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Mohali News: प्रधान और उपप्रधान के चुनाव 15 दिन में कराएं
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मोहाली। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नगर काउंसिल के प्रधान और उपप्रधान के चुनाव 15 दिन के भीतर कराने का आदेश दिया है। अदालत ने डिप्टी कमिश्नर और जिला पुलिस प्रमुख को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह आदेश कांग्रेस पार्टी से जुड़े काउंसलर भारत भूषण की याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
याचिकाकर्ता भारत भूषण ने चुनाव में जोड़-तोड़ का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कुछ व्यक्ति काउंसलरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। याचिका में सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी से जुड़े कुराली के एक पूर्व काउंसलर पर दबाव डालने का आरोप भी था। भारत भूषण ने अदालत में एक ऑडियो फोन रिकॉर्डिंग भी पेश की।
उन्होंने झूठे आपराधिक मामलों का सहारा लिए जाने का डर भी जताया था। सुनवाई के दौरान, पंजाब सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जगजोत सिंह ने अदालत में जवाब दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने याचिकाकर्ता को कोई विशेष राहत नहीं दी।
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अदालत ने डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया। बाहरी सीसीटीवी फुटेज की निगरानी सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया। रिकॉर्ड को छह महीने तक सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला पुलिस प्रमुख को चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा प्रदान करने का आदेश भी दिया गया है।
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याचिकाकर्ता भारत भूषण ने चुनाव में जोड़-तोड़ का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कुछ व्यक्ति काउंसलरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। याचिका में सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी से जुड़े कुराली के एक पूर्व काउंसलर पर दबाव डालने का आरोप भी था। भारत भूषण ने अदालत में एक ऑडियो फोन रिकॉर्डिंग भी पेश की।
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उन्होंने झूठे आपराधिक मामलों का सहारा लिए जाने का डर भी जताया था। सुनवाई के दौरान, पंजाब सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जगजोत सिंह ने अदालत में जवाब दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने याचिकाकर्ता को कोई विशेष राहत नहीं दी।
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अदालत ने डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया। बाहरी सीसीटीवी फुटेज की निगरानी सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया। रिकॉर्ड को छह महीने तक सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला पुलिस प्रमुख को चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा प्रदान करने का आदेश भी दिया गया है।