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एनआरआई भाइयों को प्लाटों के नाम पर ठगने वालों पर केस दर्ज
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मोहाली। गांव संतेमाजरा निवासी तीन एनआरआई भाइयों के साथ प्लाट खरीदने में लाखों की धोखाधड़ी के आरोप में एनआरआई थाना पुलिस ने एक नामी रियल एस्टेट कंपनी के प्रबंधकों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान अमनप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह व दलजीत सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
पंजाब अंगेस्टर करप्शन संस्था के प्रधान सतनाम दाऊं ने बताया कि संतेमाजरा के मूल निवासी जसमेर सिंह, हरनेक सिंह व शमशेर सिंह एनआरआई हैं। उन्होंने आरोपियों से तीन प्लाट 2011 में खरीदे थे, जिसकी रजिस्ट्री व इंतकाल 2011 में ही करवा लिया था। जब कब्जा लेने की बारी आई तो उक्त प्लाटों का वजूद नहीं मिला। इसके बाद आरोपियों ने दूसरी जगह प्लाट देने का वादा किया, लेकिन वह भी झूठा निकला। आरोपियों ने वादा किया था कि वह उनकी रकम करीब 90 लाख रुपये वापस कर देंगे, लेकिन रकम भी वापस नहीं की। इसके बाद एनआरआई भाइयों ने देश में न आने का मन बना लिया था। प्रधान सतनाम ने बताया कि इसी बीच पीड़ितों ने उनकी संस्था के साथ संपर्क किया। इसके बाद मामले में एनआरआई विंग को शिकायत दी गई, लेकिन वहां पर उन्हें इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद संस्था की टीम ने मामले में हाईकोर्ट में एनआरआई विंग व सरकार के खिलाफ केस दायर किया, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व एडीजीपी एनआरआई विंग से जवाब तलब किया। इसके बाद अब यह केस दर्ज हुआ है।
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पंजाब अंगेस्टर करप्शन संस्था के प्रधान सतनाम दाऊं ने बताया कि संतेमाजरा के मूल निवासी जसमेर सिंह, हरनेक सिंह व शमशेर सिंह एनआरआई हैं। उन्होंने आरोपियों से तीन प्लाट 2011 में खरीदे थे, जिसकी रजिस्ट्री व इंतकाल 2011 में ही करवा लिया था। जब कब्जा लेने की बारी आई तो उक्त प्लाटों का वजूद नहीं मिला। इसके बाद आरोपियों ने दूसरी जगह प्लाट देने का वादा किया, लेकिन वह भी झूठा निकला। आरोपियों ने वादा किया था कि वह उनकी रकम करीब 90 लाख रुपये वापस कर देंगे, लेकिन रकम भी वापस नहीं की। इसके बाद एनआरआई भाइयों ने देश में न आने का मन बना लिया था। प्रधान सतनाम ने बताया कि इसी बीच पीड़ितों ने उनकी संस्था के साथ संपर्क किया। इसके बाद मामले में एनआरआई विंग को शिकायत दी गई, लेकिन वहां पर उन्हें इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद संस्था की टीम ने मामले में हाईकोर्ट में एनआरआई विंग व सरकार के खिलाफ केस दायर किया, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व एडीजीपी एनआरआई विंग से जवाब तलब किया। इसके बाद अब यह केस दर्ज हुआ है।
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