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बिजली की तारों को अंडरग्राउड डालने से पैदा हुई समस्या
Mohali
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। ट्रैफिक की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा शहर की कई सड़कों को चौड़ा किया है, लेकिन सड़कों की चौड़ाई अधिक होने से बिजली की तारों को वहां से ले जाने में समस्या आ रही थी। जिसके चलते विभाग ने बिजली की तारों को अंडरग्राउंड केबल के जरिए डाला गया है। लेकिन विभाग को अब नया डर सता रहा है कि जहां से केबल गुजरी हैं। उस क्षेत्र में यदि कोई खुदाई की गई तो शहर की बिजली गुल हो सकती है या कोई हादसा घट सकता है। जिसके चलते गमाडा ने सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को हिदायत दी है कि इस क्षेत्र में खुदाई करने से पहले मंजूरी ली जाए। अन्यथा कोई हादसा होने पर संबंधित विभाग ही घटना के लिए जिम्मेदार होगा।
इस मामले को लेकर हाल ही में प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों और पावर काम के अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इसमें बिजली के तार अंडरग्राउंड करने से पैदा हुए खतरे पर गंभीरता से विचार किया गया। गमाडा के चीफ इंजीनियर की तरफ से नगर काउंसिल, वाटर सप्लाई एवं सीवरेज, बीएसएनल समेत सभी प्राइवेट टेलीफोन कंपनियों को इसके लिए सरकुलर भेजे गए हैं। जिन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेशों में साफ किया गया है कि विशेष रूप से फेज-7 स्थित अंब चौक से पीटीएल चौंक एवं कुभड़ा से पीसीएल चौक को विशेष कर चौड़ा किया गया है। इन सड़कों को चौड़ा करने के कारण 11 केवी और 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें को शिफ्ट की गई हैं और कुछ स्थानों पर जगह की कमी के चलते 11केवी और 66 केवी लाइनों को अंडरग्राउंड केबल में बदला गया हैं, जिसके चलते ये समस्या पैदा हुई। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी काम के लिए खुदाई करने के लिए गमाडा से अनुमति लेनी होगी। अन्यथा हादसा होने पर संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा।
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जेसीबी से खुदाई पर पूरी तरह मनाई
- वहीं, इन सड़कोें के किनारे खुदाई करने के लिए अनुमति मिल जाती है। तो भी जेसीबी मशीन से बिल्कुल भी खुदाई नहीं होगी, क्योंकि जेसीबी से तार कटने का हमेशा डर बना रहता है। इसके अलावा इस क्षेत्र से गुजर रही अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। जिसके चलते यह आदेश दिए गए हैं।
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इस मामले को लेकर हाल ही में प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों और पावर काम के अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इसमें बिजली के तार अंडरग्राउंड करने से पैदा हुए खतरे पर गंभीरता से विचार किया गया। गमाडा के चीफ इंजीनियर की तरफ से नगर काउंसिल, वाटर सप्लाई एवं सीवरेज, बीएसएनल समेत सभी प्राइवेट टेलीफोन कंपनियों को इसके लिए सरकुलर भेजे गए हैं। जिन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेशों में साफ किया गया है कि विशेष रूप से फेज-7 स्थित अंब चौक से पीटीएल चौंक एवं कुभड़ा से पीसीएल चौक को विशेष कर चौड़ा किया गया है। इन सड़कों को चौड़ा करने के कारण 11 केवी और 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें को शिफ्ट की गई हैं और कुछ स्थानों पर जगह की कमी के चलते 11केवी और 66 केवी लाइनों को अंडरग्राउंड केबल में बदला गया हैं, जिसके चलते ये समस्या पैदा हुई। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी काम के लिए खुदाई करने के लिए गमाडा से अनुमति लेनी होगी। अन्यथा हादसा होने पर संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा।
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जेसीबी से खुदाई पर पूरी तरह मनाई
- वहीं, इन सड़कोें के किनारे खुदाई करने के लिए अनुमति मिल जाती है। तो भी जेसीबी मशीन से बिल्कुल भी खुदाई नहीं होगी, क्योंकि जेसीबी से तार कटने का हमेशा डर बना रहता है। इसके अलावा इस क्षेत्र से गुजर रही अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। जिसके चलते यह आदेश दिए गए हैं।
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