फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Firozpur News ›   The Katju Commission Bhbl fusillade reached the spot

बहिबल गोलीकांड के घटनास्थल पर पहुंचा काटजू आयोग

Sun, 31 Jan 2016 02:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट Updated Sun, 31 Jan 2016 02:28 PM IST
विज्ञापन
The Katju Commission Bhbl fusillade reached the spot
राज्य की मानवाधिकार संस्थाओं ने बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर 14 अक्तूबर, 2015 को गांव बहिबल कलां में सिख जत्थेबंदियों के रोष धरने पर पुलिस फायरिंग मामले की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवामुक्त जस्टिस मार्कंडेय काटजू की अध्यक्षता में गैर सरकारी न्यायिक आयोग का गठन किया है।
विज्ञापन


शनिवार को आयोग के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए गांव बहिबल कलां में घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान जस्टिस काटजू ने घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। अगले चरण में आयोग की तरफ से 31 जनवरी व 1 फरवरी को गांव के गुरुद्वारा साहिब में पब्लिक मीटिंग करके गोलीकांड में मारे गए दोनों सिख नौजवानों के परिवारों समेत घायलों व गवाहों के बयान दर्ज करके घटना के तथ्य जुटाए जाएंगे।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार 12 अक्तूबर 2015 को गांव बरगाड़ी में गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था। बेअदबी मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में सिख जत्थेबंदियों ने जगह जगह रोष प्रदर्शन शुरू कर दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


14 अक्तूबर को बरगाड़ी से सटे गांव बहिबल कलां में चल रहे रोष धरने को उठवाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी थी। इसमें गांव सरावां के गुरजीत सिंह व गांव नियामीवाला के किशन भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि काफी तादाद में लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

इस घटना को लेकर राज्य भर में चौतरफा विरोध के बाद पंजाब सरकार के आदेश पर जिला पुलिस ने थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया लेकिन अभी तक किसी आरोपी को पकड़ा नहीं गया।

साथ ही राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट के सेवामुक्त जस्टिस जोरा सिंह की अध्यक्षता में गठित न्यायिक आयोग से इस घटना की जांच करवा रही है। यह जांच भी काफी थीमी रफ्तार से चल रही है और पंजाब के मानवाधिकार संगठनों को इन दोनों जांच प्रक्रियाओं से किसी तरह की उम्मीद नजर नहीं आ रही।

ऐसे में सिख वार ह्यूमन राइट्स, लायरस वार  ह्यूमन राइट्स व पंजाब मानवाधिकार संस्था ने पिछले माह बहिबल गोलीकांड की जांच के लिए जस्टिस मार्कंडेय काटजू की अध्यक्षता में पीपुल्स आयोग का गठन किया था और इसमें सचिव के तौर पर राज्य के पूर्व डीडीपी (जेल) शशिकांत को शामिल किया गया है। शनिवार बाद दोपहर गांव बहिबल कलां में पहुंचे जस्टिस काटजू ने घटना स्थल का जायजा लिया और घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

बहिबल गोलीकांड के घटनास्थल का जायजा लेने के बाद जस्टिस काटजू ने कहा कि वह इस घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच कर रहे हैं। अगले दो दिनों के दौरान पीड़ित परिवारों व गवाहों से बातचीत के आधार पर घटना से जुड़े तमाम तथ्य जुटाने की कोशिश की जाएगी।

आयोग अपनी जांच में यह भी सामने लाने की कोशिश करेगा कि आखिरकार पुलिस को गोली चलाने की नौबत क्यों आई। पुलिस ने गोली चलाने से पहले लोगों को चेतावनी दी थी या नहीं और पुलिस को निहत्थे लोगों को गोली चलाने की इजाजत किसने दी।

उन्होंने बताया कि 31 जनवरी व 1 फरवरी की मीटिंगों के बारे में जिला फरीदकोट के सिविल व पुलिस प्रशासन को भी लिखित रूप से जानकारी भेज दी है और उन्हें अपना पक्ष रखने का आग्रह किया गया है।


घटना की मुकम्मल जांच के आयोग अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा और उसके आधार पर भले ही सरकार कार्रवाई करे या फिर लोग अदालत में जनहित याचिका दायर करे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed