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तीन साल बाद एक बार फिर बहिबल गोलीकांड की जांच शुरू
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:16 PM IST
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तीन साल बाद फिर बहिबल गोलीकांड की जांच शुरू
एसआईटी ने घटनास्थल का लिया जायजा, कोटकपूरा गोलीकांड की भी होगी पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तीन साल पुराने बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच का काम शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को एसआईटी प्रमुख और एडीजीपी प्रबोध कुमार अपनी टीम के तीन सदस्यों आईजी अरुणपाल सिंह, एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह और कमांडेंट पीआरटीसी जहानखेला भूपिंदर सिंह के साथ फरीदकोट पहुंचे और बहिबल कलां और कोटकपूरा में घटनास्थलों का जायजा लिया। साथ ही एसआईटी की तरफ से इन दोनों घटनाओं के संदर्भ में थाना बाजाखाना व थाना सिटी कोटकपूरा में दर्ज चार एपफआईआर का रिकार्ड हासिल किया और इन मामलों की जांच से जुड़े रहे पुलिस अधिकारियों के जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में आरोपी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से इन मामलों की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कुछ दिन पहले सात अक्तूबर को कोटकपूरा से बरगाड़ी तक आयोजित इंसाफ मार्च में हजारों लोगों की शमूलियत से चिंतित सरकार ने एसआईटी को जांच तेज करने की हिदायतें दी है जिसके बाद ही एसआईटी ने शुक्रवार को फरीदकोट पहुंच कर जांच का काम शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की जांच के लिए 11 सितंबर को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी को फिलहाल बहिबल कलां व कोटकपूरा की घटनाओं से संबंधित चार एफआईआर की जांच सौंपी गई है। इनमें से दो एफआरआई, पुलिस ने घटना वाले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की थी जबकि दो एफआईआर, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज है। पुलिस अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर में से बहिबल कलां गोलीकांड के संदर्भ में थाना बाजाखाना की एफआईआर नंबर 130 शामिल है जिसमें 21 अक्तूबर 2015 को तत्कालीन एसआईटी प्रमुख की शिकायत पर अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या के आरोप में कार्रवाई की गई थी जिसमें पिछले माह ही एसएसपी मोगा रहे चरनजीत सिंह शर्मा समेत चार पुलिस अधिकारियों को नामजद किया गया है जबकि कोटकपूरा गोलीकांड के संदर्भ वाली एफआईआर नंबर 129 को पुलिस ने सात अगस्त 2018 को जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर दर्ज किया है।
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जांच करने पहुंची एसआईटी के प्रमुख प्रबोध कुमार ने कहा कि उनकी तरफ से ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ दोनों घटनाओं की जांच की जाएगी और सरकार की तरफ तय समय अवधि में जांच को मुकम्मल कर लिया जाएगा।
फोटो 12एफआरडीपी01
फरीदकोट में पत्रकारों से बात करते एसआईटी के प्रमुख प्रबोध कुमार व अन्य
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एसआईटी ने घटनास्थल का लिया जायजा, कोटकपूरा गोलीकांड की भी होगी पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तीन साल पुराने बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच का काम शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को एसआईटी प्रमुख और एडीजीपी प्रबोध कुमार अपनी टीम के तीन सदस्यों आईजी अरुणपाल सिंह, एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह और कमांडेंट पीआरटीसी जहानखेला भूपिंदर सिंह के साथ फरीदकोट पहुंचे और बहिबल कलां और कोटकपूरा में घटनास्थलों का जायजा लिया। साथ ही एसआईटी की तरफ से इन दोनों घटनाओं के संदर्भ में थाना बाजाखाना व थाना सिटी कोटकपूरा में दर्ज चार एपफआईआर का रिकार्ड हासिल किया और इन मामलों की जांच से जुड़े रहे पुलिस अधिकारियों के जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में आरोपी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से इन मामलों की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कुछ दिन पहले सात अक्तूबर को कोटकपूरा से बरगाड़ी तक आयोजित इंसाफ मार्च में हजारों लोगों की शमूलियत से चिंतित सरकार ने एसआईटी को जांच तेज करने की हिदायतें दी है जिसके बाद ही एसआईटी ने शुक्रवार को फरीदकोट पहुंच कर जांच का काम शुरू किया है।
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जानकारी के अनुसार जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की जांच के लिए 11 सितंबर को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी को फिलहाल बहिबल कलां व कोटकपूरा की घटनाओं से संबंधित चार एफआईआर की जांच सौंपी गई है। इनमें से दो एफआरआई, पुलिस ने घटना वाले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की थी जबकि दो एफआईआर, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज है। पुलिस अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर में से बहिबल कलां गोलीकांड के संदर्भ में थाना बाजाखाना की एफआईआर नंबर 130 शामिल है जिसमें 21 अक्तूबर 2015 को तत्कालीन एसआईटी प्रमुख की शिकायत पर अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या के आरोप में कार्रवाई की गई थी जिसमें पिछले माह ही एसएसपी मोगा रहे चरनजीत सिंह शर्मा समेत चार पुलिस अधिकारियों को नामजद किया गया है जबकि कोटकपूरा गोलीकांड के संदर्भ वाली एफआईआर नंबर 129 को पुलिस ने सात अगस्त 2018 को जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर दर्ज किया है।
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जांच करने पहुंची एसआईटी के प्रमुख प्रबोध कुमार ने कहा कि उनकी तरफ से ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ दोनों घटनाओं की जांच की जाएगी और सरकार की तरफ तय समय अवधि में जांच को मुकम्मल कर लिया जाएगा।
फोटो 12एफआरडीपी01
फरीदकोट में पत्रकारों से बात करते एसआईटी के प्रमुख प्रबोध कुमार व अन्य