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डेरा प्रेमी की हत्या का मामला: फरीदकोट अदालत ने तीन दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, बेअदबी में शामिल होने के शक में मारी थी गोली
Sat, 05 Feb 2022 01:39 AM IST
पंजाब ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: पंजाब ब्यूरो
Updated Sat, 05 Feb 2022 01:39 AM IST
सार
मृतक गुरदेव सिंह की गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के उसी गुरुद्वारा साहिब के सामने करियाना की दुकान थी जहां से 1 जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ था।
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विस्तार
फरीदकोट की अतिरिक्त जिला और सेशन जज जगदीप सिंह की अदालत ने जून 2016 में गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायी गुरदेव सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना में तीन दोषियों को उम्रकैद और 25-25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मृतक गुरदेव सिंह की गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के उसी गुरुद्वारा साहिब के सामने करियाना की दुकान थी जहां से 1 जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ था। इस घटना में उसके शामिल होने के आशंका के कारण दोषियों ने 13 जून 2016 को उसे गोली मारी थी। 17 जून 2016 को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
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फिरोजपुर पुलिस ने तीन आरोपियों फिरोजपुर के गांव कोहाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, अशोक कुमार और मुक्तसर के गांव चक्क अटारी सदर वाला निवासी जसवंत सिंह उर्फ काला को किसी अन्य केस में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने गुरदेव सिंह की हत्या कबूली थी। इसके बाद उन्हें बाजाखाना पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया था।
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जानकारी के अनुसार 1 जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी होने का मामला सामने आया था और कुछ समय बाद सितंबर माह में इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर भद्दी शब्दावली का पोस्टर लगाकर पावन स्वरूप की बेअदबी करने की धमकी दी गई थी। 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में बेअदबी का मामला भी सामने आया था। चूंकि घटना के समय से ही सिख संगठनों की तरफ से बेअदबी मामले में डेरा सिरसा के अनुयायियों को हाथ होने के आरोप लगाए जा रहे थे और गुरदेव सिंह की बुर्ज जवाहर सिंह वाला में गुरुद्वारा साहिब के सामने दुकान भी थी।
बेअदबी केस की पड़ताल करने वाली केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई भी गुरदेव सिंह से कई बार पूछताछ कर चुकी थी लेकिन उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई थी लेकिन फिर भी एक साजिश के तहत 13 जून 2016 को कार सवार आरोपियों ने उसकी दुकान पर आकर उसे गोली मार दी थी और चार दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। इस केस में जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी और इस चार्जशीट के आधार पर शुक्रवार को जिला अदालत ने तीनों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई। मृतक परिवार के वकील विनोद मोंगा ने कहा कि बेअदबी मामले से गुरदेव सिंह का कोई लेना देना नहीं था और पुलिस जांच में सामने आया कि सिख धर्म के खिलाफ बोलने की वजह से उसकी हत्या की गई थी।