{"_id":"b476c234fa8d10cefb5187d9c692adf7","slug":"protest-punjab-sangrur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव मंगवाल में पानी की टंकी पर काला झंडा लगाया, तनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव मंगवाल में पानी की टंकी पर काला झंडा लगाया, तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
Updated Thu, 05 Nov 2015 10:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वीरवार को नजदीकी गांव मंगवाल में उस समय विवाद वाली स्थिति पैदा हो गई जब
विज्ञापन
गांववासियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के रोष में पानी की टंकी
पर काला झंडा लगा दिया।
इसका पता चलते ही झंडा उतारने आए वाटर सप्लाई के मुलाजिमों को गांववासियों के रोष का सामना करना पड़ा। दोनों पक्षों में खूब जुबानी तकरार हुआ और इसके बाद गांववासियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर भाई बचित्र सिंह, बाबा बलजीत सिंह फक्कर, खजान सिंह और गुरप्रीत सिंह मंगवाल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जो सिख संगत की भावनाओं को आहत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि काले झंडों से रोष प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सिखों को इंसाफ नहीं मिलता।
उन्होंने सभी से अपील की है कि वह इस बार अपने घरों पर काले झंडे लगाकर काली दिवाली मनाएं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दस नवंबर को सरबत खालसा में संगरूर जिले से बड़ी संख्या में संगत हिस्सा लेगी।
इसका पता चलते ही झंडा उतारने आए वाटर सप्लाई के मुलाजिमों को गांववासियों के रोष का सामना करना पड़ा। दोनों पक्षों में खूब जुबानी तकरार हुआ और इसके बाद गांववासियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर भाई बचित्र सिंह, बाबा बलजीत सिंह फक्कर, खजान सिंह और गुरप्रीत सिंह मंगवाल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जो सिख संगत की भावनाओं को आहत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि काले झंडों से रोष प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सिखों को इंसाफ नहीं मिलता।
उन्होंने सभी से अपील की है कि वह इस बार अपने घरों पर काले झंडे लगाकर काली दिवाली मनाएं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दस नवंबर को सरबत खालसा में संगरूर जिले से बड़ी संख्या में संगत हिस्सा लेगी।