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20 लाख की धोखाधड़ी, महीनों बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी
Mohali
Updated Fri, 17 May 2013 05:30 AM IST
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मोहाली। एक एनआरआई की मौत के बाद उसके बैंक खाते से 20 लाख रुपये निकाल लिए गए। उनकी पत्नी ने इस घटना की पुलिस को शिकायत भी दी और पुलिस ने बैंक के चार अधिकारियों के खिलाफ परचा भी दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई को भी महीनों बीत गए, लेकिन न तो पुलिस ने कुछ किया और न ही बैंक ने। ऐसे में पीड़ित महिला आज भी कार्रवाई की राह ही देख रही है।
एनआरआई महाराज बैंस का फेज 3बी2 स्थित इंडसइंड बैंक में खाता था और उसमें 20 लाख रुपये थे। वर्ष 2009 में अमेरिका में ही उनकी मौत हो गई। एक साल बाद उनकी पत्नी डॉ. अमरजीत बैंस ने रकम के बारे में पता किया तो बैंक के कर्मचारियों ने खाते में रकम नहीं होने की बात कही। वर्ष-2010 में उन्होंने थाना मटौर पुलिस को शिकायत दी और जांच में सामने आया कि बैंस की मौत के बाद खाता फ्रीज करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद बैंक के कुछ अधिकारियों ने नई चेक बुक जारी कर दी और उसी चेक से रकम निकाल ली गई। ईओ विंग की जांच के बाद 15 दिसंबर-12 को मटौर पुलिस ने बैंक के तत्कालीन मैनेजर विशाल विनायक, अर्शप्रीत कौर, जसप्रीत कौर और कैशियर जतिंदर ग्रोवर के खिलाफ परचा दर्ज किया। बस पुलिस कार्रवाई की खानापूर्ति यहीं खत्म हो गई। उसके बाद से आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, बैंक ने भी शिकायत मिलने के बाद अपने अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
कोट्स..........
चार अधिकारियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है।
- राजेंदर सिंह, जांच अधिकारी
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एनआरआई महाराज बैंस का फेज 3बी2 स्थित इंडसइंड बैंक में खाता था और उसमें 20 लाख रुपये थे। वर्ष 2009 में अमेरिका में ही उनकी मौत हो गई। एक साल बाद उनकी पत्नी डॉ. अमरजीत बैंस ने रकम के बारे में पता किया तो बैंक के कर्मचारियों ने खाते में रकम नहीं होने की बात कही। वर्ष-2010 में उन्होंने थाना मटौर पुलिस को शिकायत दी और जांच में सामने आया कि बैंस की मौत के बाद खाता फ्रीज करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद बैंक के कुछ अधिकारियों ने नई चेक बुक जारी कर दी और उसी चेक से रकम निकाल ली गई। ईओ विंग की जांच के बाद 15 दिसंबर-12 को मटौर पुलिस ने बैंक के तत्कालीन मैनेजर विशाल विनायक, अर्शप्रीत कौर, जसप्रीत कौर और कैशियर जतिंदर ग्रोवर के खिलाफ परचा दर्ज किया। बस पुलिस कार्रवाई की खानापूर्ति यहीं खत्म हो गई। उसके बाद से आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, बैंक ने भी शिकायत मिलने के बाद अपने अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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कोट्स..........
चार अधिकारियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है।
- राजेंदर सिंह, जांच अधिकारी