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विदेशी मेम का खेल: पहले चैटिंग, फिर 45 लाख का गिफ्ट... उपहार के चक्कर में बुजुर्ग ने गंवा दिए 1.57 करोड़ रुपये

Thu, 19 Jun 2025 12:33 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप कुमार, संवाद, मोहाली
संदीप कुमार, संवाद, मोहाली Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 19 Jun 2025 12:33 PM IST
सार

ठगों ने जीरकपुर मोनाग्रीन के रहने वाले लवकेश कांत गुप्ता को ठगी का शिकार बनाया। कभी गिफ्ट की कस्टम क्लीयरेंस तो कभी आरबीआई क्लीयरेंस डिलीवरी का डर दिखाकर उन्हें ठगना शुरू किया। जब तक उन्हें समझ आता, वे 1.57 करोड़ रुपये गंवा चुके थे।

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Mohali Old man lost 1.57 crore rupees in name of gift Crime
ऑनलाइन धोखाधड़ी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

ब्रिटिश महिला की बातों में आकर जीरकपुर के 65 वर्षीय एक बुजुर्ग ने 45 लाख रुपये के भेजे गए गिफ्ट को पाने के लिए करोड़ों रुपये गंवा दिए। ब्रिटिश ठग महिला ने विश्वास पक्का करने के लिए बुजुर्ग के नाम का वेस्ट गेट बैंक लंदन का एक यूनिवर्सल मास्टर कार्ड भी भेजा। कार्ड में 1.5 लाख पाउंड थे। दिखावे के इस मास्टर कार्ड से जीरकपुर के एक एटीएम से व्यक्ति महज 10 हजार रुपये ही निकाल सका और उसके बाद कार्ड ब्लॉक हो गया।

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मोनाग्रीन में रहने वाले लवकेश कांत गुप्ता बने शिकार

ठगों ने जीरकपुर मोनाग्रीन के रहने वाले लवकेश कांत गुप्ता को ठगी का शिकार बनाया। कभी गिफ्ट की कस्टम क्लीयरेंस तो कभी आरबीआई क्लीयरेंस डिलीवरी का डर दिखाकर उन्हें ठगना शुरू किया। जब तक उन्हें समझ आता, वे 1.57 करोड़ रुपये गंवा चुके थे। गुप्ता ने मोहाली साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी। साइबर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4), 61(2) व आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में साइबर एक्सपर्ट टीम काम कर रही है और उन विदेशी व लोकल नंबरों को खंगाला जा रहा है जिससे लवकेश गुप्ता से ठगों ने संपर्क किया था।

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फरवरी 2024 से शुरू हुआ था खेल

लवकेश गुप्ता के बयान के अनुसार फरवरी 2024 में फेसबुक पर ग्रेस कलारा स्मिथ नाम की एक ब्रिटिश महिला से उसकी चैटिंग शुरू हुई। ब्रिटिश महिला ने कहा कि वह इंग्लैंड में रहती है। विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर लवकेश गुप्ता से बातचीत करने लगी। कुछ दिन बाद महिला ने कहा कि वह उसे एक गिफ्ट भेज रही है जिसकी कीमत 45 लाख रुपये है। गुप्ता को कुछ दिन बाद लोकल नंबर से फोन आया कि वह दिल्ली एयरपोर्ट से कस्टम अधिकारी है। उनका गिफ्ट पैक आया है जिसकी कस्टम क्लीयरेंस और आरबीआई क्लीयरेंस डिलीवरी के लिए उसे 12.63 लाख रुपये देने होंगे। गुप्ता ने बैंक खातों से पैसा ट्रांसफर कर दिया। पैसे देने के बाद भी गिफ्ट नहीं आया। 

दिसंबर 2024 में उसे फिर ग्रेस कलारा स्मिथ का फोन आया कि वह उसके नुकसान की भरपाई करने के लिए 6 दिसंबर 2024 को इंडिया आ रही है। 6 दिसंबर को उसे मुंबई एयरपोर्ट से फोन आया कि ग्रेस कलारा स्मिथ के कागज पूरे न होने के कारण एयरपोर्ट पर रोक लिया है क्योंकि उसके पास ट्रैवलर चैक 5 लाख पाउंड का पकड़ा गया है। उन्हें कहा गया कि 5 लाख पाउंड का चेक कैश करने के लिए उसे 29 लाख रुपये देने होंगे। गुप्ता ने बातों में आकर बैंक खाते से 29.77 लाख रुपये जमा करवा दिए।

पांच लाख पाउंड को 7 लाख डॉलर में बदलने का दिया लालच

राशि जमा करवाने के बाद गुप्ता को माइकल जोन डंक नामक ब्रिटिश नागरिक का फोन आया। उसने खुद को ब्रिटिश एंबेसी का अधिकारी बताया। उसने कहा कि 5 लाख पाउंड को 7 लाख डॉलर में बदलकर एक सेफ्टी बॉक्स में भेज रहा है। 12/13 दिसंबर की रात को बुजुर्ग के पास एक अज्ञात व्यक्ति आया और उसे सेफ्टी बॉक्स देकर चला गया। जब बुजुर्ग ने सेफ्टी बॉक्स खोला तो उसमें पड़े डॉलर काले थे। माइकल से दोबारा संपर्क करने पर गुप्ता से कहा गया कि इन डॉलर को कैमिकल की मदद से साफ किया जा सकता है और उससे कैमिकल देने के लिए 20 हजार रुपये ले लिए। 28 दिसंबर को दोबारा अज्ञात युवक उसके घर आया और उसे 100-100 डॉकर के दो नोट दिखाकर बोला कि यह दो नोट उनके सेफ्टी बॉक्स के है। उसने कहा कि इन नोटों को लेबोरेटरी में जांच करवानी है। वह सेफ्टी बॉक्स लेने आया है और दोबारा उससे 10 हजार रुपये ले गया। कुछ दिन बाद उसे दोबारा काले डॉलर से भरा सेफ्टी बॉक्स पार्सल के माध्यम से घर भेज दिया।

वेस्ट गेट बैंक लंदन का मास्टर कार्ड भेजा

गुप्ता ने बताया कि 25 जनवरी 2025 को फिर ग्रेस कलारा स्मिथ का व्हाट्सएप पर मैसेज आया कि वह वेस्ट गेट बैंक लंदन का एक यूनिवर्सल मास्टर कार्ड भेज रही है, जिसमें 1.5 लाख पाउंड हैं। 27 जनवरी को उसे वह मास्टर कार्ड डिलीवर हुआ, जिसकी अवधि 2029 तक थी। कार्ड पर गुप्ता का नाम अंकित था। कार्ड रिसीव करने के बाद बुजुर्ग को विदेश नंबर से मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि इस कार्ड से वह कोटक महिंद्रा बैंक से ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ट्रांजेक्शन के समय जेशुआ सिनक्लेयर को फोन कर कार्ड का पिन हासिल करना होगा। 27 जनवरी को उसने जीरकपुर कोटक महिंद्रा बैंक के एटीएम से पिन हासिल कर 10 हजार रुपये निकाले। अगले दिन वह दोबारा गया तो कार्ड ब्लॉक था। उसने दोबारा उसी विदेशी नंबर पर संपर्क किया जिसने कहा कि पैसे निकालने के लिए एफसीए यूके से परमिशन लेनी होगी और 8.26 लाख रुपये देने होंगे। उसके बाद उसे वैट, जीएसटी, कार्ड की लिमिट बढ़ाने के झांसे देकर कुल 1.57 करोड़ की ठगी की गई।

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