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मोहाली के सिविल अस्पताल में दस साल की बच्ची मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Thu, 11 Nov 2021 02:03 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 02:03 AM IST
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10-year-old girl dies in Mohali's civil hospital, family created a ruckus
मोहाली। फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल में बुधवार को दस साल की बच्ची की मौत हो गई। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के 10 मिनट के बाद मौत हो गई। इसके बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों को कहना था कि बच्ची अस्पताल आने से पहले पूरी तरह ठीक थी और यहां पर आने बाद डॉक्टर ने उसे अच्छे से नहीं देखा। जिसके चलते उसकी मौत हुई है। जबकि सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, शव को फिलहाल मार्चरी में रखवा दिया गया था।
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जिला सिविल अस्पताल में बुधवार दोपहर के दो बजे नूरजहां नाम की बच्ची को तेज बुखार में अस्पताल लाया गया था। इसके 10 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि बच्ची को डॉक्टरों द्वारा अच्छी तरह से नहीं देखा गया। इस कारण उसकी मौत हुई है। वहीं इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर हरशरण कौर ने बताया कि बच्ची को जब यहां लाया गया था तो उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी, एक तरीके से वह ब्रेन डेड हालात में यहां लाई गई थी। हमने पहले बच्ची को ऑक्सीजन दी और साथ ही खून टेस्ट लेने की कोशिश की। लेकिन बच्ची का शरीर जम चुका था और सीरीज में खून आया ही नहीं। ऐसे में हमें उससे मृत घोषित करना पड़ा। शव पोस्टमार्टम लिए भेजा जाएगा जिसे मौत का कारण पता चलेगा। इसके लिए परिजन मान नहीं रहे हैं हमने इसके लिए पुलिस की भी मदद मांगी है।
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बच्ची की मां ने बताई यह कहानी
मदनपुर की रहने वाली नूरजहां की मां अरमाना ने बताया कि मेरी बेटी को एक दिन पहले ही बुखार आया था। हमने उसे फेज-1 की डिस्पेंसरी में दिखाया वहां के डॉक्टर ने तीन पुड़िया में उसे दवा दी। दवा लेने के बाद बच्ची कुछ ठीक हुई। लेकिन बुधवार की सुबह से ही बच्ची ने हाथों में तकलीफ बताई। दोपहर तक बच्ची कुछ बेहतर थी और अपनी तबीयत के बारे में भी बता रही थी। लेकिन अस्पताल आने के तुरंत बाद ऐसा क्या हुआ कि वो इस दुनिया में ही नहीं है। डॉक्टरों ने मेरी बच्ची का इलाज अच्छे से किया होता तो नूरजहां बच सकती थी।
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