{"_id":"c949dae98e4dead306bd673f53b35ca6","slug":"corporation-is-not-taking-action-on-126-hospitals-after-giving-notice-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"126 अस्पतालों को नोटिस देने के बाद कार्रवाई नहीं कर रहा निगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
126 अस्पतालों को नोटिस देने के बाद कार्रवाई नहीं कर रहा निगम
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 14 Jan 2016 09:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल्डिंग विभाग ने करीब दो माह पहले जालंधर के 126 अस्पतालों को नोटिस जारी किए थे, जिन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बिल्डिंग ब्रांच ने बीते साल के नवंबर माह में बेसमेंट पार्किंग का कामर्शियल तौर पर इस्तेमाल करने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी किए थे।
अस्पतालों के मालिकों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के लेटरपैड पर इसका संयुक्त रूप से जवाब दिया था। इसके बाद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने कहा था कि अस्पतालों का पक्ष जानने के लिए उन्हें निगम दफ्तर में बुलवाया जाएगा।
इस बात को महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक अस्पताल के मालिकों को निगम कार्यालय में नहीं बुलाया गया।
बिल्डिंग विभाग के अधिकारी अस्पतालों को नोटिस देने के मामले के बाद से ही कार्रवाई करने में रहम दिखा रहे हैं। शहर में लगभग 126 अस्पताल ऐसे हैं जिनके बारे में यह जानकारी मिली है कि वे पंजाब म्यूनिसिपल कार्पोरेशन एक्ट 1976 के बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन किए हुए हैं।
यह जानकारी नगर निगम को स्थानीय निकाय विभाग के आदेश पर अक्तूबर माह में किए गए सर्वेक्षण से मिली थी। इस सर्वेक्षण से पता चलता था कि लगभग सभी अस्पतालों के भवन मालिकों तय नियमों का उल्लंघन किया हैं।
विज्ञापन
इन अस्पतालों में से अधिकतर में पार्किंग के लिए छोेड़ी गई जगह का इस्तेमाल व्यवसायिक हितों के लिए किया जा रहा है। कार्पोरेशन ने ऐसे अस्पतालों की जानकारी लेकर उन्हें नोटिस भेजे थे।
एटीपी परमपाल सिंह ने कहा कि एसटीपी शक्ति भाटिया के तबदला होने से कार्रवाई में देरी हो गई। नए आए एसटीपी हेमंत बत्रा को इस मामले के बारे में सारी जानकारी दे दी गई है।
जल्द ही एसटीपी निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा से मीटिंग करने के बाद अस्पताल मालिकों को निगम कार्यालय में पेश होने के लिए बुलवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक दिन में 10 अस्पताल मालिकों को बुलवाया जाएगा। इसके लिए टाइम टेबल इसी सप्ताह ही बना लिया जाएगा।
विज्ञापन
बिल्डिंग ब्रांच ने बीते साल के नवंबर माह में बेसमेंट पार्किंग का कामर्शियल तौर पर इस्तेमाल करने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी किए थे।
अस्पतालों के मालिकों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के लेटरपैड पर इसका संयुक्त रूप से जवाब दिया था। इसके बाद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने कहा था कि अस्पतालों का पक्ष जानने के लिए उन्हें निगम दफ्तर में बुलवाया जाएगा।
इस बात को महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक अस्पताल के मालिकों को निगम कार्यालय में नहीं बुलाया गया।
बिल्डिंग विभाग के अधिकारी अस्पतालों को नोटिस देने के मामले के बाद से ही कार्रवाई करने में रहम दिखा रहे हैं। शहर में लगभग 126 अस्पताल ऐसे हैं जिनके बारे में यह जानकारी मिली है कि वे पंजाब म्यूनिसिपल कार्पोरेशन एक्ट 1976 के बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन किए हुए हैं।
विज्ञापन
यह जानकारी नगर निगम को स्थानीय निकाय विभाग के आदेश पर अक्तूबर माह में किए गए सर्वेक्षण से मिली थी। इस सर्वेक्षण से पता चलता था कि लगभग सभी अस्पतालों के भवन मालिकों तय नियमों का उल्लंघन किया हैं।
विज्ञापन
इन अस्पतालों में से अधिकतर में पार्किंग के लिए छोेड़ी गई जगह का इस्तेमाल व्यवसायिक हितों के लिए किया जा रहा है। कार्पोरेशन ने ऐसे अस्पतालों की जानकारी लेकर उन्हें नोटिस भेजे थे।
एटीपी परमपाल सिंह ने कहा कि एसटीपी शक्ति भाटिया के तबदला होने से कार्रवाई में देरी हो गई। नए आए एसटीपी हेमंत बत्रा को इस मामले के बारे में सारी जानकारी दे दी गई है।
जल्द ही एसटीपी निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा से मीटिंग करने के बाद अस्पताल मालिकों को निगम कार्यालय में पेश होने के लिए बुलवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक दिन में 10 अस्पताल मालिकों को बुलवाया जाएगा। इसके लिए टाइम टेबल इसी सप्ताह ही बना लिया जाएगा।