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एलपीयू में वार्षिक महोत्सव वन इंडिया का समापन
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:24 PM IST
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एलपीयू में वार्षिक महोत्सव वन इंडिया का समापन
जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक महोत्सव वन-इंडिया का शुक्रवार को समापन हुआ। चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि विद्यार्थी महोत्सव से अच्छी शिक्षा ग्रहण करते हुए बेहतरीन नागरिक बनकर उभरें। इस दौरान एक विशेष राज्य के विद्यार्थी दूसरे राज्यों के लिए कार्य करते और उनके रीति-रिवाजों को आत्मसात करते नजर आए। इस साल का शीर्षक था ‘फेस्टिवल एंड कल्चरल सेलिब्रेशंस’।
समापन समारोह के अंत में सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ। एक्सपो स्टॉलस में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को पुरस्कृत किया गया। एकसपो व फूड स्टॉलस पर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों ने अपने राज्यों में प्रयोग किए जा रहे गहनों, वस्त्रों, रोजमर्रा की चीजों के बारे में अन्य राज्यों व देशों जैसे कि नेपाल, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड के बारे में विद्यार्थियों को बताया। इस तरह विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों ने अलग-अलग राज्यों के खास व्यंजनों का सवाद लिया। इस तरह कला के प्रति प्रदर्शनों में भी दक्षिण भारतीय विद्यार्थियों ने भंगड़ा, गिद्दा प्रदर्शित किया।
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जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक महोत्सव वन-इंडिया का शुक्रवार को समापन हुआ। चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि विद्यार्थी महोत्सव से अच्छी शिक्षा ग्रहण करते हुए बेहतरीन नागरिक बनकर उभरें। इस दौरान एक विशेष राज्य के विद्यार्थी दूसरे राज्यों के लिए कार्य करते और उनके रीति-रिवाजों को आत्मसात करते नजर आए। इस साल का शीर्षक था ‘फेस्टिवल एंड कल्चरल सेलिब्रेशंस’।
समापन समारोह के अंत में सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ। एक्सपो स्टॉलस में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को पुरस्कृत किया गया। एकसपो व फूड स्टॉलस पर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों ने अपने राज्यों में प्रयोग किए जा रहे गहनों, वस्त्रों, रोजमर्रा की चीजों के बारे में अन्य राज्यों व देशों जैसे कि नेपाल, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड के बारे में विद्यार्थियों को बताया। इस तरह विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों ने अलग-अलग राज्यों के खास व्यंजनों का सवाद लिया। इस तरह कला के प्रति प्रदर्शनों में भी दक्षिण भारतीय विद्यार्थियों ने भंगड़ा, गिद्दा प्रदर्शित किया।
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