{"_id":"6a86df3497a84659f6001b7b","slug":"nhm-employees-and-asha-workers-burnt-the-effigy-of-the-government-firozpur-news-c-68-1-spkl1009-105418-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar News: एनएचएम कर्मचारियों और आशा वर्करों ने फूंका सरकार का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar News: एनएचएम कर्मचारियों और आशा वर्करों ने फूंका सरकार का पुतला
Thu, 20 Aug 2026 04:34 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Thu, 20 Aug 2026 04:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों और आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। उन्होंने बराबर काम, बराबर वेतन और आशा वर्करों के लिए 26 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग की। यह संघर्ष पिछले करीब एक सप्ताह से जारी है।
एनएचएम नेता बागीच सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग बराबर काम, बराबर वेतन का सिद्धांत लागू करवाना है। उन्होंने लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस देने की भी मांग की। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान राजवंत कौर ने आशा वर्करों के लिए कम से कम 26 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग की। उन्होंने काटे गए भत्ते बहाल करने की भी बात कही। राजवंत कौर ने बताया कि आशा वर्कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नरेंद्र सिंह और प्रीत मखीजा ने कहा कि कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, उनकी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया है। प्रदर्शन में डॉ. नीतिका, डॉ. शिवलक्षना, राजविंदर कौर, नेहा, बलदेव सिंह, परमिंदर कौर, हरजिंदर सिंह, हरबंस लाल, रिंकू कंबोज, डॉ. ललित, पूजा, संगीता, सुखदेव सिंह, पैरामेडिकल यूनियन के नेता नरेंद्र शर्मा, राम प्रसाद और करनजीत ने भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन
फिरोजपुर। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों और आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। उन्होंने बराबर काम, बराबर वेतन और आशा वर्करों के लिए 26 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग की। यह संघर्ष पिछले करीब एक सप्ताह से जारी है।
एनएचएम नेता बागीच सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग बराबर काम, बराबर वेतन का सिद्धांत लागू करवाना है। उन्होंने लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस देने की भी मांग की। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान राजवंत कौर ने आशा वर्करों के लिए कम से कम 26 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग की। उन्होंने काटे गए भत्ते बहाल करने की भी बात कही। राजवंत कौर ने बताया कि आशा वर्कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नरेंद्र सिंह और प्रीत मखीजा ने कहा कि कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, उनकी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया है। प्रदर्शन में डॉ. नीतिका, डॉ. शिवलक्षना, राजविंदर कौर, नेहा, बलदेव सिंह, परमिंदर कौर, हरजिंदर सिंह, हरबंस लाल, रिंकू कंबोज, डॉ. ललित, पूजा, संगीता, सुखदेव सिंह, पैरामेडिकल यूनियन के नेता नरेंद्र शर्मा, राम प्रसाद और करनजीत ने भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन