फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Despite taking Rs 16.44 lakh for maintenance, the park is in bad shape, the corporation sent a notice to the RWA

Mohali News: रखरखाव के लिए 16.44 लाख रुपये लेने के बावजूद पार्क बदहाल, निगम ने आरडब्ल्यूए को भेजा नोटिस

Fri, 02 May 2025 01:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 01:16 AM IST
विज्ञापन
Despite taking Rs 16.44 lakh for maintenance, the park is in bad shape, the corporation sent a notice to the RWA
मोहाली। पार्कों के रखरखाव का जिम्मा लेने वाली रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को नगर निगम ने अपने काम में विफल रहने पर नोटिस जारी किया है। नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में शहर के कुल 798 पार्कों में से 190 पार्क रखरखाव के लिए अलग-अलग रेजीडेंट एसोसिएशनों के पास हैंं। इनके रखरखाव के लिए नगर निगम की तरफ से फंड जारी किया जाता है, लेकिन उसके बावजूद कई एसोसिएशनों ने उचित रखरखाव नहीं किया है।
विज्ञापन

इस कारण पार्कों की हालत खराब है। कुछ ही ऐसे पार्क हैं, जिनकी हालत ठीक है। नगर निगम पार्कों के रखरखाव के लिए हर माह एसोसिएशनों को करीब 16.44 लाख रुपये आवंटित करता है। यह राशि 4.23 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से वितरित की जाती है। यह ठेकेदारों के दरों से अधिक है। सूत्रों के अनुसार निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष में भी नोटिस जारी कर उपलब्ध कराए फंड का हिसाब मांगा था। वार्ड नंबर-70 के पार्षद प्रमोद मित्रा ने हाल ही में निगम कमिश्नर को एक शिकायत सौंपी थी। उनके अनुसार वार्ड के एक पार्क में उगी कांग्रेस घास वाला वीडियो भी दिखाया गया। पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद स्थानीय एसोसिएशन ने पार्क के रखरखाव के लिए कुछ नहीं किया है।
विज्ञापन

यह कमियां मिली हैं
कई एसोसिएशनों की बुनियादी रखरखाव में कमी मिली है। कुछ ने रेलिंग पेंट नहीं की, अन्य ने उचित साइन-बोर्ड नहीं लगाए और कई में अन्य अनियमितताएं मिली हैं। कुछ एसोसिएशन ने नोटिस का जवाब दिया, कई ने कोई जवाब नहीं दिया। अब निगम एक बार फिर से कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है, नए नोटिस जारी कर रहा है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि जब कोई ठेकेदार खराब काम करता है, तो हम सख्त कार्रवाई कर सकते हैं या उन्हें ब्लैक लिस्ट भी कर सकते हैं। एसोसिएशनों से निपटने में अक्सर बाहरी दबाव और जटिलताएं शामिल होती हैं। इस कारण कार्रवाई नहीं हो पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन




यह मामला गंभीर है। राशि लेने के बावजूद पार्कों का रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इस मामले को लेकर वह जल्द ही अधिकारियों से बात करके अगली कार्रवाई करेगें। - अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed