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Punjab: नशा तस्करी में छह माह में आठ हजार लोग गिरफ्तार, 2 लाख 33 हजार लोग कर रहे ड्रग्स का सेवन
Wed, 07 Dec 2022 02:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह
सुरिंदर पाल, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 07 Dec 2022 02:55 PM IST
सार
पंजाब में नशे को लेकर जमीनी हकीकत नहीं बदली है। शराब से लेकर हेरोइन तक का कारोबार शिखर पर है। एनसीआरबी का दाव है कि सूबे में एक लाख के पीछे 33 लोग नशा तस्करी में लिप्त है। 2 लाख 33 हजार लोग ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
पंजाब के नशा मुक्त होने का दावा कर रही राज्य सरकार व आला पुलिस अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से झटका लगा है। नशे के चक्कर में शिअद-भाजपा और फिर कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार चली गई, लेकिन राज्य से नशा खत्म नहीं हुआ।
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हालांकि, आप सरकार बनने के बाद आठ हजार मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है। शराब तस्करी से लेकर हेरोइन, आइस और नशीली दवाओं की बिक्री खुलेआम हो रही है। नशे में लिप्त लोगों का वीडियो भी लगातार वायरल हो रहा है।
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पंजाब में ड्रग्स का अरबों-खरबों का कारोबार थमा नहीं है। इसे चार सप्ताह में खत्म करने के चक्कर में पंजाब में कांग्रेस हाशिए पर चली गई। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूबे में ड्रग्स का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 2,32,856 है।
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इस सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि सर्वाधिक 53 फीसदी (1,23,413) लोग हेरोइन और चिट्टे का नशा करते हैं, लेकिन नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक पंजाब में एक लाख के पीछे 33 लोग नशा तस्करी में लिप्त हैं।
ड्रग्स के मामले इतने बढ़े कि एसटीएफ बनाना पड़ा
राज्य खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला, गुरदासपुर, होशियारपुर, पटियाला, संगरूर, मोगा और तरनतारन जिलों में नशा बढ़ा है। साल 2021 के आंकड़ों से पता चलता है कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत पंजाब में 9,972 मामले दर्ज थे। जबकि 2016-2018 तक केस दर्ज करने के मामले में पंजाब देश में सबसे ऊपर था। यह 2019 और 2020 में देश में दूसरे स्थान पर था। राज्य में ड्रग तस्करी की घटनाएं इतनी बढ़ गई थीं कि 2017 में कैप्टन सरकार को नशीली दवाओं के खिलाफ एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उस वर्ष प्रदेश में 13,958 नशा तस्कर पकड़े गए। पिछले पांच सालों में पंजाब में 56,909 तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
डीजीपी भी मैदान में उतरे
आप सरकार ने नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए आपरेशन चलाए। डीजीपी गौरव यादव खुद मैदान में उतरे और एडीजीपी से लेकर आईजी को सर्च के लिए उतारा। अब तक 8 हजार के करीब नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
अभियान चला रही पंजाब पुलिस
पुलिस नशा खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। चार माह में 6997 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 1100 के करीब बड़ी मछलियां थी। इसी दौरान पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 580 व्यापारिक मामलों समेत कुल 5346 एफआईआर दर्ज की गई हैं। -सुखचैन सिंह गिल, आईजी
नेता,पुलिस व ड्रग माफिया की मिलीभगत
सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है, यह बात मैं कई साल से कह रहा हूं। सुप्रीम कोर्ट को सैल्यूट है। पंजाब में नशा कुछ राजनीतिक, वर्दीधारी व ड्रग माफिया की मिलीभगत से चलता आ रहा है। अब नशा गैंगस्टर व आतंकवादियों के हाथ चला गया है। -शशिकांत,पूर्व डीजीपी