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कारगिल के बारे में ये बातें भी जानिए

Sun, 26 Jul 2020 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 02:03 AM IST
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Also know these things about Kargil
1- करगिल युुद्ध दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्रों में लड़ी गई जंग में शामिल है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए, 1363 जवान जख्मी हुए। पंजाब के 53 जवान इस ऑपरेशन में शहीद हुए थे। ऑपरेशन विजय का जिम्मा परोक्ष और अपरोक्ष रूप से करीब दो लाख सैनिकों को सौंपा गया था। मुख्य युद्ध क्षेत्र करगिल-द्रास सेक्टर में करीब 30 हजार सैनिक मौजूद थे।
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2- भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए घुसपैठियों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से पाकिस्तानी पहचान पत्र मिले थे। करगिल जंग में मारे गए ज्यादातर जवान नॉर्दर्न लाइट इंफैंट्री के थे। पहले यह पाकिस्तान का एक अर्धसैनिक बल था, जिसे 1999 की जंग के बाद पाकिस्तान की नियमित रेजीमेंट में बदल दिया गया।
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3- करगिल युद्ध में भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के करीब तीन हजार सैनिकों की जान गई। भारतीय सेना ने लड़ाई के दौरान अपनी सीमा में पहाड़ों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सैनिकों और मुजाहिदीनों को परास्त किया। आईएसआई के पूर्व अधिकारी शाहिद अजीज ने भी माना था कि इसमें नियमित पाकिस्तानी सैनिक शामिल थे।
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4- पाकिस्तान के उर्दू डेली में छपे एक बयान में तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने इस बात को माना था कि करगिल युद्ध पाकिस्तानी सेना के लिए एक आपदा साबित हुआ। नवाज ने माना था कि पाकिस्तान ने इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिक खो दिए। रेड क्रास के मुताबिक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाकों में करीब 30,000 मलोगों को अपने घर छोडने पड़े और भारतीय इलाकों में करीब 20,000 लोगों पर असर पड़ा।
5- कारगिल सेक्टर में लड़ाई शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक हेलीकॉप्टर से नियंत्रण रेखा पार की थी और भारतीय भूभाग में करीब 11 किमी अंदर एक स्थान पर रात भी बिताई थी। मुशर्रफ के साथ 80 ब्रिगेड के तत्कालीन कमांडर ब्रिगेडियर मसूद असलम भी थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ने जिकरिया मुस्तकार नामक स्थान पर रात गुजारी थी।
6- पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था। कई लोगों का कहना है कि कारगिल की लड़ाई उम्मीद से ज्यादा खतरनाक थी। हालात को देखते हुए मुशर्रफ ने परमाणु हथियार तक का इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली थी। पाकिस्तानी सेना कारगिल युद्ध को 1998 से अंजाम देने की फिराक में थी। इस काम के लिए पाक सेना ने अपने 5000 जवानों को कारगिल पर चढ़ाई करने के लिए भेजा था।
7- कारगिल की लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को पहले इस ऑपरेशन की खबर नहीं दी गई थी। जब इस बारे में पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को बताया गया, तो उन्होंने इस मिशन में अपनी ही आर्मी का साथ देने से मना कर दिया था।
8- भारतीय वायुसेना ने करगिल युद्ध में मिग लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया था। मिग-27 की मदद से इस युद्ध में उन स्थानों पर बम गिराए गए, जहां पाक सैनिकों ने कब्जा जमा लिया था। इसके अलावा मिग-29 करगिल में बेहद अहम साबित हुआ। इस विमान से कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलें दागी गई थीं।
9- आठ मई को कारगिल युद्ध शुरू होने के बाद 11 मई से भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने इंडियन आर्मी की मदद करना शुरू कर दिया था। युद्ध में वायुसेना के करीब 300 विमान उड़ान भरते थे। कारगिल की ऊंचाई समुद्र तल से 16000 से 18000 फीट ऊपर है। ऐसे में विमानों को करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर उडना पड़ता था। ऐसी ऊंचाई पर हवा का घनत्व 30 फीसदी से कम होता है। इन हालात में पायलट का दम विमान के अंदर ही घुट सकता है।

10- करगिल युद्ध में तोपखाने यानी आर्टिलरी से 250000 गोले और रॉकेट दागे गए थे। 300 से ज्यादा तोपों, मोर्टार और रॉकेट लॉन्चरों ने रोज करीब 5000 गोले फायर किए। लड़ाई के महत्वपूर्ण 17 दिनों में रोजाना हर आर्टिलरी बैटरी से औसतन एक मिनट में एक राउंड फायर किया गया। दूसरे विश्व युद्ध केबाद यह पहली ऐसी लड़ाई थी, जिसमें किसी एक देश ने दुश्मन देश की सेना पर इतनी ज्यादा बमबारी की थी।
कब क्या हुआ
3 मई 1999 : एक चरवाहे ने भारतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तान सेना के घुसपैठ कर कब्जा जमा लेने की सूचना दी।
5 मई : भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम जानकारी लेने कारगिल पहुंची तो पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया और उनमें से 5 भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी।
9 मई : पाकिस्तानियों की गोलाबारी से भारतीय सेना का कारगिल में मौजूद गोला बारूद का स्टोर नष्ट हो गया।
10 मई : पहली बार लदाख का प्रवेश द्वार यानी द्रास, काकसार और मुश्कोह सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों को देखा गया।
26 मई : भारतीय वायुसेना को कार्रवाई के लिए आदेश दिया गया।
27 मई : कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ मिग-27 और मिग-29 का भी इस्तेमाल किया।
26 जुलाई : कारगिल युद्ध आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया । भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नापाक इरादों को धूल में मिला जीत हासिल की।
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