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रिश्वत लेते सहायक थानेदार रंगे हाथों पकड़ा
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रिश्वत लेता सहायक थानेदार गिरफ्तार
आरोपी झूठा केस दर्ज करने की दे रहा था धमकी, नौ हजार में सौदा हुआ था
तीन हजार पहले दिए थे, छह हजार लेते विजिलेंस ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब पुलिस के सहायक थानेदार (एएसआई) को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। आरोपी रोपड़ में एएसआई के पद पर तैनात है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो मोहाली ने प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है।
विजिलेंस को सुच्चा सिंह निवासी गांव कठियाणा जिला हमीरपुर ने शिकायत दी थी कि उसके भाई दीपक पठानिया का किसी विनोद कुमार व अन्य के साथ झगड़ा चल रहा है। घायल हुए दीपक को सिविल अस्पताल रोपड़ में इलाज के लिए भर्ती करवाया था। केस की जांच एएसआई इंद्रपाल सिंह कर रहे थे। उन्होंने उसे थाने बुलाया और विरोधी पार्टी से समझौते के लिए दबाव बनाने लगे। एएसआई ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने विरोधी पार्टी से समझौता न किया तो वह विनोद कुमार की पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने व अगवा करने का झूठा पुलिस केस उसके खिलाफ दर्ज करके जेल भेज देगा। झूठे केस से बचाने के लिए एएसआई ने सुच्चा सिंह से दस हजार रुपये रिश्वत मांगी। बाद में मामला 9 हजार रुपये में तय हो गया। आरोपी ने सुच्चा सिंह से तीन हजार रुपये उसी दिन मौके पर ही ले लिए थे और 6 हजार रुपये बाद में देने की बात हुई थी। सुच्चा सिंह ने आरोपी एएसआई को जैसे ही 6 हजार रुपये दिए तो विजिलेंस ने उसे पकड़ लिया।
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आरोपी झूठा केस दर्ज करने की दे रहा था धमकी, नौ हजार में सौदा हुआ था
तीन हजार पहले दिए थे, छह हजार लेते विजिलेंस ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब पुलिस के सहायक थानेदार (एएसआई) को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। आरोपी रोपड़ में एएसआई के पद पर तैनात है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो मोहाली ने प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है।
विजिलेंस को सुच्चा सिंह निवासी गांव कठियाणा जिला हमीरपुर ने शिकायत दी थी कि उसके भाई दीपक पठानिया का किसी विनोद कुमार व अन्य के साथ झगड़ा चल रहा है। घायल हुए दीपक को सिविल अस्पताल रोपड़ में इलाज के लिए भर्ती करवाया था। केस की जांच एएसआई इंद्रपाल सिंह कर रहे थे। उन्होंने उसे थाने बुलाया और विरोधी पार्टी से समझौते के लिए दबाव बनाने लगे। एएसआई ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने विरोधी पार्टी से समझौता न किया तो वह विनोद कुमार की पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने व अगवा करने का झूठा पुलिस केस उसके खिलाफ दर्ज करके जेल भेज देगा। झूठे केस से बचाने के लिए एएसआई ने सुच्चा सिंह से दस हजार रुपये रिश्वत मांगी। बाद में मामला 9 हजार रुपये में तय हो गया। आरोपी ने सुच्चा सिंह से तीन हजार रुपये उसी दिन मौके पर ही ले लिए थे और 6 हजार रुपये बाद में देने की बात हुई थी। सुच्चा सिंह ने आरोपी एएसआई को जैसे ही 6 हजार रुपये दिए तो विजिलेंस ने उसे पकड़ लिया।
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