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जालंधर सीपी के खिलाफ वारंट: दो किलो अफीम बरामदगी मामले में कमिश्नर धनप्रीत कौर को पेश होने के आदेश
Thu, 29 Jan 2026 10:05 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:05 AM IST
सार
पुलिस ने दावा किया था कि 2 किलो अफीम की बरामदगी के साथ एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी अनिवार्य की थी।
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Jalandhar Commissioner Dhanpreet Kaur
- फोटो : संवाद/फाइल
विस्तार
जालंधर की अदालत ने नशा तस्करी से जुड़े एक अहम मामले में सख्ती दिखाते हुए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। यह मामला वर्ष 2024 में दो किलो अफीम की बरामदगी से जुड़ा हुआ है। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और 5,000 रुपये का जमानत बांड भरने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह केस एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने दावा किया था कि 2 किलो अफीम की बरामदगी के साथ एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी अनिवार्य की थी।
हालांकि, पुलिस कमिश्नर की ओर से पेश न होने का कारण वीवीआईपी ड्यूटी बताया गया, लेकिन अदालत इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई। कार्रवाई में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया और जमानती वारंट जारी करने के आदेश दे दिए। अदालत ने अब साफ कर दिया है कि पुलिस कमिश्नर को अगली सुनवाई पर स्वयं उपस्थित होना होगा। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
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जानकारी के अनुसार, यह केस एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने दावा किया था कि 2 किलो अफीम की बरामदगी के साथ एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी अनिवार्य की थी।
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हालांकि, पुलिस कमिश्नर की ओर से पेश न होने का कारण वीवीआईपी ड्यूटी बताया गया, लेकिन अदालत इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई। कार्रवाई में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया और जमानती वारंट जारी करने के आदेश दे दिए। अदालत ने अब साफ कर दिया है कि पुलिस कमिश्नर को अगली सुनवाई पर स्वयं उपस्थित होना होगा। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
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