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स्कूल-अस्पतालों ने जरूरतमंदों को कितना फायदा दिया
Mohali
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। गमाडा ने शहर में विभिन्न अस्पतालों और स्कूलों को सस्ती दरों पर जमीन अलॉट की थी। उस समय शर्त रखी गई थी कि उक्त स्कूल और अस्पताल जरूरतमंदों लोगों की सहायता करेंगे। लेकिन इस दौरान इन अस्पतालों और स्कूलों ने जरूरतमंद लोेगों का कितना भला किया, इसकी जानकारी गमाडा के पास भी नहीं है।
यह खुलासा पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी द्वारा गमाडा में डाली गई आरटीआई में हुआ है। यही नहीं गमाडा द्वारा उनको पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा एक अन्य बड़े अस्पताल को अलॉट की गई जमीन की कीमत उनको नहीं बताई गई है, जिसकी जानकारी उन्होंने अस्पताल के नाम का जिक्र कर मांगी थी। बेदी ने इस संबंध में गमाडा को पत्र लिखकर पूरी जानकारी मुहैया कराने की चेतावनी दी है।
बेदी ने बताया कि उनको जो जानकारी मुहैया कराई गई है। उसमें अस्पतालों के बारे में बताया गया है कि गरीबी की रेखा के नीचे वाले लोगों को 10 फीसदी आउटडोर और 5 फीसदी इंडोर फ्री इलाज देने की सहूलियत देने की शर्त है। स्कूलों को बीपीएल परिवारों के बच्चों को 10 फीसदी दाखिला देने की शर्त रखी गई है। बड़ी हैरानी की बात है कि गमाडा ने यह जानकारी उनको मुहैया कराने की जगह अस्पतालों और स्कूलों से यह जानकारी हासिल करने को कहा है। बेदी ने साफ किया है कि गमाडा उन्हें पूरी जानकारी मुहैया करवाए, नहीं तो वह स्टेट कमीशन के पास जाएंगे।
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यह खुलासा पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी द्वारा गमाडा में डाली गई आरटीआई में हुआ है। यही नहीं गमाडा द्वारा उनको पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा एक अन्य बड़े अस्पताल को अलॉट की गई जमीन की कीमत उनको नहीं बताई गई है, जिसकी जानकारी उन्होंने अस्पताल के नाम का जिक्र कर मांगी थी। बेदी ने इस संबंध में गमाडा को पत्र लिखकर पूरी जानकारी मुहैया कराने की चेतावनी दी है।
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बेदी ने बताया कि उनको जो जानकारी मुहैया कराई गई है। उसमें अस्पतालों के बारे में बताया गया है कि गरीबी की रेखा के नीचे वाले लोगों को 10 फीसदी आउटडोर और 5 फीसदी इंडोर फ्री इलाज देने की सहूलियत देने की शर्त है। स्कूलों को बीपीएल परिवारों के बच्चों को 10 फीसदी दाखिला देने की शर्त रखी गई है। बड़ी हैरानी की बात है कि गमाडा ने यह जानकारी उनको मुहैया कराने की जगह अस्पतालों और स्कूलों से यह जानकारी हासिल करने को कहा है। बेदी ने साफ किया है कि गमाडा उन्हें पूरी जानकारी मुहैया करवाए, नहीं तो वह स्टेट कमीशन के पास जाएंगे।
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