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खरड़-लांडरां हाईवे पर टूटी सड़कें और ओवरफ्लो सीवरेज की बदबू बनी मुसीबत
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मोहाली। एक तरफ खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर की वजह से सफर आसान नहीं है। वहीं, खरड़-लांडरां हाईवे खस्ताहाल में होने पर यहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोग परेशान होते हैं। हाईवे के किनारों पर कई जगह लाखों रुयये की लागत से तैयार किए गए पक्के नाले की गंदगी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल रही है। इसके अलावा सड़क में कई जगह खड्ढे पड़ गए हैं, जिससे रोजाना लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत आ रही है।
लेकिन इस मामले को कोई भी संबंधित अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहा है। जबकि यहां हर समय हादसे होने का खतरा बना रहता है। खरड़ की समाज सेवी संस्थाएं इस मामले को कई बार एसडीएम के अधिकारियों के सामने उठा चुकी हैं, और इतना ही नहीं लोगों ने इस संबंध में सीएम को मेल भी भेजी है। लेकिन फिर भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक खरड़-लांडरां हाईवे से होते हुए भी लोग मोहाली, चंडीगढ़ और दिल्ली-अंबाला जाते हैं। लेकिन इस रोड की हालत भी काफी खराब है। खरड़ शहर से जैसे ही लांडरां की तरफ जाते हैं तो यह रोड अपनी कहानी खुद ही बयां कर देती है। रोड के किनारे पर गंदे पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड नाला बनाया गया है। इस नाले की कुछ समय पहले नगर काउंसिल ने सफाई भी करवाई थी। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार इस नाले की उचित तरीके से सफाई नहीं हुई है। जरा सी बारिश होने पर ओवरफ्लो होकर गंदगी सड़क पर बहने लगती है। दूसरी तरफ सड़क के दोनों तरफ बने नाले की स्लैब टूटी हुई है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस हाईवे किनारे बनी कई रेजिडेंट्स सोसायटी के लोगों ने अपनी मर्जी से रोड पर कट दे रखे हैं। जिनसे हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के साथ हादसा होने का डर बना रहता है।
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इस बारे में मोहाली विकास मंच के प्रधान विनीत वर्मा का कहना है कि बरसात का मौसम चल रहा है। अगर सीवरेज की गंदगी सड़कों पर आकर बहती है तो हादसे तो होंगे ही लोग बीमार भी हो सकते हैं। प्रशासन को जालंधर में हुए हादसे से सबक लेना चाहिए।
टूटे स्लैब भी बढ़ाते हैं मुसीबत
मिली जानकारी के मुुताबिक खरड़-लांडरां हाईवे के दोनों तरफ रिहायशी सोसायटी बसी हैं। जहां से रोजाना लोग अपने कामों के लिए ट्राइसिटी में आते-जाते हैं। लेकिन पहले नाले के टूटे सीमेंट के स्लैब और फिर सड़क की खस्ता हालात के चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा खराब हालत रिलायंस और मोर के शोरूम के नजदीक हैं।
रात होते ही छा जाता है अंधेरा, रहता है वारदात होने का डर
दूरी तरफ खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इस कारण आजकल लोग खरड़-लांडरां हाईवे की रोड से ही आ-जा रहे हैं। लेकिन इस सड़क पर लाइटों की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अंधेरा रहता है। खरड़ नगर काउंसिल के एरिया में लाइट तो है, लेकिन ये जलती नहीं हैं। जबकि जहां नगर काउंसिल का एरिया खत्म हो जाता है तो उससे आगे लाइट्स जलती ही नहीं है।
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लेकिन इस मामले को कोई भी संबंधित अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहा है। जबकि यहां हर समय हादसे होने का खतरा बना रहता है। खरड़ की समाज सेवी संस्थाएं इस मामले को कई बार एसडीएम के अधिकारियों के सामने उठा चुकी हैं, और इतना ही नहीं लोगों ने इस संबंध में सीएम को मेल भी भेजी है। लेकिन फिर भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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मिली जानकारी के मुताबिक खरड़-लांडरां हाईवे से होते हुए भी लोग मोहाली, चंडीगढ़ और दिल्ली-अंबाला जाते हैं। लेकिन इस रोड की हालत भी काफी खराब है। खरड़ शहर से जैसे ही लांडरां की तरफ जाते हैं तो यह रोड अपनी कहानी खुद ही बयां कर देती है। रोड के किनारे पर गंदे पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड नाला बनाया गया है। इस नाले की कुछ समय पहले नगर काउंसिल ने सफाई भी करवाई थी। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार इस नाले की उचित तरीके से सफाई नहीं हुई है। जरा सी बारिश होने पर ओवरफ्लो होकर गंदगी सड़क पर बहने लगती है। दूसरी तरफ सड़क के दोनों तरफ बने नाले की स्लैब टूटी हुई है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस हाईवे किनारे बनी कई रेजिडेंट्स सोसायटी के लोगों ने अपनी मर्जी से रोड पर कट दे रखे हैं। जिनसे हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के साथ हादसा होने का डर बना रहता है।
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इस बारे में मोहाली विकास मंच के प्रधान विनीत वर्मा का कहना है कि बरसात का मौसम चल रहा है। अगर सीवरेज की गंदगी सड़कों पर आकर बहती है तो हादसे तो होंगे ही लोग बीमार भी हो सकते हैं। प्रशासन को जालंधर में हुए हादसे से सबक लेना चाहिए।
टूटे स्लैब भी बढ़ाते हैं मुसीबत
मिली जानकारी के मुुताबिक खरड़-लांडरां हाईवे के दोनों तरफ रिहायशी सोसायटी बसी हैं। जहां से रोजाना लोग अपने कामों के लिए ट्राइसिटी में आते-जाते हैं। लेकिन पहले नाले के टूटे सीमेंट के स्लैब और फिर सड़क की खस्ता हालात के चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा खराब हालत रिलायंस और मोर के शोरूम के नजदीक हैं।
रात होते ही छा जाता है अंधेरा, रहता है वारदात होने का डर
दूरी तरफ खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इस कारण आजकल लोग खरड़-लांडरां हाईवे की रोड से ही आ-जा रहे हैं। लेकिन इस सड़क पर लाइटों की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अंधेरा रहता है। खरड़ नगर काउंसिल के एरिया में लाइट तो है, लेकिन ये जलती नहीं हैं। जबकि जहां नगर काउंसिल का एरिया खत्म हो जाता है तो उससे आगे लाइट्स जलती ही नहीं है।