कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ पंजाब में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने अब कारपोरेट घरानों की घेराबंदी शुरू कर दी है। इसके चलते रविवार को किसान यूनियन के नेताओं ने श्रीगंगानगर रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप के बाहर धरना शुरू किया, जिससे पंप पर तेल डलवाने के लिए आ रहे वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर एकता यूनियन सिद्धपुर के ब्लॉक प्रधान निर्मल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि विधेयक लागू कर पंजाब के किसानों को कारपोरेट घरानों के हाथों गिरवी रख दिया है। इसलिए पंजाब में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जब तक केंद्र सरकार इन किसान विरोधी बिलों को वापस नहीं लेती, तब तक धरना जारी रहेगा। निर्मल सिंह के अनुसार रविवार को सुबह 10 बजे शुरू हुए धरने से पंप की ओर का रास्ता रोक दिया, जिससे पेट्रोल पंप क्षेत्र में कोई भी वाहन प्रवेश नहीं कर सका। यूनियन के पंजाब प्रधान जगजीत सिंह डालेवाल सोमवार को फाजिल्का में चल रहे रेल रोको धरने को संबोधित करने पहुंचेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी व किसान नेता शामिल होंगे। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है, ताकि केंद्र सरकार को इन काले कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़े।