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पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 18 May 2016 06:10 PM IST
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जालंधर में प्रदर्शन करते पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। कर्मचारियों ने खालसा कॉलेज के फ्लाईओवर से पीएपी चौक तक विशाल रोष मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान यूनियन के सदस्यों और पुलिस मुलाजिमों में भिड़ंत हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछारें करने का मन बनाया था। इसके लिए वाटर टैंक भी मंगवा लिया था, लेकिन इसके बावजूद तपती गर्मी और पुलिस की सख्ती भी यूनियन के सदस्यों के रोष मार्च को नहीं रोक सकी।
सीटू के प्रदेश सचिव रघुनाथ सिंह ने कहा कि कानून के अनुसार 240 दिनों की नौकरी के बाद वर्कर रेगुलर होना चाहिए, लेकिन सरकार 9 साल बीत जाने के बाद भी वर्करों को रेगुलर नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि बीते लंबे समय से वे ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।
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पनबस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान रेशम सिंह, जनरल सचिव बलजीत सिह ने वर्करों को अपील कि वह इन रोष प्रदर्शनों में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द ही जालंधर में प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन भी बुलाई जा रही है।
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इस दौरान यूनियन के सदस्यों और पुलिस मुलाजिमों में भिड़ंत हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछारें करने का मन बनाया था। इसके लिए वाटर टैंक भी मंगवा लिया था, लेकिन इसके बावजूद तपती गर्मी और पुलिस की सख्ती भी यूनियन के सदस्यों के रोष मार्च को नहीं रोक सकी।
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सीटू के प्रदेश सचिव रघुनाथ सिंह ने कहा कि कानून के अनुसार 240 दिनों की नौकरी के बाद वर्कर रेगुलर होना चाहिए, लेकिन सरकार 9 साल बीत जाने के बाद भी वर्करों को रेगुलर नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि बीते लंबे समय से वे ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।
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पनबस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान रेशम सिंह, जनरल सचिव बलजीत सिह ने वर्करों को अपील कि वह इन रोष प्रदर्शनों में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द ही जालंधर में प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन भी बुलाई जा रही है।