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मौसम की मार: 100 के पार हुई मटर, 50 पर पहुंचा आलू... नई फसल के आने पर ही हालात बदलने की उम्मीद

Sun, 28 Nov 2021 10:38 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 28 Nov 2021 10:38 AM IST
सार

इस बार बारिश ने करीब 12 सौ हैक्टेयर फसल प्रभावित खराब कर दी। किसानों को दोबारा फसल बीजनी पड़ी। जिस कारण इस बार मटर की सप्लाई जो आम तौर पर इन दिनों चरम पर होती है वह नहीं हुई।

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Price of peas and Potato is Very High in Punjab
आलू और मटर के दाम बढ़े। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में चाव से खाई जाने वाली आलू मटर की सब्जी का स्वाद खराब हो गया है। मटर का भाव 100 रुपये किलो से अधिक चल रहा है जबकि आलू भी 50 रुपये तक जा पहुंचा है। आलू मटर की सब्जी में डलने वाला टमाटर 120 रुपये किलो तक खुदरा मार्केट में मिल रहा है।

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एशिया में सबसे अधिक खेती पंजाब में फिर भी 100 रुपये किलो मटर 
पंजाब का दोआबा क्षेत्र मटर व आलू की फसल के लिए पूरे पंजाब ही नहीं बल्कि उत्तर भारत में मशहूर है। इस इलाके में मटर व आलू की क्वालिटी अन्य इलाकों से बेहतर होती है। होशियारपुर मटर की खेती का केंद्र माना जाता है, जहां सीजन में देश भर से व्यापारी मटर की खरीदारी करने पहुंच जाते हैं। बढ़िया क्वालिटी होने के कारण इस इलाके की मटर की फसल का कोई और मुकाबला नहीं है। इस बार मटर की फसल की बिजाई के दौरान हुई बेमौसमी बरसात ने इसकी पैदावार को काफी प्रभावित किया है। फसल तैयार होने में 90 दिन का वक्त लगता है तभी मटर का दाना मीठा होता है। 
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इस बार बारिश ने करीब 12 सौ हैक्टेयर फसल प्रभावित खराब कर दी। किसानों को दोबारा फसल बीजनी पड़ी। जिस कारण इस बार मटर की सप्लाई जो आम तौर पर इन दिनों चरम पर होती है वह नहीं हुई। हिमाचल, जम्मू, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा व देश के अलग-अलग हिस्सों में मटर की सप्लाई दोआबा से होती है। इस बार बरसात ने इसी पैदावार को प्रभावित किया है। नई फसल आते ही मार्केट में दाम 20 रुपये किलो तक आने की संभावना है। सब्जी मंडी में सतनामिया ढाबा के मालिक गोल्डी सतनामिया का कहना है कि मटर की नई फसल का इंतजार है। आने पर ही कुछ हालात बदलेंगे।
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सड़कों पर बिखरने वाला आलू 50 रुपये किलो
इस सीजन में करीब 20 लाख मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की संभावना है। जो पिछले साल के मुकाबले कम है। इस बार बारिश ने आलू की खेती को भी प्रभवित किया है। ठंड भी देरी से आ रही है, जिस कारण आलू की पैदावार नहीं हुई है। आलू की नई फसल नवंबर में आ जाती है लेकिन इस बार आलू की फसल भी देरी से आ रही है जिस कारण कोल्ड स्टोर का आलू ही मार्केट में बिक रहा है। आलू के थोक विक्रेता पवन तनेजा ने कहा कि अभी कुछ स्थानों पर आलू की बिजाई चल रही है और कहीं पर आलू की फसल तैयार हो चुकी है। एक सप्ताह के बाद फसल बाजार में आ जाएगी। इससे आलू के दामों में गिरावट हो सकती है।


बंगलुरू व सोलन से आ रहा टमाटर, दाम 100 के पार
आलू मटर की सब्जी को तड़का लगाने के लिए टमाटर का होना जरूरी है। टमाटर के दाम में भारी इजाफे के बाद लोगों का भाजी का तड़का बिगड़ गया है। थोक सब्जी मंडी में टमाटर के दाम 80 रुपये प्रति किलो है, जबकि रिटेल में 100 रुपये प्रति किलो तक बेचे जा रहे हैं। सब्जी मंडी में इन दिनों टमाटर की आपूर्ति हिमाचल के सोलन व बंगलूरू से की जा रही है। 

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