पंजाबियों को एक और झटका: कनाडा के ओंटारियो में 10 लाख युवाओं की नौकरी पर लटकी तलवार, डग फोर्ड के बयान से टेंशन
कनाडा में 10 लाख नौकरियां खत्म हो जाएंगी। इनमें से पांच लाख नौकरियां अकेले ओंटारियो में खत्म हो सकती हैं। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड के इस बयान के बाद पंजाब मूल के लोगों में चिंता पैदा हो गई है।
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कनाडा में रहने वाले पंजाबियों को एक के बाद एक झटका लग रहा है। एक तरफ जहां कनाडा में पांच लाख के करीब पंजाबी युवाओं पर निर्वासन का खतरा मंडरा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कनाडा में 10 लाख नौकरियां खत्म हो जाएंगी और इनमें से पांच लाख नौकरियां अकेले ओंटारियो में खत्म हो सकती हैं।
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड के इस बयान के बाद पंजाब मूल के लोगों में चिंता पैदा हो गई है। डग फोर्ड ने अलबर्टा को दूसरा सबसे अधिक प्रभावित प्रांत बताया है। उसके बाद ब्रिटिश कोलंबिया का नंबर आता है। डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद लगाए गए करों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि संघीय सरकार को इसका कड़ा जवाब देना होगा।
बड़ी संख्या में पंजाबी युवा करते हैं नौकरी
कनाडा में नौकरियों के नुकसान की संख्या सीधे तौर पर करों से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों पर निर्भर करेगी, लेकिन डग फोर्ड सरकार का मानना है कि ओंटारियो में यह संख्या साढ़े चार लाख से पांच लाख के बीच हो सकती है। ओंटारियो ऐसा प्रांत है, जिसमें टोरंटो, ब्रैंम्पटन, मिसीसागा, ओटावा जैसे इलाके आते हैं, जहां पर बड़ी संख्या में पंजाबी युवा नौकरी करते हैं। प्रीमियर डग फोर्ड ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम सभी को टीम कनाडा के रूप में काम करना होगा और एकजुट होकर अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ की नीति तैयार करनी होगी।
पंजाबियों की होगी ज्यादा छंटनी
कनाडा में ओटावा में रहने वाले पंजाबी समुदाय के चिंतक जसविंदर सिंह का कहना है कि डग फोर्ड की चिंता जायज है और आज ओंटारियो में बहुसंख्यक पंजाबी समुदाय के लोग नौकरी पर हैं। पांच लाख नौकरियों की छंटनी से पंजाबी समुदाय खासा चिंतित है, क्योंकि सबसे अधिक असर व छंटनी पंजाबी युवाओं की होगी। वहीं, तीसरे नंबर पर बीसी का इलाका है, जिसमें पंजाबी समुदाय भारी संख्या में है। इसमें वैंकुवर, सरी, विक्योरिया इलाके प्रमुख हैं। वहां के वसनीक प्रिंस सन्नण का कहना है कि कनाडा में आगे ही पंजाबी मंदी के दौर में है। यहां पर नौकरियां काफी कम है और पंजाबी युवाओं की लंबी कतार है। अगर छंटनी होती है, तो इसका असर पंजाबी युवाओं पर ही होगा। पंजाबी युवा आगे ही भविष्य के लिए खासा चिंतित है।
पीआर की फाइल को क्लीयर नहीं
इससे पहले ताजा आंकड़ों में कनाडा में पांच लाख के करीब युवाओं पर निर्वासन का खतरा मंडरा रहा है। आप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा का बैकलॉग पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ रहा है। 4 नवंबर 2023 को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर, 2024 तक बैकलॉग में 1,097,000 आवेदन थे। जिसमें 40 फीसदी के करीब पंजाबी मूल के हैं। इन फाइलों को क्लीयर नहीं किया जा रहा है। दिक्कत यह है कि एक तरफ वर्क वीजा एक्सपायर होने जा रहा है और दूसरी तरफ सरकार पीआर की फाइल को क्लीयर नहीं कर रही है।