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Jalandhar News: 500 करोड़ के सड़क घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग
Tue, 13 Oct 2026 06:51 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Tue, 13 Oct 2026 06:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव राजेश बाघा ने पंजाब में 500 करोड़ रुपये के कथित सड़क घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बाघा ने कहा कि पहले से बनी सड़कों के पुनर्निर्माण के नाम पर यह कथित वित्तीय अनियमितता हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़कें पहले ही बनाई थीं। फिर पंजाब मंडी बोर्ड ने दोबारा टेंडर क्यों जारी किए और भुगतान क्यों किया। यह सरकारी खजाने के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गुरदासपुर निवासी रणजीत सिंह ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में लगाए गए आरोपों की पूरी जांच होनी चाहिए। बाघा ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाई जाए। जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जांच पूरी होने तक विवादित कार्यों से संबंधित नए टेंडरों और भुगतानों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का पारदर्शी इस्तेमाल सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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जालंधर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव राजेश बाघा ने पंजाब में 500 करोड़ रुपये के कथित सड़क घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बाघा ने कहा कि पहले से बनी सड़कों के पुनर्निर्माण के नाम पर यह कथित वित्तीय अनियमितता हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़कें पहले ही बनाई थीं। फिर पंजाब मंडी बोर्ड ने दोबारा टेंडर क्यों जारी किए और भुगतान क्यों किया। यह सरकारी खजाने के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गुरदासपुर निवासी रणजीत सिंह ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में लगाए गए आरोपों की पूरी जांच होनी चाहिए। बाघा ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाई जाए। जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जांच पूरी होने तक विवादित कार्यों से संबंधित नए टेंडरों और भुगतानों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का पारदर्शी इस्तेमाल सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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