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Mohali News: मुनाफा देने का झांसा देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग एप से 76.5 लाख रुपये ठगे
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साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात पर दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
ठगों ने इक्विटी मेंटरिंग एक्सचेंज क्लब नामक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़े हुए थे 128 सदस्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। साइबर अपराध पुलिस ने खरड़ निवासी व्यक्ति से मुनाफा देने का झांसा देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के माध्यम से 76.5 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है। मूलरूप से आदर्श कॉलोनी निवासी कमलजीत सिंह ने गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध सीएचसी-एसईएस नामक शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड किया, जिसके जरिये उसे ठगी का शिकार बनाया गया।
साइबर अपराध पुलिस ने अज्ञात पर आईपीसी की धारा 419, 420, 120बी व आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में एक्सपर्ट टीम काम कर रही है, ताकि ठगों का पता लग सके।
इस तरह बनाया शिकार
कमलजीत सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के माध्यम से उससे ऑनलाइन ठगों ने 76.5 लाख रुपये ठग लिए। वह अपनी बचत से शेयर बाजार में एक निवेशक है। पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से एचडीएफसी बैंक में ट्रेडिंग और डीमैट खाता चला रहा है। 9 नवंबर 2023 को प्राइवेट इक्विटी मेंटरिंग एक्सचेंज क्लब नामक एक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुआ, जिसमें 128 सदस्य थे। ग्रुप का एडमिन आशीष शाह था, जिससे उसका संपर्क हुआ। जिन्होंने अपने सहयोगी अन्ना चटर्जी का मोबाइल नंबर उनसे शेयर किया। पहले यह ग्रुप इक्विटी और शेयर ट्रेडिंग पर कोचिंग के लिए था, जिसमें वीडियो/ऑनलाइन लिंक के माध्यम से दिन में दो बार ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए रणनीतियां देते हुए ट्रेनिंग दी जाती थी।
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उन्होंने शुरुआत में शेयर ट्रेडिंग के लिए टिप्स दिए और अपने स्वयं के डी-मैट खाते के माध्यम से इसे निष्पादित करने के लिए कहा। बाजार को अपग्रेड करते हुए प्रतिदिन जानकारी दी गई। शेयर ट्रेडिंग के बाद एडमिन ने आईपीओ निवेश विकल्प साझा करना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने स्वयं के डी-मैट खाते के माध्यम से आवेदन किए, लेकिन आवंटित शेयरों की संख्या बहुत कम थी, बाद में उन्होंने सलाह दी कि एप डेवलपर के जरिये एक प्राथमिक खाता बनाया जाएगा और सभी सदस्यों को उपखाते दिए जाएंगे, जिसके आधार पर एप के लिए लिंक प्रदान किए गए। व्हाट्सएप ग्रुप और चैट के समूह सदस्यों का विवरण उन लिंक के साथ जिनके माध्यम से एप डाउनलोड करने को कहा।
ग्रुप के एडमिन ने उसे शेयरों में निवेश करने की सलाह दी थी और बाद में आईपीओ में निवेश करने को कहा। उन्होंने उसे तीसरे पक्ष के खाते में पैसा निवेश करने को कहा तो इस उन्होंने आपत्ति जताई। हालांकि पहले यह कहा गया था कि यह एक प्राथमिक ट्रेडिंग खाता है और केवल तीसरे पक्ष के खातों के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा सकती है। उन्होंने अपनी पहली राशि 5 दिसंबर 2023 में निवेश की और एक महीने में 5 जनवरी 2023 को विभिन्न बैंक खातों में कुल 76.5 लाख राशि वह ट्रांसफर कर चुका था। उन्हें शक हुआ और जब उन्होंने खाते से राशि निकालने का प्रयास किया तो ग्रुप एडमिन अन्ना चटर्जी ने सूचित किया कि राशि तब तक नहीं निकाली जा सकती जब तक कि उनके शिक्षक इसे मंजूरी नहीं दे देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब भी ग्रुप काम कर रहा है और आए दिन लोगों से और पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा हर दिन वे पैसे जमा करने के लिए नए खाते साझा कर रहे हैं और अन्य लोग जमा रसीदें ग्रुप में सांझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एक मध्यम आय वर्ग का व्यक्ति है और उस पर बड़ी पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। ऑनलाइन ठगों ने परिवार की सारी बचत छीन ली है और इस वारदात के बाद खराब वित्तीय स्थिति में है। साइबर पुलिस ने बयान दर्ज कर अज्ञात पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।
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ठगों ने इक्विटी मेंटरिंग एक्सचेंज क्लब नामक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़े हुए थे 128 सदस्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। साइबर अपराध पुलिस ने खरड़ निवासी व्यक्ति से मुनाफा देने का झांसा देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के माध्यम से 76.5 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है। मूलरूप से आदर्श कॉलोनी निवासी कमलजीत सिंह ने गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध सीएचसी-एसईएस नामक शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड किया, जिसके जरिये उसे ठगी का शिकार बनाया गया।
साइबर अपराध पुलिस ने अज्ञात पर आईपीसी की धारा 419, 420, 120बी व आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में एक्सपर्ट टीम काम कर रही है, ताकि ठगों का पता लग सके।
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इस तरह बनाया शिकार
कमलजीत सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के माध्यम से उससे ऑनलाइन ठगों ने 76.5 लाख रुपये ठग लिए। वह अपनी बचत से शेयर बाजार में एक निवेशक है। पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से एचडीएफसी बैंक में ट्रेडिंग और डीमैट खाता चला रहा है। 9 नवंबर 2023 को प्राइवेट इक्विटी मेंटरिंग एक्सचेंज क्लब नामक एक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुआ, जिसमें 128 सदस्य थे। ग्रुप का एडमिन आशीष शाह था, जिससे उसका संपर्क हुआ। जिन्होंने अपने सहयोगी अन्ना चटर्जी का मोबाइल नंबर उनसे शेयर किया। पहले यह ग्रुप इक्विटी और शेयर ट्रेडिंग पर कोचिंग के लिए था, जिसमें वीडियो/ऑनलाइन लिंक के माध्यम से दिन में दो बार ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए रणनीतियां देते हुए ट्रेनिंग दी जाती थी।
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उन्होंने शुरुआत में शेयर ट्रेडिंग के लिए टिप्स दिए और अपने स्वयं के डी-मैट खाते के माध्यम से इसे निष्पादित करने के लिए कहा। बाजार को अपग्रेड करते हुए प्रतिदिन जानकारी दी गई। शेयर ट्रेडिंग के बाद एडमिन ने आईपीओ निवेश विकल्प साझा करना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने स्वयं के डी-मैट खाते के माध्यम से आवेदन किए, लेकिन आवंटित शेयरों की संख्या बहुत कम थी, बाद में उन्होंने सलाह दी कि एप डेवलपर के जरिये एक प्राथमिक खाता बनाया जाएगा और सभी सदस्यों को उपखाते दिए जाएंगे, जिसके आधार पर एप के लिए लिंक प्रदान किए गए। व्हाट्सएप ग्रुप और चैट के समूह सदस्यों का विवरण उन लिंक के साथ जिनके माध्यम से एप डाउनलोड करने को कहा।
ग्रुप के एडमिन ने उसे शेयरों में निवेश करने की सलाह दी थी और बाद में आईपीओ में निवेश करने को कहा। उन्होंने उसे तीसरे पक्ष के खाते में पैसा निवेश करने को कहा तो इस उन्होंने आपत्ति जताई। हालांकि पहले यह कहा गया था कि यह एक प्राथमिक ट्रेडिंग खाता है और केवल तीसरे पक्ष के खातों के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा सकती है। उन्होंने अपनी पहली राशि 5 दिसंबर 2023 में निवेश की और एक महीने में 5 जनवरी 2023 को विभिन्न बैंक खातों में कुल 76.5 लाख राशि वह ट्रांसफर कर चुका था। उन्हें शक हुआ और जब उन्होंने खाते से राशि निकालने का प्रयास किया तो ग्रुप एडमिन अन्ना चटर्जी ने सूचित किया कि राशि तब तक नहीं निकाली जा सकती जब तक कि उनके शिक्षक इसे मंजूरी नहीं दे देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब भी ग्रुप काम कर रहा है और आए दिन लोगों से और पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा हर दिन वे पैसे जमा करने के लिए नए खाते साझा कर रहे हैं और अन्य लोग जमा रसीदें ग्रुप में सांझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एक मध्यम आय वर्ग का व्यक्ति है और उस पर बड़ी पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। ऑनलाइन ठगों ने परिवार की सारी बचत छीन ली है और इस वारदात के बाद खराब वित्तीय स्थिति में है। साइबर पुलिस ने बयान दर्ज कर अज्ञात पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।