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तीन दिन बाद बारिश तो थमी, पर गलियों में कीचड़ बनी आफत
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जीरकपुर। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश सोमवार को तो थम गई लेकिन अब बारिश की वजह से सड़कों-गलियों में फैला कीचड़ और गंदगी लोगों के लिए आफत बन गया है। आलम यह है कि गलियों में कीचड़ होने की वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कत आ रही है और इसकी बदबू से लोगों में बीमारियां फैलने का डर सताने लगा है। वहीं, सेहत विभाग की विभिन्न टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है और घरों में जाकर डेंगू, टायफाइड, मलेरिया और अन्य बीमारियों को लेकर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक लाखों की आबादी वाले शहर में पिछले तीन दिन से हुई बारिश ने कहर बरपाया है। जबकि बारिश के पानी से न केवल किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, बल्कि कॉलोनियों की गलियों में रहने वाले लोग इससे बच नहीं सके। आलम यह है कि बारिश के दौरान गलियों में कई-कई फुट पानी भर गया, इस वजह से लोगों घरों में बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोमवार जब बारिश का असर बंद हुआ तो सीवरेज ओवरफ्लो की सारी गंदगी ने सड़कों पर आकर डेरा जमा लिया, जिसका असर यह हुआ कि गलियों में दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों की आवाजाही से गंदगी जगह-जगह पूरी तरह से फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक नगर काउंसिल के पास सीवरेज जाम की समस्या से निपटने के लिए एक सक्शन मशीन है और इस इकलौती मशीन के सहारे पूरे शहर के सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या को दूर किया जाता है। तीन दिन से लगातार हुई बारिश के बाद कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों के अलावा मुख्य सड़कों की सीवरेज लाइन में पानी भरने से ब्लॉकेज हो गई है। सोमवार को यहां पर ऐसे हालात पैदा हो गए कि शहर के अलग-अलग हिस्सों से सीवरेज ब्लॉकेज की शिकायतें लगातार विभाग के पास पहुंचीं, जिसका असर यह हुआ कि कुछ जगहों पर सीवरेज लाइन को साफ करके चालू कर दिया गया। जबकि अधिकतर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर अभी भी सीवरेज की गंदगी के ढेर सड़कों पर आम लगे हुए हैं।
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काउंसिल ने शुरू की फॉगिंग, सेहत विभाग सर्वे में जुटा
जानकारी के मुताबिक सोमवार को जैसे ही मौसम ने करवट ली तो प्रशासन के अलग-अलग विभागों ने मोर्चा संभाल लिया है। नगर काउंसिल ने सीवरेज की ब्लॉक लाइन को खोलने के साथ-साथ शाम के समय फॉगिंग शुरू करवा दी है। वहीं, सेहत विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर डेंगू, चिकनगुनिया, टायफायड और मच्छर के काटने से होने वाली अन्य बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए घरों का सर्वे शुरू कर दिया है। इस दौरान सेहत विभाग की ओर से बिशनपुरा, लोहगढ़, भबात और बलटाना आदि क्षेत्रों में सर्वे किया गया और साथ ही लोगों को बीमारियों के लक्षणों को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कोट्स ::::
दिन-रात लगातार हुई बारिश के बाद मौसम अचानक से बदलता है, हमारा शरीर अचानक इसे सहन नहीं कर सकता। इस कारण बीमारियां शरीर को अपने जाल में जकड़ लेती हैं। इसलिए सोमवार को सुबह से सेहत विभाग की अलग-अलग टीमों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में घरों का सर्वे करने के लिए रवाना कर दिया गया। -पॉमी चतरथ, सीएमओ, सीएचसी, ढकोली।
कोट्स ::::
हमारे पास एक ही सक्शन मशीन है और सीवरेज ब्लॉक की शिकायतें अनेक। फिर भी कोशिश यह की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा शिकायतों का निपटारा किया जा सके। जबकि सेनिटेशन ब्रांच ने शाम से ही फॉगिंग शुरू कर दी है, जिससे बारिश बंद होने के बाद जो मच्छर पनपते हैं। उसकी चपेट में आकर लोग बीमारी का शिकार न हो सकें। -रवनीत सिंह, ईओ, नगर काउंसिल जीरकपुर।
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जानकारी के मुताबिक लाखों की आबादी वाले शहर में पिछले तीन दिन से हुई बारिश ने कहर बरपाया है। जबकि बारिश के पानी से न केवल किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, बल्कि कॉलोनियों की गलियों में रहने वाले लोग इससे बच नहीं सके। आलम यह है कि बारिश के दौरान गलियों में कई-कई फुट पानी भर गया, इस वजह से लोगों घरों में बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोमवार जब बारिश का असर बंद हुआ तो सीवरेज ओवरफ्लो की सारी गंदगी ने सड़कों पर आकर डेरा जमा लिया, जिसका असर यह हुआ कि गलियों में दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों की आवाजाही से गंदगी जगह-जगह पूरी तरह से फैल गई है।
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जानकारी के मुताबिक नगर काउंसिल के पास सीवरेज जाम की समस्या से निपटने के लिए एक सक्शन मशीन है और इस इकलौती मशीन के सहारे पूरे शहर के सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या को दूर किया जाता है। तीन दिन से लगातार हुई बारिश के बाद कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों के अलावा मुख्य सड़कों की सीवरेज लाइन में पानी भरने से ब्लॉकेज हो गई है। सोमवार को यहां पर ऐसे हालात पैदा हो गए कि शहर के अलग-अलग हिस्सों से सीवरेज ब्लॉकेज की शिकायतें लगातार विभाग के पास पहुंचीं, जिसका असर यह हुआ कि कुछ जगहों पर सीवरेज लाइन को साफ करके चालू कर दिया गया। जबकि अधिकतर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर अभी भी सीवरेज की गंदगी के ढेर सड़कों पर आम लगे हुए हैं।
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काउंसिल ने शुरू की फॉगिंग, सेहत विभाग सर्वे में जुटा
जानकारी के मुताबिक सोमवार को जैसे ही मौसम ने करवट ली तो प्रशासन के अलग-अलग विभागों ने मोर्चा संभाल लिया है। नगर काउंसिल ने सीवरेज की ब्लॉक लाइन को खोलने के साथ-साथ शाम के समय फॉगिंग शुरू करवा दी है। वहीं, सेहत विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर डेंगू, चिकनगुनिया, टायफायड और मच्छर के काटने से होने वाली अन्य बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए घरों का सर्वे शुरू कर दिया है। इस दौरान सेहत विभाग की ओर से बिशनपुरा, लोहगढ़, भबात और बलटाना आदि क्षेत्रों में सर्वे किया गया और साथ ही लोगों को बीमारियों के लक्षणों को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कोट्स ::::
दिन-रात लगातार हुई बारिश के बाद मौसम अचानक से बदलता है, हमारा शरीर अचानक इसे सहन नहीं कर सकता। इस कारण बीमारियां शरीर को अपने जाल में जकड़ लेती हैं। इसलिए सोमवार को सुबह से सेहत विभाग की अलग-अलग टीमों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में घरों का सर्वे करने के लिए रवाना कर दिया गया। -पॉमी चतरथ, सीएमओ, सीएचसी, ढकोली।
कोट्स ::::
हमारे पास एक ही सक्शन मशीन है और सीवरेज ब्लॉक की शिकायतें अनेक। फिर भी कोशिश यह की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा शिकायतों का निपटारा किया जा सके। जबकि सेनिटेशन ब्रांच ने शाम से ही फॉगिंग शुरू कर दी है, जिससे बारिश बंद होने के बाद जो मच्छर पनपते हैं। उसकी चपेट में आकर लोग बीमारी का शिकार न हो सकें। -रवनीत सिंह, ईओ, नगर काउंसिल जीरकपुर।