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Mohali News: टीडीआई सेक्टर-117 में बदहाल हालात, न जल निकासी, न बिजली, बाढ़ जैसे हालात

Wed, 13 Aug 2025 01:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:21 AM IST
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Bad condition in TDI sector 117, no drainage, no electricity, flood like situation
मोहाली। शहर के टीडीआई सेक्टर-117 में लगातार बारिश ने डेवलपमेंट और मेंटेनेंस के सभी दावों की पोल खोल दी है। पिछले दो दिनों से यहां के कई इलाकों में सड़कों से लेकर घरों तक पानी भरा है। टीडीआई क्लब, मंदिर के सामने, कोठी नंबर 810 और 865 के बाहर जलभराव है, वहीं कोठी नंबर 802 में तो पानी सीधे घर के अंदर तक पहुंच गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक यहां रोड लेवल सही न होने और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी निकल ही नहीं पाता। इसका नतीजा यह है कि मामूली बरसात भी पूरे इलाके को तालाब बना देती है। निवासियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बिजली चली जाती है तो पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ता है। दो दिन में केवल एक घंटे के लिए बिजली आई है। लोगों का आरोप है कि बिल्डर हर महीने मेंटेनेंस चार्ज तो वसूल रहा है लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। सड़क टूटी है, पानी की निकासी नहीं है, सिक्योरिटी नाम की कोई चीज नहीं, बिजली का कोई भरोसा नहीं, फिर मेंटेनेंस चार्ज आखिर किस चीज का है। आरडब्ल्यूए ने गमाडा और डीसी मोहाली को पत्र लिखकर तुरंत हालात सुधारने की मांग की है। संजीव सोनी ने चेतावनी दी, अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो हमें कानूनी लड़ाई और धरने का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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खुले गटरों में बिजली की तार, हादसे को न्योता
आरडब्ल्यूए प्रधान संजीव सोनी ने बताया कि जगह-जगह गटर खुले पड़े हैं और इनमें बिजली की तार गिरी हुई हैं। ये किसी भी वक्त जानलेवा हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा पानी में काई जम गई है, मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और हैजा व अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
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गमाडा के नियमों की अनदेखी
आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाया कि सेक्टर में बन रही नई इमारतें गमाडा के नियमों के मुताबिक नहीं हैं। कोठियों से 4-5 फीट ऊंचाई पर बनाए जा रहे ढांचे से नीचे की सड़कों और घरों में बारिश का पानी भर जाता है। इससे हर बार बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
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बिजली का मसला पीएसपीसीएल से जुड़ा है, उनकी स्ट्राइक चल रही है। हमारे यहां से भी फॉल्ट होता है तो उसे समय-समय पर ठीक कर दिया जाता है, हालांकि कभी-कभी समय ज्यादा लग जाता है। रही बात बारिश की तो कई बार बारिश ज्यादा हो जाती है और पानी रुक जाता है, बाद में निकल भी जाता है। रोड का लेवल गमाडा के नॉर्मस के अनुसार है। तार अंडरग्राउंड भी है और ओवरहेड भी, फॉल्ट आते ही हम तुरंत ठीक करवा देते हैं। - रोहित गोगिया,प्रोजेक्ट मैनेजर
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