फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Mohali Police busted fraud gang who provide fake degrees and certificates

40 दिन में इंजीनियर, अकाउंटेंट व डॉक्टर बना देता था ये गिरोह, देश की 16 यूनिवर्सिटी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

Thu, 04 Feb 2021 12:41 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 04 Feb 2021 12:41 AM IST
विज्ञापन
Mohali Police busted fraud gang who provide fake degrees and certificates
गिरोह के बारे में जानकारी देते हुए एसपी देहात डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल व अन्य पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

पंजाब में मोहाली पुलिस ने कम पढ़े-लिखे व स्टडी गैप वाले युवकों से मोटी रकम लेकर उन्हें प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी और संस्थानों की फर्जी डिग्रियां मुहैया करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के शातिर कई साल में नहीं, बल्कि 30-40 दिन में ही युवकों को इंजीनियर, डॉक्टर, अकाउंटेंट, एमबीए, बीटेक, एमटेक की फर्जी डिग्रियां सौंप देते थे। इस गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। 

विज्ञापन


शातिर पंजाब, हिमाचल, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई शहरों में स्थित 16 सरकारी और निजी यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां जारी कर रहे थे। इनसे बड़ी संख्या में पुलिस ने जाली दस्तावेज, मुहर, होलोग्राम, कंप्यूटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने इस गिरोह के पांच शातिर गिरफ्तार किए हैं। 
विज्ञापन


शातिरों की पहचान निर्मल सिंह निम्मा गांव करतारपुर थाना मुल्लांपुर गरीबदास, विष्णु शर्मा निवासी निधि हाई कॉलोनी मथुरा (यूपी), सुशांत त्यागी, संचालक वीर फाउंडेशन डिस्टेंस एजुकेशन मेरठ और आनंद विक्रम सिंह निवासी सेक्टर-2, वैशाली गाजियाबाद (यूपी), अंकित अरोड़ा, निवासी फतेहपुर, सियालवा, मोहाली के रूप में हुई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Mohali Police busted fraud gang who provide fake degrees and certificates
मोहाली पुलिस की प्रेसवार्ता। - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को एसएसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी देहात डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल और डीएसपी जीरकपुर अमरोज सिंह ने इस गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पांचों शातिरों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और कई और खुलासे हो सकते हैं। 

जानकारी के मुताबिक जीरकपुर थाना पुलिस जीरकपुर-कालका रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी भोले-भाले युवकों से उनके असली दस्तावेज लेकर इन पर दी गई पूरी जानकारी के आधार पर उन्हें जाली सर्टिफिकेट और डिग्री बनाकर देते हैं। इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले एक शातिर निम्मा को गिरफ्तार किया।

इसके बाद आरोपियों ने उससे पूछताछ के बाद इस गिरोह के अन्य शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह के सदस्यों ने कई राज्यों के लोगों को ठगा है। पुलिस अब उनके सभी अकाउंट और संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार शातिरों के बारे में सभी राज्यों की पुलिस को अलर्ट भेजा है।

पूरे देश में खोले थे स्टडी सेंटर

Mohali Police busted fraud gang who provide fake degrees and certificates
मोहाली पुलिस की प्रेसवार्ता। - फोटो : अमर उजाला

आरोपी इतने शातिर है कि इन्होंने पूरे देश में स्टडी सेंटर खोल रखे हैं। वह अपने आपको एजुकेशन कंसल्टेंट बताकर काम करते थे। कई छात्र स्टडी में गैप पूरा करने के लिए तो कोई अन्य कारणों की वजह से इनके पास आते थे। इसके बाद शातिर उनसे एक से डेढ़ लाख रुपये तक वसूल कर उन्हें फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर देते थे। वहीं, जांच में कोई उनके सर्टिफिकेट पर संदेह न करे, इसलिए यह लोग उस पर बाकायदा होलोग्राम तक इस्तेमाल करते थे। इन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।

ठगी के लिए बनाते थे यूनिवर्सिटी के फर्जी डोमेन
बताया जा रहा है कि आरोपी तकनीकी रूप से काफी दक्ष हैं। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो आवेदक को ऐसा जताते थे कि वह बिल्कुल सही काम कर रहे हैं। इन्होंने प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी के फर्जी डोमेन भी तैयार कर लिए थे। वहीं, आवेदक के सामने ही उसका रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अपलोड करते थे। यहां तक कि उनका रिजल्ट भी फर्जी डोमेन पर दिखा देते थे। इसके बाद उन्हें असली बताकर फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर देते थे।

इन यूनिवर्सिटी और संस्थानों के फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट आरोपियों ने बांटे

  • 1. आदेश यूनिवर्सिटी, बठिंडा
  • 2. आईटीसी यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश
  • 3. आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर
  • 4. बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी
  • 5. छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी, कानपुर
  • 6. चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ
  • 7. गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन पंजाब गुरु काशी यूनिवर्सिटी तलवंडी साबो
  • 8. हरियाणा काउंसिल ऑफ ओपन स्कूलिंग
  • 9. सिक्किम यूनिवर्सिटी
  • 10. काउंसिल ऑफ दि इंडियन स्कूल ऑफ सर्टिफिकेट ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली
  • 11. मानव भारती यूनिवर्सिटी, सोलन
  • 12. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग
  • 13. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली
  • 14. पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग चंडीगढ़ (लाला लाजपत राय कॉलेज ऑफ मोगा)
  • 15. पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला
  • 16. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी, मेरठ

2012 से कर रहे थे फर्जी सर्टिफिकेट का धंधा

पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी 2012 तो कुछ 2017 से यह काम कर रहे थे। यह आरोपी बड़े शातिर हैं और इनकी उम्र 21 साल से लेकर 35 साल तक है। इस गिरोह का प्रमुख आनंद विक्रम गाजियाबाद का रहने वाला है। पुलिस ने कहा कि आने वाले समय में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होगी।

यह सामान हुआ बरामद

  • 1. आई-20 कार जाली नंबर सफेद रंग 
  • 2. 859 जाली सर्टिफिकेट
  • 3. 546 खाली पेपर जाली सर्टिफिकेट छापने वाले 
  • 4. 93 जाली रबड़ की मुहरें 
  • 5. 5102 जाली होलोग्राम
  • 6. 16 जाली रसीद बुक
  • 7. 1855 खाली पेपर सर्टिफिकेट तैयार करने वाले
  • 8. तीन सीपीयू
  • 9. एक सप्लालर हैंडर हाई ग्रैंड
  • 10. दो की-बोर्ड
  • 11. छह लैपटॉप
  • 12. चार प्रिंटर
  • 13. दो रिम पेपर जाली सर्टिफिकेट के लिए
  • 14. एक फोटो प्रिंटर मशीन
  • 15. दो एलसीडी स्क्रीन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed