसका खुलासा करेगी।
विज्ञापन

प्रधान सुखदेव चौधरी ने आरोप लगाया कि जीरकपुर में बिल्डरों व कॉलोनाइजरों के हितों की पूर्ति के लिए नगर परिषद व मॉल विभाग के अधिकारी नियमों की अनदेखी कर रोजाना रजिस्ट्रियां कर रहे हैं। उनको सूचना मिली है कि बीते दिनों में रोजाना किसी न किसी अवैध कॉलोनी व प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री की जा रही है जो उन अवैध कॉलोनियों व प्रोजेक्टों में शामिल है, जिनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती।
विज्ञापन

जैक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने बताया कि इन अवैध कॉलोनियों व प्रोजेक्टों में फ्लैट, प्लाट या कामर्शियल शोरूम व दुकानें लेने वाले लोगों को अवैध कॉलोनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जो अधिकारियों की लापरवाही से अपनी सारी जिंदगी की पूंजी अवैध प्रोजेक्टों में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को लगता है कि अगर प्लाट, फ्लैट या शोरूम की रजिस्ट्री हो रही है तो लीगल है, लेकिन उनको नहीं पता कि मिलीभगत के चलते यह रजिस्ट्रियां हो रही हैं। जैक की ओर से इस गोरखधंधे का खुलासा करने के अलावा जल्द ही एक जागरूकता मुहिम चलाकर लोगों को अवैध कॉलोनियों व प्रोजेक्टों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर परिषद व मॉल विभाग के अधिकारियों की ओर से अवैध कॉलोनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती। इस संबंध में उनकी संस्था सरकार को कई बार पत्र लिखकर सूचित किया जा चुका है। सरकार के निर्देश पर कार्रवाई केवल कागजों में हो रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि नगर काउंसिल की ओर से अवैध कॉलोनियों व प्रोजेक्टों में बोर्ड लगाने चाहिए ताकि लोगों की अपनी सारी जिंदगी की जमा पूंजी गलत हाथों में जाने से बच सके।

कोट...
रोक के बाद एक भी ऐसी रजिस्ट्री नहीं हुई है। नियम के मुताबिक, वह नगर काउंसिल से एनओसी जारी होने वाले प्लाट, फ्लैट व कामर्शियल शोरूम या दुकान की रजिस्ट्री कर रहे हैं। जैक कोई भी सुबूत पेश करे वह इसका जबाव देंगे।
- पुनीत बांसल, नायब तहसीलदार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed