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बारिश के बाद फेज-11 में पानी में चली किश्ती...
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शहर में 44.5 एमएम बारिश, पानी में बहे प्रशासन के ‘प्रबंध’
फेज-11 में दो युवकों ने पानी में चलाई किश्ती, ट्रैफिक जाम से दो-चार हुए लोग, घरों के अंदर भरा पानी
दमकल विभाग ने फेजों में भरे पानी को पंप से निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। शहर में वीरवार सुबह अचानक हुई 44.5 एमएम बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। पानी की उचित निकासी के प्रबंध न होने से मुख्य सड़कें पानी से भर गईं और काफी समय तक सड़क पर पानी भरा रहा। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी की निकासी ठप होने के कारण पूरे फेज 11 में पानी भर गया। वहीं, बावा वाइट हाउस के सामने वाली सड़क पर भरे पानी में दो युवकों ने किश्ती चलाई।
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बलौंगी-खरड़ फ्लाईओवर पर गोपाल जंक्शन के नीचे पानी एक नदी की तरह फ्लाईओवर के साथ बने रिहायशी क्षेत्र में भर गया। इससे सर्विस रोड पर भी जाम लग गया। बारिश के दौरान कामकाजी लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोगों ने फ्लाईओवर का सहारा लिया लेकिन वहां भी कई फुट पानी भरने से लोग परेशान हुए।
वीआईपी सिटी की सड़कें चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित की गई हैं। पूरे शहर की योजना में आर्किटेक्ट का अहम योगदान है जिन्होंने शहर की बढ़ती आबादी को देखकर रोड, गलियां और पानी की निकासी को लेकर उचित प्रबंध किए हैं। उनके प्रबंध और प्रशासन द्वारा खर्च किए करोड़ों रुपये बरसात में बह गए। बरसाती पानी की निकासी न होने से फेज 1, 4 , 7 और 3बी2 के अलावा फेज-11 में कई फुट पानी भरने से लोग घरों में कैद हो गए। कुछ लोग गाड़ियां लेकर बाहर निकले लेकिन उनकी गाड़ियों में पानी भर जाने के कारण वह बंद हो गई। फेज-11 में पानी एक नदी बनकर चलता दिखाई दिया और इस क्षेत्र में बाइक सवार लोग पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो गए। कई लोगों की मोटरसाइकिल पानी में गिरकर पूरी तरह से डूबकर खराब हो गई, जो पानी निकलने के बाद मिली। फेज-3बी2 और फेज-7 में लोगों के घरों में पानी अंदर तक घुस जाने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इन क्षेत्रों में दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंची मोटरों की मदद से पानी निकाला।
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बारिश से नहीं बची शॉपिंग स्ट्रीट
वीरवार को हुई बारिश से शॉपिंग स्ट्रीट भी नहीं बच पाई और पीटीएल लाइट प्वाइंट से लेकर फेज-3 व 5 की लाइट प्वाइंट तक सड़क किनारे पानी भर गया। पानी भरने की वजह ड्रेनेज लाइन की सफाई न होना था। बरसात का पानी भरने के बाद निगम कर्मचारियों ने ड्रेनेज लाइन में फंसे कचरे को साफ किया। इसके बाद पानी धीरे-धीरे ड्रेनेज की मदद से निकाला। बीएसएनएल एक्सचेंज और बाल भवन गेट के सामने ज्यादा पानी खड़ा होने से जाम लग गया, जिस कारण राहगीरों को जाम खुलने तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
पार्क बने तालाब, लोग बिना सैर लौटे
वीरवार को हुई बारिश के बाद फेज-3 स्थित मैंगो पार्क, फेज-4 स्थित बोगेनविलया पार्क, फेज 3बी1 स्थित रोज गार्डन के अलावा सिल्वी पार्क और सिटी पार्क में सैर करने वाले ट्रैकों पर पानी भर गया। नेचर पार्क में भी निकासी न होने के कारण पानी भरा रहा। ये शहर के वे पार्क हैं, जिनमें भारी संख्या में लोग सुबह, दोपहर और शाम को सैर व घूमने के लिए आते हैं लेकिन वीरवार को तालाब में तब्दील हुए पार्कों में कुछ लोग ही आए। अधिकतर लोग बिना सैर किए लौट गए।
मेयर ने संभाला मोर्चा
हर साल निगम पानी की निकासी के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन इनकी पोल मामूली-सी बारिश के बाद खुल जाती है। वीरवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसके बाद मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू खुद मोर्चा संभालकर उतर पड़े। वह फेज-4 में स्थित एचएम मकान के सामने भरे पानी को निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने दमकल विभाग की मदद से पानी निकलवाया। जहां से भी पानी भरने की शिकायतें मिलीं, वहां उन्होंने खुद पहुंचने का प्रयास किया। वहीं जहां खुद नहीं पहुंच पाए, वहां पर पार्षद व अधिकारियों को भेजा।
मकानों के साथ दुकानों में भरा पानी
निगम के अधीन आते गांव मोहाली, सोहाना, कुंभड़ा, मटौर, शाहीमाजरा में बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर गया। मोहाली गांव में दुकानों के अंदर पानी भर जाने से सामान खराब हुआ। आलम यह था कि बरसाती पानी भर जाने से कुछ लोग दुकान खोल ही नहीं पाए। वहीं मोटर मार्केट में दुकानदार दुकानों में भरे पानी को निकालते दिखाई दिए और इसके चलते सारा दिन कोई काम नहीं किया।
लाइफलाइन बनी पानी की लाइन
लाइफलाइन कहे जाते एयरपोर्ट रोड पर वीरवार को जगह-जगह पानी भरने से यह पानी की लाइन बन गई। इस कारण कई जगह जाम लग गया। सेक्टर-82 स्थित जेएलपीएल के पास सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण लंबा जाम फॉल्कन व्यू सोसायटी से रेलवे लाइन लाइट प्वाइंट तक लग गया। यहां गाड़ियों में बैठे लोग गमाडा की प्लानिंग को कोसते हुए नजर आए, क्योंकि सैकड़ों करोड़ों रुपये की लागत से बनाई सड़क सेक्टर-82 में आकर छोटी हो जाती है और जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है।
फेज-5 में फिर भरा पानी
बारिश के दौरान फेज-5 में पानी भर गया। नगर निगम ने बारिश से हुए नुकसान के बाद करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में पानी की निकासी के प्रबंध किए थे। फेज-5 में एक बार फिर पानी भरने से लोग आफत में आ गए। बारिश का पानी फिर से घरों के बरामदों में आ गया। वहीं सड़क पर खड़े वाहन पानी में डूबे नजर आए।
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फेज-11 में दो युवकों ने पानी में चलाई किश्ती, ट्रैफिक जाम से दो-चार हुए लोग, घरों के अंदर भरा पानी
दमकल विभाग ने फेजों में भरे पानी को पंप से निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। शहर में वीरवार सुबह अचानक हुई 44.5 एमएम बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। पानी की उचित निकासी के प्रबंध न होने से मुख्य सड़कें पानी से भर गईं और काफी समय तक सड़क पर पानी भरा रहा। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी की निकासी ठप होने के कारण पूरे फेज 11 में पानी भर गया। वहीं, बावा वाइट हाउस के सामने वाली सड़क पर भरे पानी में दो युवकों ने किश्ती चलाई।
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बलौंगी-खरड़ फ्लाईओवर पर गोपाल जंक्शन के नीचे पानी एक नदी की तरह फ्लाईओवर के साथ बने रिहायशी क्षेत्र में भर गया। इससे सर्विस रोड पर भी जाम लग गया। बारिश के दौरान कामकाजी लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोगों ने फ्लाईओवर का सहारा लिया लेकिन वहां भी कई फुट पानी भरने से लोग परेशान हुए।
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वीआईपी सिटी की सड़कें चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित की गई हैं। पूरे शहर की योजना में आर्किटेक्ट का अहम योगदान है जिन्होंने शहर की बढ़ती आबादी को देखकर रोड, गलियां और पानी की निकासी को लेकर उचित प्रबंध किए हैं। उनके प्रबंध और प्रशासन द्वारा खर्च किए करोड़ों रुपये बरसात में बह गए। बरसाती पानी की निकासी न होने से फेज 1, 4 , 7 और 3बी2 के अलावा फेज-11 में कई फुट पानी भरने से लोग घरों में कैद हो गए। कुछ लोग गाड़ियां लेकर बाहर निकले लेकिन उनकी गाड़ियों में पानी भर जाने के कारण वह बंद हो गई। फेज-11 में पानी एक नदी बनकर चलता दिखाई दिया और इस क्षेत्र में बाइक सवार लोग पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो गए। कई लोगों की मोटरसाइकिल पानी में गिरकर पूरी तरह से डूबकर खराब हो गई, जो पानी निकलने के बाद मिली। फेज-3बी2 और फेज-7 में लोगों के घरों में पानी अंदर तक घुस जाने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इन क्षेत्रों में दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंची मोटरों की मदद से पानी निकाला।
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बारिश से नहीं बची शॉपिंग स्ट्रीट
वीरवार को हुई बारिश से शॉपिंग स्ट्रीट भी नहीं बच पाई और पीटीएल लाइट प्वाइंट से लेकर फेज-3 व 5 की लाइट प्वाइंट तक सड़क किनारे पानी भर गया। पानी भरने की वजह ड्रेनेज लाइन की सफाई न होना था। बरसात का पानी भरने के बाद निगम कर्मचारियों ने ड्रेनेज लाइन में फंसे कचरे को साफ किया। इसके बाद पानी धीरे-धीरे ड्रेनेज की मदद से निकाला। बीएसएनएल एक्सचेंज और बाल भवन गेट के सामने ज्यादा पानी खड़ा होने से जाम लग गया, जिस कारण राहगीरों को जाम खुलने तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
पार्क बने तालाब, लोग बिना सैर लौटे
वीरवार को हुई बारिश के बाद फेज-3 स्थित मैंगो पार्क, फेज-4 स्थित बोगेनविलया पार्क, फेज 3बी1 स्थित रोज गार्डन के अलावा सिल्वी पार्क और सिटी पार्क में सैर करने वाले ट्रैकों पर पानी भर गया। नेचर पार्क में भी निकासी न होने के कारण पानी भरा रहा। ये शहर के वे पार्क हैं, जिनमें भारी संख्या में लोग सुबह, दोपहर और शाम को सैर व घूमने के लिए आते हैं लेकिन वीरवार को तालाब में तब्दील हुए पार्कों में कुछ लोग ही आए। अधिकतर लोग बिना सैर किए लौट गए।
मेयर ने संभाला मोर्चा
हर साल निगम पानी की निकासी के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन इनकी पोल मामूली-सी बारिश के बाद खुल जाती है। वीरवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसके बाद मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू खुद मोर्चा संभालकर उतर पड़े। वह फेज-4 में स्थित एचएम मकान के सामने भरे पानी को निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने दमकल विभाग की मदद से पानी निकलवाया। जहां से भी पानी भरने की शिकायतें मिलीं, वहां उन्होंने खुद पहुंचने का प्रयास किया। वहीं जहां खुद नहीं पहुंच पाए, वहां पर पार्षद व अधिकारियों को भेजा।
मकानों के साथ दुकानों में भरा पानी
निगम के अधीन आते गांव मोहाली, सोहाना, कुंभड़ा, मटौर, शाहीमाजरा में बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर गया। मोहाली गांव में दुकानों के अंदर पानी भर जाने से सामान खराब हुआ। आलम यह था कि बरसाती पानी भर जाने से कुछ लोग दुकान खोल ही नहीं पाए। वहीं मोटर मार्केट में दुकानदार दुकानों में भरे पानी को निकालते दिखाई दिए और इसके चलते सारा दिन कोई काम नहीं किया।
लाइफलाइन बनी पानी की लाइन
लाइफलाइन कहे जाते एयरपोर्ट रोड पर वीरवार को जगह-जगह पानी भरने से यह पानी की लाइन बन गई। इस कारण कई जगह जाम लग गया। सेक्टर-82 स्थित जेएलपीएल के पास सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण लंबा जाम फॉल्कन व्यू सोसायटी से रेलवे लाइन लाइट प्वाइंट तक लग गया। यहां गाड़ियों में बैठे लोग गमाडा की प्लानिंग को कोसते हुए नजर आए, क्योंकि सैकड़ों करोड़ों रुपये की लागत से बनाई सड़क सेक्टर-82 में आकर छोटी हो जाती है और जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है।
फेज-5 में फिर भरा पानी
बारिश के दौरान फेज-5 में पानी भर गया। नगर निगम ने बारिश से हुए नुकसान के बाद करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में पानी की निकासी के प्रबंध किए थे। फेज-5 में एक बार फिर पानी भरने से लोग आफत में आ गए। बारिश का पानी फिर से घरों के बरामदों में आ गया। वहीं सड़क पर खड़े वाहन पानी में डूबे नजर आए।