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नीरज अरोड़ा रिमांड पर, निवेशकों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sat, 20 Feb 2016 02:47 PM IST
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छह दिन की पुलिस हिरासत के बाद नेचर हाइट्स कंपनी के एमडी नीरज अरोड़ा को शुक्रवार को फिर से न्यायाधीश अमित मल्हन की अदालत में पेश गया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी हुए।
पुलिस ने मौके पर ही उस पर दर्ज दूसरे मामले में चालान पेश किया, जिसमें अदालत ने नीरज को 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
इसी दौरान कोर्ट में पेश हुए दर्जनों निवेशकों ने न्यायाधीश से कहा कि वे पिछले कई महीने से पुलिस को नीरज अरोड़ा के खिलाफ शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन आज तक पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया।
इससे पहले निवेशकों ने कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की कि नीरज अरोड़ा की संपत्ति जब्त करके निवेशकों का पैसा ब्याज सहित लौटाया जाए।
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कोर्ट परिसर के बाहर निवेशक परमजीत सिंह वर्मा, अंकुश गुप्ता, मनोज कौशल, माया गुप्ता, नेहा गुप्ता, बाबूराम, राजकुमार गुरमीत बराड़, महीपाल यादव, गुरचरण सिंह, फरीदकोट, परमजीत कौर मुक्तसर, मांगेराम, शगन लाल, मलकीत कौर, पवन कुमार, खरैत लाल, प्रवीण कुमार, राहुल यादव, गुरचरण सिंह, मखन सिंह, लक्ष्मण सिंह, नरेश कुमार तथा रमजीत कौर ने बताया नीरज अरोड़ा ने जाली दस्तावेजों की मदद से विभिन्न शहरों में अपने प्रोजेक्ट दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की वसूली की।
किसी भी निवेशक को कोई प्लाट नहीं दिया गया। निवेशकों ने मांग की कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए तथा उनका पैसा ब्याज सहित वापस मिले।
उन्होंने नीरज अरोड़ा की सभी प्रापर्टी व बैंक खाते सील करने की मांग करते हुए इसके रिवाल्वर का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है क्योंकि यह रिवाल्वर तान कर निवेशकों को जान से मारने की धमकियां देता है।
अदालत परिसर में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील संदीप ठठई और हरप्रीत सिंह ने दलील दी कि पुलिस ने नीरज अरोड़ा की कंपनी के सभी दस्तावेज व रिकार्ड जब्त कर लिया है जिससे जांच पूरी की जा सकती।
इसके बाद नीरज को फिर से पुलिस रिमांड पर न भेजा जाए। वकीलों ने कहा कि नीरज अरोड़ा की गढ़शंकर में पांच सौ किल्ले जमीन है। इससे वह सारे निवेशकों का कम से कम 50 प्रतिशत पैसा जरूर लौटाएगा।
वहीं न्यायाधीश के समक्ष ही दर्जनों निवेशकों ने कहा कि नीरज अरोड़ा या उसकी कंपनी के नाम कोई जमीन नहीं है और वे अपना निवेश किया गया पैसा ब्याज सहित वसूल करेंगे।
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पुलिस ने मौके पर ही उस पर दर्ज दूसरे मामले में चालान पेश किया, जिसमें अदालत ने नीरज को 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
इसी दौरान कोर्ट में पेश हुए दर्जनों निवेशकों ने न्यायाधीश से कहा कि वे पिछले कई महीने से पुलिस को नीरज अरोड़ा के खिलाफ शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन आज तक पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया।
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इससे पहले निवेशकों ने कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की कि नीरज अरोड़ा की संपत्ति जब्त करके निवेशकों का पैसा ब्याज सहित लौटाया जाए।
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कोर्ट परिसर के बाहर निवेशक परमजीत सिंह वर्मा, अंकुश गुप्ता, मनोज कौशल, माया गुप्ता, नेहा गुप्ता, बाबूराम, राजकुमार गुरमीत बराड़, महीपाल यादव, गुरचरण सिंह, फरीदकोट, परमजीत कौर मुक्तसर, मांगेराम, शगन लाल, मलकीत कौर, पवन कुमार, खरैत लाल, प्रवीण कुमार, राहुल यादव, गुरचरण सिंह, मखन सिंह, लक्ष्मण सिंह, नरेश कुमार तथा रमजीत कौर ने बताया नीरज अरोड़ा ने जाली दस्तावेजों की मदद से विभिन्न शहरों में अपने प्रोजेक्ट दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की वसूली की।
किसी भी निवेशक को कोई प्लाट नहीं दिया गया। निवेशकों ने मांग की कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए तथा उनका पैसा ब्याज सहित वापस मिले।
उन्होंने नीरज अरोड़ा की सभी प्रापर्टी व बैंक खाते सील करने की मांग करते हुए इसके रिवाल्वर का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है क्योंकि यह रिवाल्वर तान कर निवेशकों को जान से मारने की धमकियां देता है।
अदालत परिसर में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील संदीप ठठई और हरप्रीत सिंह ने दलील दी कि पुलिस ने नीरज अरोड़ा की कंपनी के सभी दस्तावेज व रिकार्ड जब्त कर लिया है जिससे जांच पूरी की जा सकती।
इसके बाद नीरज को फिर से पुलिस रिमांड पर न भेजा जाए। वकीलों ने कहा कि नीरज अरोड़ा की गढ़शंकर में पांच सौ किल्ले जमीन है। इससे वह सारे निवेशकों का कम से कम 50 प्रतिशत पैसा जरूर लौटाएगा।
वहीं न्यायाधीश के समक्ष ही दर्जनों निवेशकों ने कहा कि नीरज अरोड़ा या उसकी कंपनी के नाम कोई जमीन नहीं है और वे अपना निवेश किया गया पैसा ब्याज सहित वसूल करेंगे।