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ऑर्बिट बस कांड ः अर्शदीप कौर की मां नहीं हुई आयोग के आगे पेश
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Tue, 22 Dec 2015 02:29 PM IST
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बाघापुराना के पास 29 अप्रैल को ऑर्बिट बस से कथित तौर पर फेंक कर मारी गई बच्ची अर्शदीप कौर की मां छिंदर कौर सोमवार भी जांच आयोग के आगे पेश नहीं हो पाई। थाना बाघापुराना पुलिस ने आयोग के आगे पीड़ित महिला की दिमागी तौर पर अनफिट होने की मेडिकल रिपोर्ट पेश की है।
गांव लंढेके में छिंदर कौर घर में मौजूद थी, लेकिन उसने पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक पीड़ित महिला छिंदर कौर का स्थानीय सिविल अस्पताल में माहिर डॉक्टरों की टीम से मेडिकल करवाया गया था। डॉ. राजेश मित्तल के नेतृत्व में टीम ने पीड़ित महिला के दिमागी तौर पर स्वस्थ न होने के बारे रिपोर्ट दी थी।
एक अक्तूबर को यहां आयोग के जस्टिस वीके बाली मामले की जांच करने के लिए पहुंचे थे, उस समय पीड़ित परिवार स्थानीय सिविल एवं पुलिस प्रशासन को जानकारी दिए बिना किसी अज्ञात जगह पर चला गया था। इस दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद रखे थे।
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यहां जांच करने आए आयोग के चले जाने बाद वे वापस लौटे थे। पीड़ित परिवार का आयोग के आगे पेश न होने से कई तरह के सवाल और लोगों में चर्चा हो रही है। दूसरी ओर इस मामले की यहां एडिशनल जिला एवं सेशन जज की अदालत में सुनवाई के लिए नए वर्ष की 15 जनवरी तय की है।
मृतक अर्शदीप की मां छिंदर कौर और उसके भाई व अन्य गवाहों को सम्मन जारी किए हुए हैं। बीती 11 दिसंबर को अदालत में गवाही के मौके मृतक लड़की अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह और घटना के समय बस में सफर कर रहे यात्री गवाहों ने घटना के बारे में कोई पुख्ता जानकारी न होने का बयान दिया था।
कानूनी माहिर भी गवाहों की तरफ से अदालत और पुलिस के पास दिए बयानों में अंतर आने से पुलिस की कहानी कमजोर होने की बात मानते हैं।
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गांव लंढेके में छिंदर कौर घर में मौजूद थी, लेकिन उसने पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक पीड़ित महिला छिंदर कौर का स्थानीय सिविल अस्पताल में माहिर डॉक्टरों की टीम से मेडिकल करवाया गया था। डॉ. राजेश मित्तल के नेतृत्व में टीम ने पीड़ित महिला के दिमागी तौर पर स्वस्थ न होने के बारे रिपोर्ट दी थी।
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एक अक्तूबर को यहां आयोग के जस्टिस वीके बाली मामले की जांच करने के लिए पहुंचे थे, उस समय पीड़ित परिवार स्थानीय सिविल एवं पुलिस प्रशासन को जानकारी दिए बिना किसी अज्ञात जगह पर चला गया था। इस दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद रखे थे।
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यहां जांच करने आए आयोग के चले जाने बाद वे वापस लौटे थे। पीड़ित परिवार का आयोग के आगे पेश न होने से कई तरह के सवाल और लोगों में चर्चा हो रही है। दूसरी ओर इस मामले की यहां एडिशनल जिला एवं सेशन जज की अदालत में सुनवाई के लिए नए वर्ष की 15 जनवरी तय की है।
मृतक अर्शदीप की मां छिंदर कौर और उसके भाई व अन्य गवाहों को सम्मन जारी किए हुए हैं। बीती 11 दिसंबर को अदालत में गवाही के मौके मृतक लड़की अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह और घटना के समय बस में सफर कर रहे यात्री गवाहों ने घटना के बारे में कोई पुख्ता जानकारी न होने का बयान दिया था।
कानूनी माहिर भी गवाहों की तरफ से अदालत और पुलिस के पास दिए बयानों में अंतर आने से पुलिस की कहानी कमजोर होने की बात मानते हैं।