फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   300 patients including 81 new cases of diarrhea in Zirakpur, disease spread in five colonies

जीरकपुर में डायरिया के 81 नए मामले समेत हुए 300 मरीज, पांच कॉलोनियों में फैली बीमारी

Fri, 13 Aug 2021 02:17 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 02:17 AM IST
विज्ञापन
300 patients including 81 new cases of diarrhea in Zirakpur, disease spread in five colonies
जीरकपुर। बलटाना के एकता विहार के बाद वीरवार को रविंद्रा एनक्लेव में 21 नए मामले सामने आए हैं। इनके साथ ही अब डायरिया के कुल 300 मरीज हो गए हैं। अभी तक डायरिया से दो लोगों की मौत हो चुकी है। बलटाना और जीरकपुर की अलग-अलग कॉलोनियों से वीरवार को कुल 81 लोगों में डायरिया की पुष्टि हुई है। इनमें एकता विहार, रविंद्रा एनक्लेव, पाल्म एनक्लेव, स्वामी एनक्लेव सहित आधा दर्जन कॉलोनियां शामिल हैं। जीरकपुर में लगातार बढ़ रहे डायरिया के मामलों ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसलिए वीरवार की सुबह मौके पर मोहाली डीसी और एसडीएम जांच के लिए पहुुंचे थे, उनके जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू पहुंचे।
विज्ञापन

वाटर सप्लाई और ड्रेनेज सिस्टम था सीवरेज बोर्ड के पास
पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड ने साल 2012 में अपना पूरा काम जीरकपुर एमसी को सौंप दिया था। उस दौरान यहां शहर का सीवरेज का मास्टर प्लान भी एमसी को सौंप दिया। उस प्लान में शहर की सीवर लाइनों और वाटर सप्लाई लाइनों का पूरा डाटा है। एमसी को सौंपने के बाद अब वो प्लान कहीं गायब हो गया है। पंजाब वाटर सप्लाई और सीवरेज विभाग के पास इसकी मास्टर कॉपी है, लेकिन एमसी के पास इसका रिकॉर्ड नहीं है। दोनों अथॉरिटीज की आपस में तालमेल की कमी से शहर का पानी और सीवरेज के सिस्टम पर ठीक से काम नहीं हो पा रहा है। शहर में किस लेवल पर पहले की लाइनें पड़ी हैं और किस पर अब डाली जानी हैं, यही तय नहीं हो पाता है। यह तालमेल की कमी का एक बड़ा उदाहरण है। पंजाब वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड से शहर का सीवरेज और वाटर सप्लाई का काम जीरकपुर एमसी ने 8 अगस्त 2012 को टेकओवर किया। उस समय शहर में मेन सीवर लाइन और कॉलोनियों के अंदर की छोटी सीवर लाइन की लंबाई करीब 200 किलोमीटर थी।
विज्ञापन

2012 के बाद शहर में सीवरेज लाइन डालने में नियमों की जमकर उल्लंघना की गई। एमसी के ठेकेदारों और लोगों ने भी अपनी मर्जी से यहां लाइनें डाली। अधिकतर ने तो इसकी फीस तक नहीं चुकाई। मनमाने तरीके से किए गए काम का खामियाजा आज यहां पब्लिक को भुगतना पड़ रहा है। हालत इतनी खराब है कि बार-बार सीवरेज लाइनें जाम हो रही हैं। पीने के पानी में सीवरेज मिल रहा है। लोग बीमार हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
बलटाना के एकता विहार और आसपास के इलाके में सीवरेज लाइनों और वाटर सप्लाई लाइनाें की जांच की जा रही है। जहां पर खामी है, उसे सुधारा जा रहा है। - गिरीश वर्मा, ईओ, नगर परिषद जीरकपु़र।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed