{"_id":"5c5351eebdec22736b5e9cb3","slug":"111548964334-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई में चल रहा है इलाज, एक 50 साल की महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई में चल रहा है इलाज, एक 50 साल की महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- जीएमसीएच में चल रहा है इलाज, एक 50 साल की महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि
- स्वास्थ्य विभाग ने 40-50 घरों का किया सर्वे
- इन लोगों के संपर्क में आने वाले 13 लोगों को दिया गया टेमीफ्लू मेडिसिन
दीपक शाही
जीरकपुर। सर्द हवाओं ने लोगों में स्वाइन फ्लू की दहशत को और ज्यादा बढ़ा दिया है। क्योंकि सर्दी में स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। जीरकपुर में दो नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बलटाना के गोविंद विहार के ब्लड कैंसर से पीड़ित दो साल के बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंसपेक्टर लखविंदर सिंह ने बताया कि बच्चा अपने माता पिता के साथ बाड़मेर में रहता था। जहां बच्चे को कैंसर डिटेक्ट हुआ तो उपचार के लिए वह चंडीगढ़ पीजीआई में आए। डॉक्टरों की माने तो कैंसर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होता है, इसलिए बच्चा स्वाइन फ्लू वायरस के संपर्क में उपचार के दौरान आया होगा। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद बच्चे को चंडीगढ़ सेक्टर 32 के जीएमसीएच में दाखिल करवाया गया है। डॉक्टरों की माने तो बच्चों के स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं अधिक होती हैं क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले बहुत कम होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोविंद विहार के करीब चालिस घरों का सर्वे करवाया है। वहीं बच्चे के संपर्क में आने वाले नौ लोगों को टेमी फ्लू दवा दे दी गई है। इसके अलावा जीरकपुर के पंचकूूला रोड स्थित न्यू जेनरेशन अपार्टमेंट में एक 53 साल की महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला का उपचार चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
बच्चों में स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण
- बच्चों का तेज सांस चलना या सांस लेने में तकलीफ होना।
- बच्चों की त्वचा के रंग में बदलाव आना।
- अगर बच्चा यथोचित पानी नहीं पी रहा है तो यह भी स्वाइन फ्लू का एक लक्षण है।
- बच्चों को लगातार उल्टियां होना भी स्वाइन फ्लू का ही लक्षण है।
48 घंटे के भीतर ले दवा
स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने के बाद दो से चार दिन में बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए। डॉक्टरों की माने तो वायरस से संक्रमित होने के बाद बीमारी का लक्षण दिखने पर 48 घंटे के भीतर दवा जरूर लेनी चाहिए। 48 घंटे बाद दवा का अधिक असर नहीं होता।
ट्रिपल लेयर मास्क 70 से 80 और एन-95 से 90 फीसदी स्वाइन फ्लू से बचाव
छीकने और खांसने पर हवा में या फिर नाक से निकले वाले द्रव व थूंक के कण जहां भी जमीन पर गिरते हैं, वह एरिया स्वाइन फ्लू के वायरस से जद में आ जाता है। इसके अलावा संक्रमित दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल आदि सामान्य छूई जाने वाली चीजों के जरिए भी यह वायरस फैलता है।
विज्ञापन
ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क चार घंटों के लिए व एन-95 मास्क आठ घंटों तक सुरक्षा करता है। ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क इस्तेमाल करने पर वायरस से 70 से 80 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है, वहीं एन-95 मास्क से से 90 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है। इसके अलावा फ्लू के वायरस से बचाव में मास्क तभी कारगर होगा जब उसे सही तरह से पहना जाए। मास्क बांधते समय हमेशा ध्यान रखें कि मुंह और नाक पूरी तरह से ढक जाए।
स्वाइन फ्लू के लक्षण स्वाइन फ्लू के लक्षण
- बुखार
- तेज ठंड लगना
- गला खराब हो जाना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- तेज सिरदर्द होना
- खांसी आना
- कमजोरी महसूस करना
लक्षण दिखने पर रखें ध्यान
- खांसते और छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को रुमाल से ढकें।
- नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में अपने हाथ को साबुन से बार-बार धोएं।
- अच्छी नींद लें, शारीरिक रुप से सक्रिय रहें और तनाव को प्रभावित तरीके से संभालें।
- सादा पानी पीएं व पौष्टिक खाना खाएं।
क्या न करें
हाथ न मिलाएं और न ही किसी के गले मिलें।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
खुले में न थूकें।
क्या कहती हैं इंचार्ज
ढकोली हेल्थ कम्युनिटी सेंटर की इंचार्ज एसएमओ डॉ पोमी चतरथ ने बताया कि ढकोली अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार का कोई प्रबंध नहीं है इसके लिए मरीज को चंडीगढ़ सेक्टर 32 जीएमसीएच रेफर किया जाता है। यहां दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
- स्वास्थ्य विभाग ने 40-50 घरों का किया सर्वे
- इन लोगों के संपर्क में आने वाले 13 लोगों को दिया गया टेमीफ्लू मेडिसिन
दीपक शाही
जीरकपुर। सर्द हवाओं ने लोगों में स्वाइन फ्लू की दहशत को और ज्यादा बढ़ा दिया है। क्योंकि सर्दी में स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। जीरकपुर में दो नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बलटाना के गोविंद विहार के ब्लड कैंसर से पीड़ित दो साल के बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंसपेक्टर लखविंदर सिंह ने बताया कि बच्चा अपने माता पिता के साथ बाड़मेर में रहता था। जहां बच्चे को कैंसर डिटेक्ट हुआ तो उपचार के लिए वह चंडीगढ़ पीजीआई में आए। डॉक्टरों की माने तो कैंसर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होता है, इसलिए बच्चा स्वाइन फ्लू वायरस के संपर्क में उपचार के दौरान आया होगा। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद बच्चे को चंडीगढ़ सेक्टर 32 के जीएमसीएच में दाखिल करवाया गया है। डॉक्टरों की माने तो बच्चों के स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं अधिक होती हैं क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले बहुत कम होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोविंद विहार के करीब चालिस घरों का सर्वे करवाया है। वहीं बच्चे के संपर्क में आने वाले नौ लोगों को टेमी फ्लू दवा दे दी गई है। इसके अलावा जीरकपुर के पंचकूूला रोड स्थित न्यू जेनरेशन अपार्टमेंट में एक 53 साल की महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला का उपचार चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
बच्चों में स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण
- बच्चों का तेज सांस चलना या सांस लेने में तकलीफ होना।
- बच्चों की त्वचा के रंग में बदलाव आना।
- अगर बच्चा यथोचित पानी नहीं पी रहा है तो यह भी स्वाइन फ्लू का एक लक्षण है।
- बच्चों को लगातार उल्टियां होना भी स्वाइन फ्लू का ही लक्षण है।
48 घंटे के भीतर ले दवा
स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने के बाद दो से चार दिन में बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए। डॉक्टरों की माने तो वायरस से संक्रमित होने के बाद बीमारी का लक्षण दिखने पर 48 घंटे के भीतर दवा जरूर लेनी चाहिए। 48 घंटे बाद दवा का अधिक असर नहीं होता।
विज्ञापन
ट्रिपल लेयर मास्क 70 से 80 और एन-95 से 90 फीसदी स्वाइन फ्लू से बचाव
छीकने और खांसने पर हवा में या फिर नाक से निकले वाले द्रव व थूंक के कण जहां भी जमीन पर गिरते हैं, वह एरिया स्वाइन फ्लू के वायरस से जद में आ जाता है। इसके अलावा संक्रमित दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल आदि सामान्य छूई जाने वाली चीजों के जरिए भी यह वायरस फैलता है।
विज्ञापन
ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क चार घंटों के लिए व एन-95 मास्क आठ घंटों तक सुरक्षा करता है। ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क इस्तेमाल करने पर वायरस से 70 से 80 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है, वहीं एन-95 मास्क से से 90 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है। इसके अलावा फ्लू के वायरस से बचाव में मास्क तभी कारगर होगा जब उसे सही तरह से पहना जाए। मास्क बांधते समय हमेशा ध्यान रखें कि मुंह और नाक पूरी तरह से ढक जाए।
स्वाइन फ्लू के लक्षण स्वाइन फ्लू के लक्षण
- बुखार
- तेज ठंड लगना
- गला खराब हो जाना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- तेज सिरदर्द होना
- खांसी आना
- कमजोरी महसूस करना
लक्षण दिखने पर रखें ध्यान
- खांसते और छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को रुमाल से ढकें।
- नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में अपने हाथ को साबुन से बार-बार धोएं।
- अच्छी नींद लें, शारीरिक रुप से सक्रिय रहें और तनाव को प्रभावित तरीके से संभालें।
- सादा पानी पीएं व पौष्टिक खाना खाएं।
क्या न करें
हाथ न मिलाएं और न ही किसी के गले मिलें।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
खुले में न थूकें।
क्या कहती हैं इंचार्ज
ढकोली हेल्थ कम्युनिटी सेंटर की इंचार्ज एसएमओ डॉ पोमी चतरथ ने बताया कि ढकोली अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार का कोई प्रबंध नहीं है इसके लिए मरीज को चंडीगढ़ सेक्टर 32 जीएमसीएच रेफर किया जाता है। यहां दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।